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पंजाबी गायक प्रेम ढिल्लो पर अफीम प्रमोट करने का आरोप, एडवोकेट शांडिल्य ने की मामला दर्ज दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग

चंडीगढ़ के डीजीपी व एसएसपी को भेजी एडवोकेट वासु रंजन शांडिल्य ने शिकायत

पंजाबी गायक प्रेम ढिल्लो पर अफीम प्रमोट करने का आरोप, एडवोकेट शांडिल्य ने की मामला दर्ज दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग

चंडीगढ़ के डीजीपी व एसएसपी को भेजी एडवोकेट वासु रंजन शांडिल्य ने शिकायत

चंडीगढ़ में भारी मात्रा में अफ़ीम के साथ सरेआम दिखे प्रेम ढिल्लों व उनके साथी

सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के एडवोकेट शांडिल्य बोले: किसी कीमत पर नशे का प्रचार व युवाओं को गुमराह नहीं होने नहीं दिया जाएगा

अफीम कहा से आई, डीलर कौन है पुलिस करें सभी तथ्यों की जांच : एडवोकेट शांडिल्य

चंडीगढ़: पंजाबी सिंगर प्रेम ढिल्लो द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो सामने आने के बाद काउंसिल ऑफ लॉयर्स के चेयरमैन सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के एडवोकेट वासु रंजन शांडिल्य ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वीडियो में सिंगर के हाथ में अफीम का पैकेट दिखाई दे रहा है और वह नशीले पदार्थों को अप्रत्यक्ष रूप से प्रमोट कर रहे हैं।

एडवोकेट वासु रंजन शांडिल्य ने इस मामले में डीजीपी और एसएसपी चंडीगढ़ को औपचारिक शिकायत दी है और एनडीपीएस एक्ट, 1985 के तहत सिंगर के खिलाफ FIR दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की है।

एडवोकेट शांडिल्य ने पुलिस से मांग की है कि यह जांच की जाए कि सिंगर के पास अफीम कहां से आई, इसका स्रोत क्या है, और इतनी मात्रा—लगभग 300 से 400 ग्राम अफीम—कैसे एकत्र की गई। उन्होंने कहा कि जब पंजाब में एंटी-ड्रग अभियान चल रहा है, तब इस तरह के कृत्य युवाओं को गुमराह करने वाले हैं। शांडिल्य ने कहा एक तरफ़ पंजाब के राज्यपाल नशे के ख़िलाफ़ मैराथन कर रहे है दूसरी तरफ पंजाब के ही प्रसिद्ध गायक नशे को प्रमोट कर रहे है ।

एडवोकेट शांडिल्य ने यह भी कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि सिंगर को पुलिस सुरक्षा प्राप्त है। आशंका जताई गई है कि कहीं पुलिस सुरक्षा की आड़ में नशे के कारोबार में संलिप्तता तो नहीं है। उन्होंने सिंगर के साथ मौजूद अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की मांग की है। एडवोकेट शांडिल्य ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर कोई कार्रवाई नहीं होती, तो वह पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करेंगे। एडवोकेट शांडिल्य ने कहा कि यह मामला प्राथमिक तौर पर एनडीपीएस एक्ट, 1985 के तहत गंभीर अपराध बनता है। प्रभावशाली सार्वजनिक हस्तियों द्वारा नशीले पदार्थों का महिमामंडन युवाओं पर खतरनाक और अपरिवर्तनीय प्रभाव डाल सकता है, जिससे कानून-व्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचता है। फिलहाल पुलिस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

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