
बरेली में नवविवाहित युवक की मौत का रहस्य खुला, पत्नी और ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में एक नवविवाहित युवक की मौत का मामला अब सनसनीखेज हत्या में तब्दील हो गया है। जिस घटना को शुरुआत में आत्महत्या माना जा रहा था, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद वह एक सुनियोजित हत्या साबित हुई। इस मामले में मृतक की पत्नी, उसके पिता और मां को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

यह घटना थाना इज्जतनगर क्षेत्र के कैलाशपुरम मोहल्ले की है। यहां रहने वाले जितेंद्र, जो इंडियन वेटनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (IVRI) में संविदा पर कार्यरत थे, का शव उनके किराए के कमरे में संदिग्ध हालत में मिला था। पुलिस को सूचना मिली थी कि जितेंद्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो उसका शव रोशनदान से मफलर के सहारे लटका हुआ मिला, जबकि पैर नीचे रखे एक स्टूल पर टिके थे।
शुरुआती जांच में आत्महत्या की आशंका
घटना के समय कमरे की स्थिति देखकर पुलिस ने पहले इसे आत्महत्या का मामला मान लिया। शव की स्थिति, फंदा और कमरे में किसी तरह की तोड़फोड़ न होने के कारण शुरुआती जांच आत्महत्या की दिशा में ही बढ़ी। इसी आधार पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की और परिवार को सूचना दी गई।
हालांकि, मृतक के परिजनों ने शुरू से ही इस कहानी पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि जितेंद्र आत्महत्या करने वाला व्यक्ति नहीं था और उसकी मौत संदिग्ध है। परिजनों की मांग पर शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसने पूरे मामले की दिशा ही बदल दी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुआ बड़ा खुलासा
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ तौर पर बताया गया कि जितेंद्र की मौत फांसी से नहीं, बल्कि गला दबाने से हुई है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि पहले उसकी हत्या की गई और बाद में शव को फंदे से लटकाकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई। इसके बाद पुलिस ने मामले की दोबारा गंभीरता से जांच शुरू की।
फॉरेंसिक टीम ने भी मौके से अहम साक्ष्य जुटाए, जो आत्महत्या की थ्योरी से मेल नहीं खाते थे। इसके बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी ज्योति और उसके मायके पक्ष से पूछताछ शुरू की।
आठ साल का रिश्ता, दो महीने की शादी
जांच में सामने आया कि जितेंद्र और ज्योति के बीच करीब आठ साल से प्रेम संबंध था। लंबे समय तक चले इस रिश्ते के बाद दोनों ने परिवार की सहमति से शादी की थी। शादी को अभी महज दो महीने ही हुए थे, लेकिन इस छोटे से समय में ही रिश्ते में तनाव पैदा हो गया था।
जितेंद्र के परिवार का आरोप है कि शादी के बाद ज्योति उस पर लगातार दबाव बना रही थी। वह चाहती थी कि जितेंद्र अपनी पुश्तैनी संपत्ति बेचकर शहर में उसके नाम पर घर और एक कार खरीदे। जब जितेंद्र ने ऐसा करने से मना किया, तो कथित तौर पर दहेज उत्पीड़न के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाने लगी।
ऑनलाइन जुए को लेकर विवाद
पुलिस पूछताछ में एक और पहलू सामने आया। जांच में पता चला कि जितेंद्र ऑनलाइन जुआ खेलने का आदी था, जिसको लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था। घटना वाले दिन भी इसी बात को लेकर दोनों में कहासुनी हुई थी।
पुलिस ने जब कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाले, तो पता चला कि घटना के समय ज्योति ने अपने मायके पक्ष से बातचीत की थी। आखिरी कॉल भी उसी ने अपने परिजनों को की थी। इस जानकारी के बाद पुलिस का शक और गहरा हो गया।
हत्या की धाराओं में बदला केस
पहले पुलिस ने इस मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में केस दर्ज किया था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य सबूतों के बाद केस को हत्या में बदल दिया गया। थाना इज्जतनगर में क्राइम नंबर 66/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
जांच के बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी ज्योति, उसके पिता कालीचरण और मां चमेली को गिरफ्तार कर लिया। तीनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
परिवार की न्याय की मांग
जितेंद्र की मौत से उसके परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का कहना है कि उन्होंने अपने बेटे की प्रेम विवाह के लिए हामी भरी थी, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यही रिश्ता उसकी जान ले लेगा। परिवार ने पुलिस से सख्त कार्रवाई और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है।
इलाके में दहशत और चर्चा
इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और चर्चा का माहौल है। लोग यह सोचने पर मजबूर हैं कि कैसे एक नई शादी और सालों पुराने प्रेम संबंध का अंत इतनी बेरहमी से हुआ। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और अगर इसमें किसी और की संलिप्तता सामने आती है, तो उस पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बरेली का यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि घरेलू विवाद, लालच और गलत आदतें किस तरह एक इंसान की जिंदगी को खत्म कर सकती हैं।



