
Haryana News: हरियाणा की 30 जनवरी की बड़ी खबरें, पढ़िए एक क्लिक में
Haryana News: हरियाणा की 30 जनवरी की बड़ी खबरें, पढ़िए एक क्लिक में
फरीदाबाद हाफ मैराथन-2.0 के लिए मुख्यमंत्री ने किया रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया का शुभारंभ
– मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा- 9 मार्च की हाफ मैराथन में भागीदार बनें जिलावासी
ड्रग फ्री हरियाणा थीम को लेकर आयोजित होगी हाफ मैराथन- 2.0
चंडीगढ़, 30 जनवरी- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने गुरूवार को फरीदाबाद में आगामी 9 मार्च को होने वाली हाफमैराथन-2.0 की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया का शुभारंभ किया। हाफ मैराथन-2.0 में प्रतिभागी बनने के लिए सबसे पहले मुख्यमंत्री ने ऑन लाइन प्रक्रिया से अपना रजिस्ट्रेशन करते हुए जिला वासियों को इस मेगा इवेंट में बढ़चढ़ कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के शुभारंभ अवसर पर हरियाणा सरकार में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, राजस्व एवं शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल, खाद्य एवं पूर्ति राज्य मंत्री राजेश नागर व खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम, सीएम के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर व राजस्व विभाग के एसीएस अनुराग रस्तोगी विशेष तौर पर उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा उदय आउटरीच कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश भर में मैराथन के माध्यम से ड्रग फ्री हरियाणा का संदेश प्रदेशवासियों को दिया जा रहा है। सकारात्मक स्वरूप के साथ नई ऊर्जा में युवा आगे बढ़ें, इसके लिए हरियाणा सरकार द्वारा राहगीरी व मैराथन जैसी गतिविधियों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने का आह्वान किया जा रहा है। उन्होंने इस पुनीत अभियान में प्रदेश की जनता को सहभागी बनाते हुए कहा कि नशा मुक्त हरियाणा, स्वस्थ हरियाणा और खुशहाल हरियाणा की परिकल्पना को साकार करने में हर नागरिक अपना योगदान दें। मुख्यमंत्री ने फरीदाबाद हाफ मैराथन-2.0 के लिए जिलावासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह फरीदाबाद शहर का यह एनुअल इवेंट है। ड्रग फ्री हरियाणा थीम को लेकर आयोजित होने वाली मैराथन में अधिक से अधिक भागीदारी कर पिछले वर्ष की तरह इस आयोजन को सफल बनाएं।
उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री को हाफ मैराथन-2.0 को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस इवेंट में रनर्स क्लब, आरडब्ल्यूए व विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि भागीदारी करेंगे। साथ ही युवाओं सहित विभिन्न आयु वर्गों के लोग इस आयोजन को लेकर उत्साहित है। उन्होंने बताया कि हॉफ मैराथन 2.0 में प्रतिभागी बनने के लिए https://faridabadhalfmarathon.com/ पर रजिस्ट्रेशन करें। इस अवसर पर पूर्व मंत्री एवं विधायक मूलचंद शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
हरियाणा में उद्यम और निवेश को प्रोत्साहन के लिए नीतियों का किया जाएगा सरलीकरण : नायब सिंह सैनी
मुख्यमंत्री ने फरीदाबाद में राज्य के आगामी बजट को लेकर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से संबंधित हितधारकों से की बजट पूर्व परामर्श बैठक
चंडीगढ़, 30 जनवरी – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश की आर्थिक उन्नति के लिए औद्योगिक संस्थानों व निवेश को प्रोत्साहन को लेकर नई पहल की जा रही है। बजट पूर्व परामर्श बैठकों में मिले सुझावों के आधार पर नीतियों का भी सरलीकरण किया जाएगा और वें स्वयं हर तीन महीने में उद्यमियों व निवेशकों के हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन सेंटर (एचईपीसी) से जुड़े विषयों की समीक्षा करेंगे।
