
100 रुपये के झगड़े में युवक ने अबोहर नहर में लगाई छलांग, गोताखोरों ने दिनभर की खोजबीन, कोई सुराग नहीं
लुधियाना। तलवंडी कलां के 28 वर्षीय युवक सरबजीत सिंह ने महज 100 रुपये न मिलने के विवाद के चलते अबोहर ब्रांच नहर में छलांग लगा दी। घटना वीरवार रात को हुई, जिसके बाद से गोताखोरों और पुलिस की टीम ने उसे ढूंढने के लिए रातभर पानी में खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल पाया।

सरबजीत सिंह का परिवार गरीब मजदूरों का था। पुलिस के अनुसार, युवक लुधियाना में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता था। आर्थिक तंगी और शादी न हो पाने के कारण उसकी मानसिक स्थिति कुछ तनावपूर्ण थी। वीरवार रात को किसी काम के लिए उसने घरवालों से 100 रुपये मांगे, जो उपलब्ध नहीं थे। नाराज होकर उसने मोटरसाइकिल लेकर घर से बाहर निकल गया। रात लगभग 8 बजे उसकी मोटरसाइकिल लुधियाना-बठिंडा राजमार्ग के सुधार बाजार और भारतीय वायु सेना केंद्र हलवारा की अफसर कॉलनी के बीच पुल के पास खड़ी मिली।
पुलिस ने सरबजीत के मोबाइल की अंतिम लोकेशन अबोहर ब्रांच नहर के पास पाई। इसके बाद दाखा और सुधार पुलिस ने परिवार और गांववासियों के सहयोग से खोजबीन शुरू की। चश्मदीदों और नहर किनारे पीर बाबा बाघ मस्तान की दरगाह के सेवादार काका सिंह के अनुसार, रात करीब 11 बजे सरबजीत नहर में छलांग लगा दिया।
सरबजीत की तलाश के लिए गोताखोरों ने ऑक्सीजन सिलेंडर, मोटरबोट और अन्य उपकरणों का उपयोग कर नहर पुल से जलविद्युत संयंत्र तक गहन खोजबीन की, लेकिन सफलता नहीं मिली। गोताखोर टीम के प्रमुख बंटी सिंह ने बताया कि शनिवार सुबह तलाश फिर से शुरू की जाएगी।
पुलिस अब सरबजीत के मोबाइल और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की जांच कर यह पता लगाने में लगी है कि उसने छलांग लगाने से पहले किससे बातचीत की थी। परिवार ने स्पष्ट किया है कि युवक के किसी दुश्मनी या प्रेम प्रसंग से कोई संबंध नहीं था।
यह घटना एक छोटे विवाद पर व्यक्ति के मानसिक दबाव और आर्थिक परेशानियों के चलते गंभीर कदम उठाने की ओर ध्यान खींचती है। विशेषज्ञों का कहना है कि परिवार और समाज को युवाओं की मानसिक स्थिति पर नजर रखनी चाहिए और छोटे विवादों में उन्हें भावनात्मक सहारा देना जरूरी है।
सरबजीत के परिवार और पुलिस की टीम की आशा है कि वह सुरक्षित मिले। फिलहाल खोजबीन जारी है, और आसपास के ग्रामीण और स्थानीय लोग भी इसमें सहयोग कर रहे हैं।
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव कभी-कभी खतरनाक परिणाम ला सकते हैं, इसलिए परिवार और समाज को संवेदनशील और सतर्क रहने की जरूरत


