
रोहतक में मासूम का अपहरण! गोद न देने पर बाइक सवार महिला-पुरुष ने छीन ली छह माह की बच्ची, CCTV में कैद सनसनीखेज वारदात
हरियाणा के रोहतक से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने स्थानीय लोगों के साथ ही पूरे शहर में सनसनी फैला दी। मॉडल टाउन इलाके में शनिवार रात छह माह की मासूम बच्ची का अपहरण कर लिया गया। आरोप है कि बच्ची के अपहरण का कारण उसकी मां ने उसे गोद देने से मना कर दिया था। इस वारदात ने हर किसी को हिला दिया क्योंकि घटना पूरी तरह सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।

पीड़िता गीता, उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले की रहने वाली, रोहतक में अपने परिवार के साथ किराये के मकान में रहती हैं। वह अपने बिस्किट के छोटे व्यवसाय के जरिये परिवार का पालन-पोषण करती हैं। उनके तीन बच्चे हैं—सबसे बड़ी बेटी शिवानी, बेटा बलराम और सबसे छोटी छह माह की बेटी गौरी। गीता ने पुलिस को बताया कि बच्चे और वह नियमित रूप से बाजार से लौटते समय रात के समय पैदल आते हैं।
घटना 17 जनवरी की रात करीब 10:20 बजे हुई। गीता अपने बच्चों के साथ कमल कॉलोनी की ओर पैदल लौट रही थी। शिवानी और बलराम उसके साथ चल रहे थे, जबकि वह मासूम गौरी को गोद में लिए हुए थी। उसी दौरान मॉडल टाउन के पास डबल पार्क इलाके में दो बाइक सवार सामने आए।
दोनों बाइक सवार—एक महिला और एक पुरुष—गौरतलब रूप से बच्ची को गोद लेने का दबाव डाल रहे थे। गीता ने उन्हें समझाया कि वह अपनी बच्ची को किसी को नहीं दे सकती। लेकिन आरोपियों ने जिद पकड़ी और मां से कहा, “इतनी परेशानी क्यों उठाती हो, बच्ची और सामान हमें दे दो।”
थकी-हारी गीता ने भरोसे के कारण बच्ची और सामान सौंप दिया। लेकिन इसके बाद आरोपी बाइक से फरार हो गए, और सामान सड़क पर फेंक दिया। इस घटना के बाद गीता और आसपास के लोग दहशत में पड़ गए। मासूम को अपनी आंखों के सामने छीन लिया जाना किसी भी मां के लिए किसी भी सोच से बाहर की त्रासदी थी।
गीता ने पुलिस को बताया कि इस पूरी घटना की पृष्ठभूमि और भी डरावनी है। मकर संक्रांति के दिन, यानी 14 जनवरी को, वही युवक बजरंग भवन चौक पर उसके पास आया था। उसने बच्ची को गोद देने के लिए दबाव डाला था और यह कहते हुए डराया कि “तीन बच्चों का पालन कैसे करोगी?” गीता ने साफ इंकार कर दिया। अब उसे संदेह है कि वही युवक अपनी महिला साथी के साथ मिलकर शनिवार रात उसकी बच्ची का अपहरण कर ले गए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए गीता ने तुरंत सिविल लाइन थाने में अज्ञात महिला और पुरुष के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर तुरंत जांच शुरू कर दी। अधिकारी बता रहे हैं कि CCTV फुटेज खंगाली जा रही है और इलाके में छापेमारी की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रोहतक में ऐसे गिरोह सक्रिय हो सकते हैं, जो गरीब परिवारों की मजबूरी और मासूमों के भरोसे का फायदा उठाकर अपराध करते हैं। हर कोई यह सोच कर सिहर उठा कि अगर समय पर कार्रवाई नहीं हुई, तो ऐसी घटनाएं लगातार बढ़ सकती हैं।
पुलिस का कहना है कि वे आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर मासूम बच्ची को सुरक्षित बरामद करने का दावा कर रहे हैं। फिलहाल गीता की आंखें हर आने-जाने वाले चेहरे में अपनी बेटी को खोज रही हैं, और पूरे इलाके में सनसनी का माहौल बना हुआ है।
यह घटना सिर्फ एक अपहरण नहीं है, बल्कि समाज और प्रशासन के लिए एक चेतावनी भी है। गरीबी, मजबूरी और भरोसे के बंधन को तोड़कर मासूमों को निशाना बनाया जा रहा है। सवाल यह है कि क्या समय रहते बच्ची सुरक्षित घर लौट पाएगी, या यह मासूम हमेशा के लिए अंधेरे में खो जाएगी।
यह वारदात हर माता-पिता के लिए डरावना सबक है—जहां समाज की लापरवाही और अपराधियों की हिम्मत मिलकर बच्चों की जिंदगी को खतरे में डाल सकती है। रोहतक पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि मासूम को जल्द से जल्द सुरक्षित वापस लाया जा सके।