मुख्यमंत्री आज फरीदाबाद में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए विनिर्माण क्षेत्र से संबंधित हितधारकों के साथ आयोजित बजट पूर्व परामर्श (प्री बजट कंसल्टेशन) की छठी बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र से जुड़े विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने आगामी बजट के लिए अपने सुझाव रखें। बैठक में प्रदेश के उद्योग एवं वाणिज्य, पर्यावरण, वन एवं वन्य जीव मंत्री राव नरबीर सिंह, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन व शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति राज्य मंत्री राजेश नागर, खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम व पूर्व मंत्री एवं विधायक मूलचंद शर्मा आदि उपस्थित रहे।
श्री नायब सिंह सैनी ने बैठक में पहुंचे प्रतिनिधियों के सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना और आगामी बजट में आवश्यक विषयों पर विचार करने का आश्वासन भी दिया। उन्होंने बताया कि आगामी बजट में वर्तमान आवश्यकताओं के साथ – साथ दीर्घकालिक लक्ष्यों को पूरा करने के सार्थक प्रयास किए जाएंगे। आगामी बजट हमारी सामूहिक महत्वाकांक्षाओं व प्राथमिकताओं का प्रतिबिंब होगा। आगामी बजट की तैयारियों के लिए यह आवश्यक है कि हम समाज के सभी वर्गों के साथ संवाद करें ताकि हरियाणा के प्रत्येक नागरिक की जरूरतों व सपनों को पूरा करने के लिए आवश्यक सकारात्मक प्रयास किए जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में हरियाणा ने कृषि, उद्योग, शिक्षा की आधारभूत संरचना व प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने, औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन देने, युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से सशक्त बनाने एवं समाज कल्याण के लिए आप सभी के रचनात्मक सुझावों को प्राथमिकता देते हुए आगामी बजट में उचित प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। बजट को समावेशी बनाने के लिए अलग अलग क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की गई और उनके सुझाव भी लिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधियों द्वारा खाद्य संस्करण, पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर बनाने, औद्योगिक क्षेत्रों में सुविधाओं को बढ़ावा देने, लघु उद्योगों को प्रोत्साहन, कौशल विकास, एमएसएमई को प्रोत्साहन, नॉन कन्फर्मिंग एरिया को कन्फर्म करना, इज ऑफ़ डूइंग बिज़नेस व इंडस्ट्रियल पॉलिसी में आवश्यक सुधार को लेकर रखे गए सुझाव पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का भी आश्वासन दिया।
बजट के लिए ऑनलाइन भी दे सकते हैं सुझाव : राजेश खुल्लर
बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, जिनके पास वित्त मंत्रालय का प्रभार भी है, ने इस बार बजट के लिए एक नई पहल की है। हरियाणा के आगामी बजट के लिए इस बार प्रदेश के साथ-साथ अन्य नागरिक भी ऑनलाइन माध्यम से अपने सुझाव दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि https://bamsharyana.nic.in पोर्टल के माध्यम से सेक्टर व सब सेक्टर श्रेणी में जाकर अपने सुझाव दिए जा सकते हैं। इस पोर्टल के माध्यम से अब तक 9 हजार से अधिक सुझाव प्राप्त हुए हैं।
पूर्व बजट परामर्श बैठक में मिले सुझावों से बने सफल कार्यक्रम
वित्त, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने कहा कि बजट पूर्व परामर्श बैठक के माध्यम से पूर्व में भी 407 से अधिक सुझाव प्राप्त हुए हैं। इन्हीं सुझावों के आधार पर हरहित स्टोर, ड्रोन टेक्नोलॉजी, स्टेम लेब, सुपर 30 जैसे सफल कार्यक्रम बनाए गए। उन्होंने बताया कि बजट के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर तीन फरवरी तक सुझाव दिए जा सकते है।इस अवसर पर हरियाणा में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रधान सचिव डी सुरेश, मुख्यमंत्री के ओएसडी राज नेहरू, एफएमडीए के सीईओ श्यामल मिश्रा, फरीदाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, फरीदाबाद चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, लघु उद्योग भारती, सरूरपुर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन, हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फरीदाबाद चैप्टर), मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ़ फरीदाबाद व बैंक्वेट हॉल एसोसिएशन सहित विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
जनकल्याण को समर्पित होगा प्रदेश सरकार का बजट
किसानों, युवाओं, महिलाओं, व्यापारियों सहित समाज के सभी वर्गों को दिया जाएगा पूर्ण प्रतिनिधित्व
