
पत्नी बैंक गई थी, घर में पसरा सन्नाटा: मेरठ में पति ने फांसी लगाकर दी जान, लौटने पर सोफे पर खेलता मिला दो साल का बेटा
मेरठ के सिविल लाइन थाना क्षेत्र से सामने आई यह घटना हर किसी को झकझोर देने वाली है। एक ओर पत्नी भविष्य के सपने संजोते हुए बैंक से पैसे निकालने गई थी, तो दूसरी ओर घर के अंदर पति ने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। जब पत्नी वापस लौटी, तो उसका दो साल का बेटा बेखबर होकर सोफे पर खेल रहा था, जबकि कमरे में पंखे से उसका सुहाग झूल रहा था।
यह दर्दनाक घटना सोमवार दोपहर विजयनगर इलाके की है, जहां आरजी इंटर कॉलेज में कार्यरत सहायक अध्यापिका बबीता के पति रजनीश सैनी (40) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के समय घर में केवल रजनीश और उनका दो वर्षीय बेटा केशव मौजूद था।
बैंक से लौटी पत्नी, घर में बिखरी मिली जिंदगी
जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह बबीता गंगानगर इलाके में एक मकान की रजिस्ट्री के सिलसिले में बैंक से पैसे निकालने गई थीं। रजनीश घर पर ही थे और बेटे केशव को संभाल रहे थे। बबीता ने बैंक से कुछ जानकारी लेने के दौरान रजनीश को फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। उन्होंने इसे सामान्य समझा और काम निपटाकर करीब एक घंटे बाद घर लौट आईं।
घर पहुंचते ही उन्हें कुछ अजीब सा महसूस हुआ। बेटा केशव सोफे पर बैठा खेल रहा था। बबीता ने पहले यही सोचा कि रजनीश कहीं पास ही होंगे, लेकिन जब वह स्टोर रूम में गईं, तो वहां का दृश्य देखकर उनकी चीख निकल गई। रजनीश का शव पंखे से तार के सहारे लटका हुआ था।
चीख सुनकर जुटी भीड़, पत्नी हुई बेहोश
पत्नी की चीख सुनते ही मकान मालिक योगेश चंद्र और आसपास के लोग मौके पर दौड़े। सूचना मिलने पर पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने शव को नीचे उतारकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस दौरान बबीता सदमे में बेहोश हो गईं। मोहल्ले में मातम का माहौल बन गया।
नौ साल पहले हुई थी शादी, दो साल का मासूम बेटा
रजनीश सैनी मूल रूप से मुजफ्फरनगर के जानसठ क्षेत्र के रहने वाले थे। उनकी शादी करीब नौ साल पहले देवबंद निवासी बबीता से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद बबीता का चयन सहायक अध्यापिका के पद पर हो गया। पिछले तीन वर्षों से वह मेरठ के आरजी इंटर कॉलेज में पढ़ा रही थीं।
परिवार के अनुसार, बेटे के जन्म के बाद रजनीश ने वर्क फ्रॉम होम करना शुरू कर दिया था, ताकि बच्चे की देखभाल कर सकें। पिछले दो वर्षों से यह परिवार सिविल लाइन के विजयनगर इलाके में किराए के मकान में रह रहा था।
मकान खरीदने की तैयारी, उसी दिन टूटा परिवार
बबीता ने पुलिस को बताया कि परिवार गंगानगर में अपना मकान खरीदने की तैयारी कर रहा था। मंगलवार को मकान की रजिस्ट्री होनी थी। इसी सिलसिले में वह बैंक से पैसे निकालने गई थीं। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि जिस घर के सपने बुने जा रहे हैं, उसी दिन उनकी पूरी दुनिया उजड़ जाएगी।
परिजनों के गंभीर आरोप, जांच में जुटी पुलिस
घटना की सूचना मिलने पर रजनीश के पिता वेदप्रकाश, मां निर्मला और भाई अमित जानसठ से मेरठ पहुंचे। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। पुलिस के अनुसार, मृतक के परिजनों ने बबीता पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि आरोपों की प्रकृति और वजह को लेकर पुलिस अभी कुछ स्पष्ट नहीं कर रही है।
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि मामला संवेदनशील है और हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सवालों के घेरे में आत्महत्या
फिलहाल पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मानकर चल रही है, लेकिन पारिवारिक आरोपों और परिस्थितियों को देखते हुए सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रजनीश किसी मानसिक तनाव में थे या किसी घरेलू विवाद से परेशान थे।
मासूम की अनजान मुस्कान और टूटे सपने
इस पूरी घटना में सबसे ज्यादा झकझोर देने वाला दृश्य वह था, जब दो साल का केशव सोफे पर खेल रहा था, बिना यह जाने कि उसके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ चुका है। एक पल में एक खुशहाल परिवार बिखर गया—पत्नी विधवा हो गई, बच्चा अनाथ हो गया और माता-पिता ने अपना बेटा खो दिया।
आगे क्या?
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों को लेकर पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी। फिलहाल मामला जांच के अधीन है और सभी संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है।




