
पति ने विदेश पढ़ाई के लिए पत्नी पर किया 28 लाख रुपये खर्च, कनाडा पहुंचते ही धोखा मिलने का मामला सामने
पंजाब के फिरोजपुर जिले में एक पति-पत्नी विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। मामला ऐसा है, जिसमें पति ने पत्नी को विदेश पढ़ाई के लिए तैयार किया और 28 लाख रुपये तक खर्च किए, लेकिन कनाडा पहुंचते ही पत्नी ने पति को धोखा दे दिया। पीड़ित परिवार ने पुलिस को शिकायत देकर न्याय की मांग की है।

बेअंत सिंह ने पुलिस को बताया कि उनके बेटे कमलजीत सिंह की शादी बबलदीप कौर से हुई थी। शादी के बाद कमलजीत ने पत्नी को विदेश भेजने के लिए उसकी पढ़ाई-लिखाई का पूरा खर्च उठाया। उसे नर्सिंग और आईलेट्स जैसी ट्रेनिंग दिलवाई, ताकि वह कनाडा जाकर अपने करियर को आगे बढ़ा सके और बाद में पति को भी वहां बुला सके।
शुरुआत में बबलदीप की फाइल ऑस्ट्रेलिया भेजी गई थी, लेकिन किसी तकनीकी कारण से ऑब्जेक्शन लग गया और वह ऑस्ट्रेलिया नहीं जा सकी। इस प्रक्रिया में पहले ही 12 लाख 50 हजार रुपये खर्च हो चुके थे। बाद में बबलदीप की मां शरणजीत कौर और भाई राजवीर सिंह के कहने पर उसकी फाइल कनाडा भेजी गई। कुल मिलाकर पति और परिवार ने इस पूरी प्रक्रिया में लगभग 28 लाख रुपये खर्च किए।
लेकिन कनाडा पहुंचते ही बबलदीप ने पति से संपर्क तोड़ लिया। उसने फोन नहीं उठाया और उसे कनाडा बुलाने का वादा भी पूरा नहीं किया। पीड़ित परिवार ने थाना घल्लखुर्द में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने शुक्रवार को बबलदीप कौर, उसकी मां और भाई के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
पुलिस के अनुसार, पत्नी ने विदेश जाने के बाद पति के साथ रिश्ता तोड़ दिया और वास्तविक इरादे दिखाए। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या परिवार के अन्य सदस्य भी इस धोखे में शामिल थे।
इस घटना ने यह भी स्पष्ट किया है कि शादी और विदेश पढ़ाई के नाम पर अक्सर आर्थिक और भावनात्मक नुकसान उठाया जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि विदेश भेजने से पहले परिवार को सभी कानूनी दस्तावेज़ और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने चाहिए, ताकि इस तरह के धोखाधड़ी से बचा जा सके।
थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और जल्द ही मामला अदालत में पेश किया जाएगा। यह घटना फिरोजपुर जिले में शादी और विदेश पढ़ाई के दौरान धोखाधड़ी के मामलों की बढ़ती प्रवृत्ति की ओर भी ध्यान खींचती है।
घटना ने साबित किया कि विवाह और भरोसे के नाम पर किए गए फैसलों में सावधानी और समझदारी बेहद जरूरी है, खासकर जब इसमें करोड़ों रुपये और भविष्य का मामला जुड़ा हो।


