
पंजाब में गैंगस्टरों के खिलाफ सख्त अभियान: 767 छापेमारी में 148 गिरफ्तार, 4,061 तक पहुंची कुल गिरफ्तारी
पंजाब पुलिस ने राज्य में गैंगस्टरों और नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियानों के तहत रविवार को बड़ा सख्ती भरा कदम उठाया। ‘गैंगस्ट्रां ते वार’ अभियान के 13वें दिन पुलिस ने 767 जगहों पर छापेमारी कर 148 आरोपियों को गिरफ्तार किया और चार हथियार बरामद किए।

अभियान की शुरुआत 20 जनवरी को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देश पर हुई थी। इसका नेतृत्व पुलिस महानिदेशक गौरव यादव कर रहे हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य पंजाब को गैंगस्टर-मुक्त और सुरक्षित बनाना है।
अभियान की कार्रवाई और आंकड़े
पुलिस की टीमों ने सभी जिलों में एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) के सहयोग से विशेष अभियान चलाया। रविवार को 767 छापेमारी में 148 गिरफ्तारियां हुईं। इनमें 14 पहले से फरार घोषित अपराधी भी शामिल थे।
अभियान शुरू होने के बाद अब तक कुल 4,061 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा, 178 लोगों के खिलाफ निवारक कार्रवाई की गई और 291 लोगों से पूछताछ के बाद उन्हें सत्यापन कर छोड़ दिया गया।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि गैंगस्टरों और वांछित अपराधियों से जुड़ी जानकारी गुमनाम रूप से एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 पर साझा करें।
नशे के खिलाफ युद्ध: 73 तस्कर गिरफ्तार, भारी मात्रा में नशीली दवाइयां बरामद
साथ ही, ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान के तहत पुलिस ने नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखी। रविवार को पुलिस ने 73 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 2.8 किलोग्राम हेरोइन, 252 ग्राम अफीम, 386 नशीली गोलियां/कैप्सूल तथा 14,730 रुपये की नकदी बरामद की।
अभियान के 337 दिनों में अब तक कुल 47,355 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है। नशा मुक्ति और पुनर्वास कार्यक्रम के तहत रविवार को 30 लोगों को उपचार और पुनर्वास के लिए प्रेरित किया गया।
अभियान का उद्देश्य और प्रभाव
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों अभियानों—गैंगस्टर और नशा—के माध्यम से राज्य में अपराध और नशे पर कड़ा नियंत्रण किया जा रहा है। अभियान का व्यापक असर दिख रहा है। छोटे और बड़े अपराधियों पर दबाव बढ़ा है और आम नागरिकों के लिए सुरक्षा बेहतर हुई है।
अभियान की प्रभावशीलता का एक पहलू यह भी है कि फरार अपराधियों की संख्या घट रही है, और गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर अन्य गैंगस्टरों और नशा तस्करों की पहचान की जा रही है।
जनता के सहयोग की आवश्यकता
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे गैंगस्टरों और नशे के कारोबारियों से जुड़ी सूचनाओं को छुपाकर न रखें। गुमनाम सूचना देने से अपराधियों की गिरफ्तारी और राज्य में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो सकती है।
आगे की रणनीति
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अभियान जारी रहेगा। राज्य भर में नियमित रैड और छापेमारी के साथ-साथ नशे के खिलाफ भी कार्रवाई तेज की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान किसी भी कीमत पर पंजाब को अपराध और नशे से मुक्त बनाने के प्रयास का हिस्सा है।
गौरतलब है कि राज्य में इन अभियानों की शुरुआत के बाद अपराध की घटनाओं में कमी देखी जा रही है। अभियान का असर न केवल बड़े अपराधियों पर पड़ा है, बल्कि स्थानीय स्तर पर छोटी-मोटी अपराध प्रवृत्तियों पर भी नियंत्रण बना है।
निष्कर्ष
पंजाब पुलिस का यह सख्त अभियान राज्य में सुरक्षा और कानून व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो रहा है। ‘गैंगस्टर-मुक्त पंजाब’ और ‘नशा-मुक्त पंजाब’ की दिशा में लगातार कार्रवाई जारी है।
पुलिस की नजर: गैंगस्टरों और नशा तस्करों पर सख्त कार्रवाई, आम जनता के सहयोग से अपराधियों का पतन, और राज्य में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाना।


