दिल्ली

पश्चिमी विक्षोभ का असर: पहाड़ों में बर्फ, मैदानों में बारिश और कोहरे से बढ़ेगी ठंड

उत्तर भारत में मौसम एक बार फिर बड़ा करवट लेने जा रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के लगातार सक्रिय रहने के कारण आने वाले दिनों में पहाड़ी राज्यों से लेकर मैदानी इलाकों तक मौसम का मिजाज बदला-बदला नजर आएगा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक 22 जनवरी से हिमालयी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी का नया दौर शुरू हो सकता है, जबकि मैदानी इलाकों में तेज हवाओं, गरज-चमक, हल्की बारिश और घने कोहरे का असर देखने को मिलेगा। इस बदलाव से जहां पहाड़ों में ठंड और बढ़ेगी, वहीं मैदानों में भी सर्दी फिर से तेज हो सकती है।

हिमालयी राज्यों में सक्रिय होगा बर्फबारी का सिलसिला

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मौसम सबसे ज्यादा असर दिखाने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार 21 और 22 जनवरी को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है। कश्मीर घाटी के कुछ इलाकों में 22 और 23 जनवरी को भारी बर्फबारी के आसार हैं। इससे जनजीवन प्रभावित होने की संभावना है, खासकर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में।

हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में भी 23 जनवरी को बर्फबारी हो सकती है। शिमला, मनाली, लाहौल-स्पीति और किन्नौर जैसे इलाकों में तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। उत्तराखंड के ऊंचे जिलों—उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़—में भी बर्फ गिरने और ठंडी हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। बर्फबारी के चलते कई पहाड़ी सड़कों पर यातायात प्रभावित हो सकता है।

मैदानी इलाकों में बारिश और ठंडी हवाएं

पश्चिमी विक्षोभ का असर सिर्फ पहाड़ों तक सीमित नहीं रहेगा। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा राजस्थान के कुछ हिस्सों में अगले दो-तीन दिनों के दौरान हल्की बारिश हो सकती है। कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी होने की संभावना है।

हालांकि हाल के दिनों में इन राज्यों में तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, जिससे लोगों को सर्दी से कुछ राहत मिली थी, लेकिन बारिश और ठंडी हवाओं के बाद फिर से ठिठुरन बढ़ सकती है। खासकर सुबह और रात के समय ठंड का असर ज्यादा महसूस किया जाएगा।

तेज हवाओं और बिजली गिरने का खतरा

मौसम विभाग ने कुछ इलाकों के लिए चेतावनी भी जारी की है। 23 जनवरी को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी के दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।

हिमाचल प्रदेश में 22 और 23 जनवरी को तथा उत्तराखंड में 23 जनवरी को वज्रपात के साथ बारिश के हालात बन सकते हैं। ऐसे में लोगों को खुले स्थानों से दूर रहने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

पहाड़ों में और गिरेगा पारा

पहाड़ी इलाकों में पहले से ही कड़ाके की ठंड पड़ रही है। कश्मीर घाटी में न्यूनतम तापमान में एक बार फिर गिरावट दर्ज की गई है। सोनमर्ग का तापमान करीब 6 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि श्रीनगर में तापमान माइनस 3.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। एक दिन पहले की तुलना में यह गिरावट काफी ज्यादा है।

हिमाचल प्रदेश में भी रात का तापमान कई जगहों पर 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। शिमला समेत राज्य के 17 से अधिक स्थानों पर सर्द रातें दर्ज की जा रही हैं। बर्फबारी के बाद इन इलाकों में ठंड और बढ़ने की पूरी संभावना है।

उत्तर भारत में घना से बहुत घना कोहरा

मैदानी इलाकों में ठंड के साथ-साथ कोहरा भी बड़ी परेशानी बना हुआ है। हरियाणा और पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में घना से बहुत घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे दृश्यता 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई। इसका असर सड़क, रेल और हवाई यातायात पर पड़ रहा है।

मौसम विभाग के अनुसार पंजाब में 21 जनवरी तक कई इलाकों में घना कोहरा बना रह सकता है, जबकि 22 जनवरी को अत्यंत घने कोहरे की स्थिति बन सकती है। हरियाणा और चंडीगढ़ में भी 21 जनवरी तक कोहरे की आशंका जताई गई है। सुबह और देर रात के समय वाहन चालकों को खास सतर्कता बरतने की जरूरत है।

दिल्ली-एनसीआर में बदलेगा मौसम

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में भी मौसम के तेवर बदलने वाले हैं। मौसम विभाग के मुताबिक 21 जनवरी की रात से नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा। इसके असर से 23 जनवरी को दिल्ली में हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक की संभावना है। इसी को देखते हुए दिल्ली के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।

21 और 22 जनवरी को दिल्ली-एनसीआर में सुबह के समय हल्का से मध्यम कोहरा छाया रह सकता है। दिन में आंशिक बादल देखने को मिलेंगे। न्यूनतम तापमान 6 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि दोपहर के समय हल्की हवाएं चल सकती हैं।

सतर्कता बरतने की सलाह

मौसम विभाग ने पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि बर्फबारी और बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क बंद होने की स्थिति बन सकती है। वहीं मैदानी इलाकों में कोहरा और बारिश के चलते दृश्यता कम रहने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।

कुल मिलाकर, उत्तर भारत में आने वाले कुछ दिन मौसम के लिहाज से चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। पहाड़ों पर बर्फ की सफेद चादर बिछेगी, जबकि मैदानों में बारिश, कोहरा और ठंडी हवाएं लोगों को सर्दी का एहसास और बढ़ा देंगी। ऐसे में जरूरी है कि लोग मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखें और सावधानी के साथ अपने दैनिक कामकाज की योजना बनाएं।

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