वाराणसी में खौफनाक रात: ऑटो चालक का कत्ल, कस्टडी में दरोगा की पिस्टल छीनकर पुलिस पर फायरिंग, एनकाउंटर में ढेर होते-होते बचा आरोपी
वाराणसी में अपराध की एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने आम लोगों के साथ-साथ पुलिस महकमे को भी झकझोर कर रख दिया। एक ऑटो चालक की बेरहमी से हत्या करने वाला आरोपी पुलिस हिरासत में ऐसा तांडव मचाएगा, इसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। आरोपी ने कस्टडी के दौरान दरोगा की सरकारी पिस्टल छीन ली और पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में गोली लगते ही वह जमीन पर गिर पड़ा और मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया।

यह सनसनीखेज घटना सुंदरपुर–नेवादा रोड स्थित मधुबन लॉन के पास की है। मृतक ऑटो चालक की पहचान अशोक विहार कॉलोनी निवासी महेश यादव के रूप में हुई है, जो अपनी ऑटो चलाकर पत्नी और तीन मासूम बच्चों की जिंदगी चला रहा था। किसी को नहीं पता था कि सवारी के इंतजार में खड़ा महेश उस रात घर कभी नहीं लौटेगा।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी विष्णु यादव ने सिर्फ इसलिए महेश की हत्या कर दी क्योंकि उसने लंका जाने से इनकार कर दिया था। मामूली कहासुनी देखते ही देखते हैवानियत में बदल गई। आरोपी ने पेपर कटिंग वाले ब्लेड से महेश का गला रेत दिया और मौके से फरार हो गया।
हत्या के बाद जब पुलिस ने आरोपी को दबोचा और उसे साक्ष्य बरामदगी के लिए लेकर जा रही थी, तभी सोमवार देर रात चितईपुर थाना क्षेत्र में आरोपी ने अचानक दरोगा की पिस्टल छीन ली। इससे पहले कि पुलिस कुछ समझ पाती, विष्णु ने टीम पर फायर झोंक दिया। गोलियों की आवाज से इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। एक गोली आरोपी के बाएं पैर में जा लगी। गोली लगते ही वह जमीन पर गिर पड़ा और अचेत हो गया। इसके बाद पुलिस ने उसे काबू में लेकर बीएचयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, जहां उसका इलाज कराया गया। हालत स्थिर होने के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।
डीसीपी क्राइम सरवणन टी. ने बताया कि आरोपी बेहद खतरनाक और हिंसक प्रवृत्ति का है। हिरासत में भी उसने पुलिसकर्मियों की जान जोखिम में डाल दी। अगर समय रहते कार्रवाई न होती तो हालात और भयावह हो सकते थे।
इस पूरे मामले में आरोपी की मानसिक स्थिति को लेकर भी चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार के मुताबिक, विष्णु यादव की हरकतों से उसके अपने परिजन भी उससे नाता तोड़ चुके थे। उसने अपनी छोटी अविवाहित बहन के साथ मारपीट की थी, जिसके बाद परिवार ने उसे घर से निकाल दिया। पड़ोसियों का कहना है कि वह अक्सर लोगों से झगड़ा करता था और उसकी हरकतें किसी साइको से कम नहीं थीं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि इलाके में पहले से डर का माहौल था। कई बार शिकायतें हुईं, लेकिन कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हो पाई। लोगों को अंदेशा था कि वह किसी दिन बड़ी वारदात करेगा, और आखिरकार वही हुआ।
अब वाराणसी पुलिस आरोपी के पूरे आपराधिक रिकॉर्ड को खंगाल रही है। इस वारदात ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर समाज में ऐसे खतरनाक अपराधी कैसे खुलेआम घूमते रहते हैं और एक मामूली बात कैसे किसी की जान ले लेती है।



