
नई दिल्ली:
2020 के दिल्ली दंगा मामले से जुड़े एक अहम घटनाक्रम में आरोपी गुलफिशा फातिमा को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद तिहाड़ जेल से रिहा किया गया। जेल से बाहर निकलते ही उनके समर्थकों ने फूल-मालाओं और नारों के साथ उनका स्वागत किया, जिसका वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।

इससे पहले इसी मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज की जा चुकी हैं, जबकि गुलफिशा फातिमा समेत पांच अन्य आरोपियों को शीर्ष अदालत से राहत मिली है। अदालत के आदेश के बाद गुलफिशा फातिमा और चार अन्य आरोपी जेल से बाहर आए।
गुलफिशा की रिहाई के बाद जिस तरह से उनका सार्वजनिक स्वागत किया गया, उस पर कई यूजर्स ने सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल वीडियो को लेकर कुछ लोगों ने इसे अनुचित बताया, तो कुछ ने न्यायिक प्रक्रिया और जमानत के मायने पर चर्चा छेड़ दी।
एक यूजर ने लिखा कि जमानत पर रिहाई को इस तरह सेलिब्रेट करना हैरान करने वाला है, जबकि दूसरे यूजर ने टिप्पणी की कि स्वागत ऐसा दिख रहा है जैसे कोई बड़ी उपलब्धि हासिल की गई हो। वहीं, कुछ लोगों ने इसे व्यक्तिगत समर्थन का मामला बताते हुए अलग राय भी रखी।
फिलहाल गुलफिशा फातिमा की रिहाई और उनके स्वागत को लेकर बहस जारी है, और यह मुद्दा सोशल मीडिया पर अलग-अलग दृष्टिकोणों के साथ चर्चा में बना हुआ है।
