
मौसम फिर बदलेगा करवट: पहाड़ों पर बर्फ की मार, मैदानों में बारिश और शीतलहर का अलर्ट
जनवरी का आखिरी सप्ताह खत्म होते-होते मौसम एक बार फिर देश के बड़े हिस्से में करवट लेने को तैयार है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने चेतावनी दी है कि 30 जनवरी की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसका असर उत्तर, उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में साफ तौर पर देखने को मिलेगा। इस मौसमी सिस्टम के चलते पहाड़ी राज्यों में भारी बर्फबारी, जबकि मैदानी इलाकों में बारिश, तेज हवाएं, शीतलहर और घना कोहरा लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकता है।

मौसम विभाग के अनुसार इस समय भी एक पश्चिमी विक्षोभ जम्मू-कश्मीर और उससे सटे क्षेत्रों में सक्रिय है, जो ऊपरी वायुमंडल में तेज पश्चिमी हवाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में 30 जनवरी की रात एक और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव में आने से मौसम और ज्यादा बिगड़ सकता है। एक फरवरी को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में व्यापक बारिश और बर्फबारी की प्रबल संभावना जताई गई है। इससे पर्वतीय इलाकों में ठंड अपने चरम पर पहुंच सकती है।
आईएमडी के मुताबिक जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्र, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में भारी बर्फबारी हो सकती है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश और बर्फ गिरने के आसार हैं। साथ ही 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और कुछ इलाकों में वज्रपात की भी चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि इस दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कें बंद होने, फिसलन बढ़ने और यातायात बाधित होने की आशंका है। पर्यटकों और स्थानीय लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी का सीधा असर मैदानी इलाकों के तापमान पर पड़ेगा। दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में एक फरवरी को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बारिश के साथ ठंडी हवाएं चलने से ठंड का असर और बढ़ जाएगा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार दिन में भी ठिठुरन महसूस की जा सकती है, जबकि रात और सुबह के समय सर्दी ज्यादा परेशान करेगी।
राजस्थान में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आएगा। राज्य के कुछ हिस्सों में 31 जनवरी और एक फरवरी को गरज के साथ हल्की बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। इससे जहां एक ओर तापमान में गिरावट आएगी, वहीं कई इलाकों में ठंड और बढ़ सकती है। हालांकि, हल्की बारिश से रबी फसलों को कुछ हद तक फायदा मिलने की उम्मीद भी जताई जा रही है।
आईएमडी ने हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में शीतलहर को लेकर चेतावनी जारी की है। 30 और 31 जनवरी को इन राज्यों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे जा सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि ठंडी हवाओं और कम तापमान के कारण सुबह और देर रात ठंड ज्यादा महसूस होगी। खासतौर पर बुजुर्गों, छोटे बच्चों और पहले से बीमार लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
ठंड के साथ-साथ घना कोहरा भी परेशानी का कारण बन सकता है। आने वाले दिनों में उत्तर और पूर्व भारत के कई राज्यों में कोहरे की चादर छाने की आशंका है। बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में दृश्यता काफी कम हो सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कोहरे के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है और रेल व हवाई सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। वाहन चालकों को फॉग लाइट का इस्तेमाल करने और धीमी गति से वाहन चलाने की सलाह दी गई है।
तापमान में गिरावट को लेकर भी मौसम विभाग ने अनुमान जारी किया है। आईएमडी के अनुसार उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में अगले दो दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसके बाद अगले दो दिनों में तापमान में दो से चार डिग्री की बढ़ोतरी होने की संभावना है। गुजरात में अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में तीन से पांच डिग्री तक की वृद्धि हो सकती है, जबकि इसके बाद चार दिनों में तापमान फिर से दो से तीन डिग्री तक गिर सकता है। देश के अन्य हिस्सों में फिलहाल तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है।
उत्तर भारत के साथ-साथ दक्षिण भारत में भी मौसम को लेकर सतर्कता बरतने की जरूरत है। आईएमडी के अनुसार दक्षिण भारत और श्रीलंका के आसपास के समुद्री क्षेत्रों में तेज हवाएं चल सकती हैं। मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र, दक्षिण तमिलनाडु तट और पश्चिमी श्रीलंका के तटीय इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है, जो कुछ समय के लिए 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। ऊंची समुद्री लहरों के चलते मछुआरों को इन इलाकों में समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।
कुल मिलाकर, जनवरी के अंतिम दिनों और फरवरी की शुरुआत में मौसम चुनौतीपूर्ण बना रह सकता है। पहाड़ों पर भारी बर्फबारी, मैदानों में बारिश और शीतलहर के साथ घना कोहरा आम जनजीवन को प्रभावित कर सकता है। मौसम विभाग की चेतावनियों को ध्यान में रखते हुए लोगों को सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां अपनाने की जरूरत है, ताकि बदलते मौसम के इस दौर में किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके।