दिल्ली के लोग अबकी बार अरविंद केजरीवाल के बहकावे में नहीं आने वाले- नायब सिंह सैनी
चंडीगढ़, 30 जनवरी- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने गुरुवार को पानीपत में उद्योगपतियों व कपड़ा उद्यमियों के साथ बैठक के बाद मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा जो बजट प्रस्तुत किया जाएगा वह जनता के कल्याण से जुड़ा होगा, जिसमें किसानों, युवाओं, महिलाओं, व्यापारियों सहित समाज के सभी वर्गों को पूर्ण प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बयान के संबंध में एक सवाल का जवाब देते हुए श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राजनीतिक स्वार्थ सिद्धि के लिए अनर्गल प्रचार नहीं करना चाहिए। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हरियाणा के लोगों का अपमान किया है। दिल्ली के लोग अबकी बार उनके बहकावे में नहीं आने वाले। दिल्ली के हालात कल्पना से परे है, वह स्वयं भी इससे वाकिफ है। दिल्ली की जनता ने उन्हें दो मौके दिए, अबकी बार उन्हें दिल्ली की जनता मौका नहीं देगी, क्योंकि वे जनता की उम्मीद पर खरा नहीं उतरे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा साढ़े 8 हजार करोड़ रुपए एसटीपी लगाने को लेकर दिल्ली सरकार को दिए गए थे लेकिन न तो एसटीपी लगा और न ही पैसे का पता चला। दिल्ली की गलियों में पानी भरा पड़ा है। रसोई में शुद्ध जल नहीं मिल रहा। तालाबों तक की सफाई नहीं की गई। पानी के डिस्ट्रीब्यूशन की कमी है। उसको सुधारने की बजाय अरविंद केजरीवाल बयानबाजी पर ज्यादा भरोसा कर रहे हैं।हरियाणा में निकाय चुनावों को लेकर पूछे गए प्रश्न का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मेयर के चुनाव के लिए पार्टी पूरी तरह से तैयार है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप सिलेबस में किए गए है कई बड़े बदलाव: शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा
हरियाणा के विद्यार्थी विदेशी भाषा सीखे इसके लिए विभाग करेगा कार्य- शिक्षा मंत्री
बोले, राष्ट्रीय शिक्षा नीति से भारत बनेगा विश्व गुरु, शिक्षा के क्षेत्र में आएगा विशेष बदलाव
निपुण कार्यक्रम में हर बच्चे को किया जाता है ट्रैक
चंडीगढ़, 30 जनवरी- हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने के लिए हरियाणा ने सभी तैयारियां पूरी कर ली है। हरियाणा ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति व उसके नवीनकरण को स्कूली स्तर तक पहुंचाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति से भारत विश्व गुरु बनेगा, इससे शिक्षा के क्षेत्र में विशेष बदलाव आएगा।
शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने आज नई दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विनीत गर्ग, तकनीकी शिक्षा विभाग के महानिदेशक प्रभजोत सिंह, उच्चतर शिक्षा विभाग के निदेशक राहुल हुड्डा, सेकेंडरी शिक्षा के निदेशक जीतेन्द्र कुमार, गुरुग्राम विश्वविद्यालय से राजीव, निदेशक ऋषि गोयल, सुनील बज़ाज, एससीईआरटी से इंदु, जिला शिक्षा अधिकारी गुरुग्राम कुलदीप मेहता, विशेष आमंत्रित सदस्य सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक उपरांत मीडिया से बातचीत करते हुए शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी व पूर्व मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल का सपना है कि हरियाणा का युवा हिन्दी अग्रेजी तक ही सीमित न रहे, बल्कि युवा अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं को भी सीखे, विभाग दूसरी भाषाओं को सिखाने के लिए विचार कर रहा है, जो विदेशी भाषाओं की आवश्यकता होगी उन पर विभाग कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा वैज्ञानिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रूप से मजबूत रहा है, लेकिन दूसरी पार्टी के कार्यकाल में पीड़ा, दर्द और दंश भी झेले है, लेकिन अब शिक्षा को लेकर सरकार का विशेष फोकस है। जिन लोगों ने शिक्षा के सिस्टम को तहस नहस करने का काम कि वे आज कुछ भी आरोप लगा सकते है। लेकिन नई शिक्षा नीति से देश में एक बड़ा बदलाव आ रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों को जो वातावरण चाहिए वो उपलब्ध करवा