
इंद्रा नगर फायरिंग कांड: रिटायर्ड दरोगा के परिवार पर हमले में एक और आरोपी सलाखों के पीछे
आगरा के शाहगंज थाना क्षेत्र के इंद्रा नगर में रिटायर्ड दरोगा के बेटे और भतीजे को गोली मारकर घायल करने के मामले में पुलिस को एक और अहम सफलता मिली है। इस सनसनीखेज हमले में शामिल एक और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस की लगातार कार्रवाई से जहां आरोपियों में खलबली मची हुई है, वहीं पीड़ित परिवार को भी इंसाफ की उम्मीद बंधी है।

यह वारदात 11 जनवरी की रात की है, जब इंद्रा नगर निवासी रिटायर्ड दरोगा सुरेंद्र सिंह के बेटे विष्णु उर्फ राघवेंद्र और उनके भतीजे सत्येंद्र पर घर के बाहर अचानक ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी गई थी। गोली लगने से दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। रात के सन्नाटे में गोलियों की आवाज से पूरा इलाका दहल उठा था। परिजन और पड़ोसी मौके पर पहुंचे और आनन-फानन में घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां दोनों का इलाज चला।
घटना की सूचना मिलते ही शाहगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। शुरुआती जांच में ही यह साफ हो गया था कि हमला किसी पुरानी रंजिश या आपराधिक साजिश का नतीजा हो सकता है। पुलिस ने रिटायर्ड दरोगा की शिकायत पर नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और अलग-अलग टीमों का गठन कर छानबीन तेज कर दी।
पुलिस जांच में सामने आया कि इस फायरिंग कांड में इलाके के कुख्यात अपराधी शामिल हैं। थाना प्रभारी निरीक्षक के अनुसार, इस मामले में हिस्ट्रीशीटर वीपी उर्फ विनय, शारिक और अनस की भूमिका सामने आई थी। वीपी उर्फ विनय पहले से ही आपराधिक मामलों में लिप्त रहा है और वह एक पुराने केस में कोर्ट में पेशी के बाद जेल चला गया था।
इसके बाद पुलिस ने एक-एक कर इस साजिश से जुड़े अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया। वीपी के पिता राजू, भाई छोटू, उसका साथी अमित ठाकुर और हमले में सहयोग करने वाले दानिश व नवाजिश को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। पुलिस का कहना है कि इन सभी ने किसी न किसी रूप में हमले की योजना बनाने या उसे अंजाम देने में मदद की थी।
इसी कड़ी में मंगलवार को पुलिस ने दयाल नगर निवासी प्रिंस को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि प्रिंस इस घटना में शामिल था और आरोपियों के साथ मिलकर काम कर रहा था। वह आरोपी अमित ठाकुर का मौसेरा भाई बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, प्रिंस ने हमलावरों को सहयोग दिया और घटना के बाद उन्हें छिपने में भी मदद की थी।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी प्रिंस को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपी से कई अहम जानकारियां मिली हैं, जिससे फरार आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, इस मामले के दो मुख्य आरोपी हिस्ट्रीशीटर अनस और शारिक अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और जल्द ही दोनों को गिरफ्तार करने का दावा किया जा रहा है।
इस घटना के बाद इंद्रा नगर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। वहीं, पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर भरोसा जताते हुए कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही सभी दोषियों को सजा मिलेगी और उन्हें न्याय मिलेगा।



