हरियाणा

रोहतक: बेटे की चाह में 42 साल की महिला ने 12 बार गर्भधारण किया, आखिरी बार बेटी देखकर बोली – अब और नहीं

रोहतक, हरियाणा: बेटे की चाह ने एक महिला की जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया। रोहतक जिले के बहुजमालपुर की सुदेश (42) ने शादी के बाद 27 वर्षों में 12 बार गर्भधारण किया। 23 जनवरी को उनके गर्भ से फिर एक बच्ची आई, और इस बार उन्होंने ठान लिया कि अब और बच्चे नहीं होंगें।

सुदेश की शादी 1998 में श्रीभगवान से हुई थी। पति और पत्नी दोनों ही मजदूरी करते हैं, वहीं पति ऑटो चलाकर परिवार का सहारा देते हैं। शादी के शुरुआती वर्षों से ही परिवार की एक बेटे की चाह रही। यही वजह रही कि सुदेश ने लगातार 12 बार गर्भधारण किया।

बच्चों की जिंदगी और मुश्किलें

सुदेश को 12 बार गर्भधारण के दौरान कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कुल 12 बच्चों में से केवल सात ही जीवित हैं। 2001 में पहली बेटी निशा हुई, जिसे लेकर घर में थोड़ी निराशा भी थी क्योंकि परिवार चाहता था कि पहला बच्चा बेटा हो। अन्य बेटियों में मनीषा, प्रेरणा, प्रिया, राधिका और काजल शामिल हैं।

फिलहाल निशा और मनीषा की शादी हो चुकी है। मनीषा के दो बच्चे भी हैं। बाकी बच्चे अभी परिवार के साथ रहते हैं। सुदेश की आखिरी बेटी 23 जनवरी को PGI, रोहतक में जन्मी। कम हीमोग्लोबिन और हाई-रिस्क गर्भावस्था के बावजूद डॉक्टरों ने सफल नॉर्मल डिलीवरी कराई। महिला ने कहा कि अब उन्हें बेटों की चाह में और गर्भधारण नहीं करना।

सुदेश की हिम्मत और परिवार की चाह

सुदेश की मां लक्ष्मी ने कहा, “मेरी बेटी ने केवल बेटे की उम्मीद में इतनी परेशानियाँ सह लीं। शरीर भी कमजोर था, लेकिन उसने हार नहीं मानी।” पति श्रीभगवान बताते हैं कि वह अपने पिता का अकेला बेटा हैं और परिवार में उनका नाम चलाने के लिए भी बेटे की चाह थी।

सुदेश ने पहले बेटे को खोने का दर्द भी झेला। 2020 में उनका इकलौता बेटा कुछ ही घंटों में दुनिया छोड़ गया। दो बेटियों का जन्म भी मौत के साथ जुड़ा रहा। इसके अलावा महिला को दो बार गर्भपात भी कराना पड़ा।

शिक्षा और बच्चों की देखभाल

सुदेश की बड़ी बेटियां निशा और मनीषा शादी के बाद अपने घर चली गई हैं। अन्य बेटियां पढ़ाई कर रही हैं – काजल (12वीं), राधिका (11वीं), प्रेरणा (7वीं)। सात वर्षीय प्रिया अभी स्कूल नहीं जाती। स्वास्थ्य कारणों से निशा मायके में ही रहती है।

परिवार नियोजन और डॉक्टरों की चेतावनी

महिला की हाई-रिस्क गर्भावस्थाओं के कारण डॉक्टरों ने कई बार सुदेश को गर्भधारण न करने और परिवार नियोजन अपनाने की सलाह दी। महिला ने परिवार की इच्छा के आगे यह सलाह मानने से इंकार किया।

हरियाणा में बेटों की चाह की कहानियाँ

हाल ही में जींद जिले में भी बेटे की चाह में महिलाओं के कई मामले चर्चा में रहे। उचाना खुर्द की रितु और फतेहाबाद जिले की सुनीता ने 10-10 बेटियों के बाद 11वें बच्चे के रूप में बेटा पाया और अंततः चैन पाया।

Join WhatsApp Channel Join Now
Subscribe and Follow on YouTube Subscribe
Follow on Facebook Follow
Follow on X-twitter Follow
Download from Google Play Store Download

Related Articles

Back to top button