
हरियाणा में फिर कांपी धरती: सोनीपत में महसूस हुए भूकंप के झटके, दहशत में घरों से बाहर दौड़े लोग
हरियाणा के सोनीपत जिले में बुधवार की दोपहर अचानक धरती डोलने से हड़कंप मच गया। गोहाना क्षेत्र में आए इस भूकंप के कारण लोग दहशत में आ गए और अनहोनी की आशंका के चलते तुरंत अपने घरों, दुकानों और दफ्तरों से बाहर खुले स्थानों की ओर दौड़ पड़े। हालांकि, गनीमत रही कि जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।

यहाँ जानिए इस घटना का पूरा तकनीकी और भौगोलिक विवरण:
1. केंद्र और तीव्रता (Epicenter & Magnitude)
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
समय: भूकंप बुधवार दोपहर 12 बजकर 49 मिनट और 39 सेकंड पर आया।
तीव्रता: रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.4 मापी गई, जिसे मध्यम श्रेणी का माना जाता है।
केंद्र (Epicenter): भूकंप का केंद्र गोहाना क्षेत्र का गांव भैंसवाल कलां था।
गहराई: यह भूकंप जमीन की सतह से महज 5 किलोमीटर नीचे उत्पन्न हुआ था। केंद्र उथला (Shallow) होने के कारण ही आसपास के इलाकों में झटके ज्यादा महसूस किए गए।
2. एक महीने में दूसरी बार हिली धरती
हरियाणा और एनसीआर क्षेत्र में भूगर्भीय हलचल लगातार देखने को मिल रही है। यह घटना इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि अभी पिछले महीने ही प्रदेश में ऐसा ही एक और वाकया हुआ था।
इससे पहले 21 दिसंबर को झज्जर जिले में 3.3 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसका केंद्र 10 किलोमीटर की गहराई पर था। इतने कम अंतराल पर दोबारा भूकंप आना भूवैज्ञानिकों के लिए अध्ययन का विषय है।
3. ‘जोन-3’ के खतरे में हरियाणा के कई शहर
विशेषज्ञों के मुताबिक, हरियाणा का एक बड़ा हिस्सा भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील है।
सोनीपत, रोहतक, गुरुग्राम, फरीदाबाद, यमुनानगर और झज्जर जैसे जिले सिस्मिक जोन-3 (Seismic Zone 3) के अंतर्गत आते हैं।
यहाँ का जोन फैक्टर 0.16 है, जिसका अर्थ है कि यहाँ मध्यम तीव्रता के भूकंप आने की संभावना हमेशा बनी रहती है। बार-बार आ रहे ये झटके संकेत दे रहे हैं कि प्लेट टेक्टोनिक्स में लगातार बदलाव हो रहे हैं, जिसके प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है।

