पंजाब

राजपुरा में भीषण हादसा: PRTC बस समेत कई वाहन आपस में भिड़े, घायलों में छात्राएं भी शामिल, परखच्चे उड़ गए, चीख-पुकार मची

पंजाब के पटियाला जिले के राजपुरा में रविवार सुबह घनी धुंध और सड़क पर खड़े एक खराब कैंटर की वजह से एक भीषण सड़क हादसा हुआ। पीआरटीसी बस सहित 5-6 वाहन आपस में टकरा गए। हादसे में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए और घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। दुर्घटना के कारण वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, उनके परखच्चे सड़क पर बिखर गए।

कैसे हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, हादसा राजपुरा के गांव चमारू के पास हुआ। रात से ही सड़क के बीचों-बीच खड़े कैंटर और सुबह छाई घनी धुंध ने दृश्यता लगभग शून्य कर दी। पीछे से आ रहे वाहन चालकों को कैंटर नजर नहीं आया। सबसे पहले कुछ वाहन कैंटर से टकराए, इसके बाद पीआरटीसी बस की टक्कर हुई और पीछे से आने वाले अन्य वाहन भी आपस में भिड़ते गए।

इस हादसे में बस ड्राइवर समेत लगभग 12 सवारियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। इनमें से एक व्यक्ति की हालत इतनी नाजुक थी कि उसे पटियाला के राजिंद्रा अस्पताल रेफर करना पड़ा।

छात्राओं के सपनों पर लगे आघात

हादसे में पीआरटीसी बस में कई छात्राएं भी सवार थीं, जो क्लर्क की परीक्षा देने जा रही थीं। हादसे के कारण उन्हें चोटें आईं और मानसिक सदमे के चलते उनकी परीक्षा छूट गई। छात्राओं ने बताया कि उनकी महीनों की मेहनत इस सड़क हादसे की लापरवाही की भेंट चढ़ गई।

ग्रामीण और यात्री हादसे के दृश्य देखकर सकते थे कि यह कितना भयानक था। चीख-पुकार और हाहाकार पूरे इलाके में गूंज उठा।

चिकित्सा सहायता और राहत कार्य

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और राहत टीम मौके पर पहुंचे। घायलों को तुरंत राजपुरा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

डॉक्टर तरन कौर ने बताया कि ज्यादातर मरीजों का प्राथमिक उपचार किया गया और उन्हें छुट्टी दे दी गई।

गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को पटियाला रेफर किया गया।

पुलिस और सड़क सुरक्षा टीम ने क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात बहाल करवाया।

सड़क सुरक्षा पर उठते सवाल

हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग यह पूछ रहे हैं कि सड़क के बीच खड़े खराब वाहन क्यों नहीं हटाए जाते, और क्या प्रशासन इन मासूम छात्रों के प्रभावित भविष्य और घायलों की स्थिति के लिए जिम्मेदार नहीं है।

स्थानीय पुलिस ने कहा कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सावधानियों की जरूरत

विशेषज्ञों का कहना है कि घनी धुंध में वाहन चलाना अत्यंत खतरनाक होता है। ऐसे में:

धीमी रफ्तार बनाए रखना,

वाहन की हेडलाइट और फॉग लाइट का उपयोग करना,

सड़क किनारे खड़े खराब वाहनों से सावधान रहना

बेहद जरूरी है।

यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि सावधानी, सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही में कोई कमी न हो, अन्यथा मासूम जानें खतरे में पड़ सकती हैं।

Join WhatsApp Channel Join Now
Subscribe and Follow on YouTube Subscribe
Follow on Facebook Follow
Follow on X-twitter Follow
Download from Google Play Store Download

Related Articles

Back to top button