
मूर्ति विसर्जन बना मातम की वजह: यमुना नहर में समाया युवक, तेज बहाव से बढ़ी चिंता; पूरी रात चला रेस्क्यू ऑपरेशन
धार्मिक आस्था और उत्साह के बीच दिल्ली–यूपी सीमा पर एक दर्दनाक हादसे ने खुशी को मातम में बदल दिया। मूर्ति विसर्जन के लिए यमुना नहर पहुंचे लोगों के एक समूह में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब उनका एक साथी अचानक फिसलकर तेज बहाव वाली नहर में समा गया। घटना शनिवार रात करीब आठ बजे की बताई जा रही है, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, 5 से 6 लोग मूर्ति विसर्जन की तैयारी कर रहे थे। नहर के किनारे गीली जमीन और तेज धार के कारण अचानक संतुलन बिगड़ने से युवक पानी में गिर गया। देखते ही देखते वह नहर की तेज लहरों में ओझल हो गया। साथ मौजूद लोगों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर जमा हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश पुलिस को अलर्ट किया गया। कुछ ही देर में स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पूर्वी दिल्ली के जिलाधिकारी अमोल श्रीवास्तव ने बताया कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। करीब साढ़े आठ बजे एनडीआरएफ को बुलाया गया, जबकि यूपी एसडीआरएफ और दिल्ली डीडीएमए की टीमें भी संयुक्त रूप से तलाश अभियान में जुट गईं।
प्रशासन के अनुसार, यमुना नहर का यह हिस्सा बेहद खतरनाक माना जाता है। पानी की धारा तेज होने के साथ-साथ गहराई भी अधिक है, जिससे रेस्क्यू में भारी मुश्किलें आ रही हैं। गोताखोरों को रस्सियों और विशेष उपकरणों की मदद से नहर में उतारा गया है। रात के अंधेरे और तेज बहाव के कारण ऑपरेशन को बेहद सावधानी से अंजाम दिया जा रहा है।
घटना के बाद से युवक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वे मौके पर मौजूद हैं और हर गुजरते पल के साथ किसी चमत्कार की उम्मीद लगाए बैठे हैं। प्रशासन ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि तलाश अभियान में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
इस हादसे ने एक बार फिर मूर्ति विसर्जन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हर साल ऐसे आयोजनों में लापरवाही या पर्याप्त इंतजाम न होने के कारण जानलेवा घटनाएं सामने आती हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे धार्मिक आयोजनों के दौरान जलस्रोतों के पास अतिरिक्त सतर्कता बरतें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
फिलहाल, यमुना नहर में लापता युवक की तलाश जारी है। कई एजेंसियां मिलकर पूरी रात अभियान चला रही हैं। प्रशासन का कहना है कि जब तक युवक का पता नहीं चल जाता, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहेगा।



