
हलवारा एयरपोर्ट से खुलेगा पंजाब का हवाई द्वार, पीएम मोदी 1 फरवरी को करेंगे वर्चुअल लॉन्च
पंजाब के औद्योगिक नक्शे पर एक अहम अध्याय जुड़ने जा रहा है। लुधियाना के हलवारा में बने अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का उद्घाटन अब तय हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 फरवरी को वर्चुअल माध्यम से इस एयरपोर्ट का शुभारंभ करेंगे। इस ऐतिहासिक मौके से पहले प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियां और तकनीकी टीमें अलर्ट मोड पर आ गई हैं।

प्रशासन ने संभाला मोर्चा
उद्घाटन की घोषणा के बाद जिला प्रशासन ने तैयारियों की कमान संभाल ली है। डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने एयरपोर्ट परिसर का निरीक्षण कर स्पष्ट निर्देश दिए कि 31 जनवरी से पहले सभी तकनीकी, सुरक्षा और लॉजिस्टिक कार्य पूरे कर लिए जाएं।
निरीक्षण के दौरान एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता, एयरपोर्ट सुरक्षा प्रभारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। यात्री सुरक्षा, ट्रैफिक मैनेजमेंट और आपात सेवाओं की विशेष समीक्षा की गई।
AAI की टीम ने परखी तकनीकी क्षमता
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) की विशेषज्ञ टीम ने रनवे, टर्मिनल भवन, एयर ट्रैफिक सिस्टम और सुरक्षा ढांचे का परीक्षण किया। एयरपोर्ट प्रबंधन का कहना है कि एयरपोर्ट सभी मानकों पर खरा उतर रहा है और उद्घाटन के लिए पूरी तरह तैयार है।
एयरपोर्ट के सीईओ जगीर सिंह ने बताया कि यह प्रोजेक्ट पंजाब के लिए सिर्फ एक एयरपोर्ट नहीं, बल्कि आर्थिक विकास का नया इंजन साबित होगा।
राज्य सरकार भी सक्रिय
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चंडीगढ़ में उच्च स्तरीय बैठक कर उद्घाटन से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि हलवारा एयरपोर्ट राज्य के उद्योग, रोजगार और निवेश के लिए निर्णायक भूमिका निभाएगा।
पहली उड़ान से आएंगे केंद्रीय मंत्री
एयरपोर्ट की पहली उड़ान के साथ ही दिल्ली से कई प्रमुख नेता हलवारा पहुंचेंगे। इनमें
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू,
भाजपा के वरिष्ठ नेता सुनील जाखड़,
अश्वनी शर्मा,
और रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू शामिल होंगे।
इनकी मौजूदगी को एयरपोर्ट के राष्ट्रीय महत्व से जोड़कर देखा जा रहा है।
उद्योग और व्यापार को मिलेगा सीधा फायदा
करीब 162 एकड़ में विकसित यह एयरपोर्ट लुधियाना और आसपास के इलाकों को सीधे देश के प्रमुख शहरों से जोड़ेगा। इससे
कपड़ा उद्योग,
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर,
निर्यात कारोबार
को सीधी उड़ानों का लाभ मिलेगा।
स्थानीय उद्योग संगठनों का मानना है कि हवाई संपर्क शुरू होने से निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।


