
घर में झगड़ा, हवा में उड़ी ईंट और बुझ गई 3 महीने की जिंदगी…
अरवल जिले के कुर्था थाना क्षेत्र के कुतुबपुर गांव में शुक्रवार को जो हुआ, उसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। एक साधारण पारिवारिक विवाद ऐसा खौफनाक मोड़ ले लेगा, इसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। घर के भीतर शुरू हुई कहासुनी कुछ ही देर में हिंसक झगड़े में बदल गई और उसी झगड़े की चपेट में आकर तीन महीने की मासूम बच्ची कीर्ति कुमारी की मौत हो गई।

मृत बच्ची के पिता नीतीश कुमार ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उनका अपने बड़े भाई विकास कुमार से घरेलू बातों को लेकर विवाद चल रहा था। शुक्रवार को विवाद इतना बढ़ गया कि गाली-गलौज के बाद मारपीट शुरू हो गई। आरोप है कि विकास कुमार ने बांस-बल्ले से नीतीश कुमार पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
झगड़े के दौरान माहौल पूरी तरह बेकाबू हो गया। इसी बीच आरोप है कि विकास कुमार की ओर से ईंट फेंकी गई। वह ईंट सीधे उस जगह जा गिरी, जहां तीन महीने की बच्ची कीर्ति कुमारी मौजूद थी। मासूम बच्ची को जब ईंट लगी, तो वह जोर से रोई और कुछ ही पलों में बेहोश हो गई।
परिजन जब तक कुछ समझ पाते और बच्ची को संभालते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बच्ची को आनन-फानन में अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन रास्ते में ही उसकी सांसें थम गईं। डॉक्टरों ने अस्पताल पहुंचते ही बच्ची को मृत घोषित कर दिया।
मासूम की मौत की खबर फैलते ही पूरे गांव में मातम पसर गया। मां का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं परिजन सदमे में हैं। गांव के लोग इस घटना को लेकर आक्रोशित हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
घटना के बाद खुद विकास कुमार ने कुर्था थाना को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। घायल नीतीश कुमार को इलाज के लिए कुर्था सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। वहीं पुलिस ने आरोपी विकास कुमार को हिरासत में लेकर थाना ले जाकर पूछताछ शुरू कर दी है। परिजन चाचा और चाची दोनों पर हत्या का आरोप लगा रहे हैं।
पुलिस ने बच्ची के शव को कब्जे में लेकर अरवल सदर अस्पताल भेजा, जहां सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉक्टर रमन आर्यभट्ट के नेतृत्व में मेडिकल टीम ने पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम की पूरी प्रक्रिया कुर्था थाना के पुलिस पदाधिकारी की देखरेख में संपन्न कराई गई। पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया।
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ईंट जानबूझकर फेंकी गई थी या यह झगड़े के दौरान हुई लापरवाही का नतीजा था। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और गवाहों के बयान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आरोपी महिला के खिलाफ भी आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आपसी विवाद और गुस्से का खामियाजा अक्सर निर्दोष और मासूम लोगों को क्यों भुगतना पड़ता है। तीन महीने की बच्ची, जिसने ठीक से दुनिया भी नहीं देखी थी, एक पारिवारिक झगड़े की भेंट चढ़ गई।



