
Forex Reserve में बड़ी छलांग! भारत का खजाना 687 अरब डॉलर पार, 11 महीने का आयात सुरक्षित
भारत की आर्थिक ताकत को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। देश के विदेशी मुद्रा भंडार में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 9 जनवरी को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 39 करोड़ डॉलर बढ़कर करीब 687 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। यह आंकड़ा भारत के अब तक के सर्वकालिक उच्च स्तर के बेहद करीब माना जा रहा है।

सितंबर 2024 में विदेशी मुद्रा भंडार ने 704 अरब डॉलर का रिकॉर्ड बनाया था और मौजूदा बढ़ोतरी के बाद एक बार फिर उसी स्तर की ओर तेजी से कदम बढ़ रहे हैं। इससे साफ है कि वैश्विक उतार-चढ़ाव के बीच भी भारत की आर्थिक स्थिति मजबूत बनी हुई है।
रिपोर्ट के अनुसार, विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां (FCA) हैं, जो फिलहाल लगभग 550 अरब डॉलर पर हैं। हालांकि, इस दौरान FCA में 1.12 अरब डॉलर की हल्की गिरावट देखने को मिली है। दूसरी ओर, सोने के भंडार में जोरदार उछाल दर्ज किया गया है, जो बढ़कर 112.83 अरब डॉलर हो गया। अकेले सोने में ही 1.5 अरब डॉलर की बढ़ोतरी ने सबका ध्यान खींचा है।
दिसंबर में मौद्रिक नीति समीक्षा के दौरान RBI ने साफ किया था कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार करीब 11 महीनों तक आयात जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है। केंद्रीय बैंक ने देश के बाहरी आर्थिक मोर्चे को मजबूत और संतुलित बताया था।
अगर पिछले वर्षों की बात करें तो 2025 में अब तक विदेशी मुद्रा भंडार 56 अरब डॉलर बढ़ चुका है। वहीं, 2024 में 20 अरब डॉलर से ज्यादा, 2023 में 58 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई थी। हालांकि 2022 में 71 अरब डॉलर की भारी गिरावट ने चिंता बढ़ाई थी।
विशेषज्ञों के मुताबिक, विदेशी मुद्रा भंडार में मुख्य रूप से अमेरिकी डॉलर शामिल होता है, जबकि यूरो, जापानी येन और पाउंड स्टर्लिंग का भी योगदान रहता है। आरबीआई बाजार की चाल को देखते हुए रणनीतिक रूप से रुपये की मजबूती या कमजोरी के अनुसार डॉलर की खरीद-बिक्री करता है।