रहे हैं। उन्होंने स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने, अध्यापकों की कमी को दूर करने के साथ स्कूल के वातावरण को सुधार पर भी कार्य किया जा रहा है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि आज की बैठक में शिक्षा नीति के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई है, जो खामियां रही है उन्हें दूर किया जाएगा। हरियाणा ने एक वर्ष के दौरान शिक्षा नीति को लागू करने के लिए उल्लेखनीय कार्य किया जाएगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति का सबसे बड़ा पहलू नए सिलेबस के अनुसार नई पुस्तकें लागू करने का है। पहली से तीसरी कक्षा तक एनईपी अलाईड बुक्स स्कूलों में लगाई जा चुकी है। नए शैक्षणिक सत्र से छठी कक्षा की एनईपी अलाईड बुक्स नई शिक्षा नीति के अनुरूप होगी। एनसीईआरटी से जो भी पुस्तकें उपलब्ध करवाई जाएगी उन्हें तत्काल लागू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में अध्यापकों के पढ़ाने का तरीका भी बदल जाएगा। इसके लिए अध्यापकों को ट्रेनिंग भी दी जा रही है। शिक्षा विभाग निपुण कार्यक्रम के तहत हर बच्चे को ट्रैक कर रहा है।
बैठक में एनईपी-2020 के तहत स्कूल शिक्षा में किए गए कार्यो की समीक्षा की गई, जिसे छह अलग-अलग समूहों में बांटा गया था। हर कार्य की पूर्णता की स्थिति का गहन विश्लेषण किया गया और आगे के कदम निर्धारित किए गए। उच्च शिक्षा क्षेत्र की समीक्षा में एनईपी के तहत उच्च शिक्षा के 16 महत्वपूर्ण कार्यों के कार्यान्वयन पर विचार विमर्श किया गया। शिक्षा मंत्री ने हरियाणा की स्कूल शिक्षा में हासिल की गई महत्वपूर्ण उपलब्धियों की प्रशंसा भी की। मंत्री ने तीन-भाषा सूत्र के महत्व पर जोर दिया। बैठक में शिक्षकों की गुणवत्ता में सुधार करने पर फोकस किया।
अरविंद केजरीवाल के खिलाफ दायर मामले पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज की तीखी प्रतिक्रिया
“यमुना का पानी हरियाणा के मुख्यमंत्री ने पीकर दिखाया है” – अनिल विज
“केजरीवाल ने दिल्ली के लोगों में एक टेरर क्रिएट करने की कोशिश की” – विज
चंडीगढ़, 30 जनवरी – हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने आज अरविंद केजरीवाल के खिलाफ दायर मामले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “मामला दर्ज हुआ है तो जांच होगी, वो (केजरीवाल) बताएं कि किसने मिलाया पानी में जहर, उनको बताना पड़ेगा। मंत्री ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री ने यमुना का पानी पीकर दिखाया है”।
श्री विज आज मीडिया कर्मियों के सवालों का जवाब दे रहे थे।
कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कहा कि “अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के लोगों में एक टेरर क्रिएट करने की कोशिश की है, केजरीवाल को इसका जवाब तो देना होगा”।
दिल्ली में पंजाब सरकार की गाड़ी में कैश और शराब बरामद होने का मामला सामने आया है जिस पर मंत्री अनिल विज ने तंज कसते हुए कहा कि “पंजाब से गाड़ी आई है तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि पैसे कौन भेज रहा है, पंजाब में किसकी सरकार है, किसके पास पैसों का अंबार है, ये अंदाजा लगाया जा सकता है? उन्होंने कहा कि ये आप पार्टी वाले सुचिता की बात करते हैं लेकिन हथकंडे इस प्रकार के अपनाते हैं।पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा द्वारा बिजली बिल में अनाप शनाप चार्ज जोड़कर आम जन को लूटने संबंधी बयान पर पलटवार करते हुए मंत्री अनिल विज ने कहा कि “हुड्डा जी इतने दिन मुख्यमंत्री रहे है, उनको समझ होनी चाहिए कि बिजली के दाम सरकार तय नहीं करती, बिजली के दाम इंडिपेंडेंट अथॉरिटी तय करती है।
सेम की समस्या को ख़त्म करने के लिए अधिकारी बनाएं ठोस योजना : कृषि मंत्री
– बजट की कमी नहीं रहने देंगे किसानों के हित में
चंडीगढ़ , 30 जनवरी – हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कृषि अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश की सेमग्रस्त एवं लवणीय भूमि को दुरुस्त करने के लिए कोई ठोस योजना बनाएं , किसानों के हित के लिए बजट की कमी नहीं रहने दी जाएगी।
श्री राणा आज यहां कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने सेम एवं लवणीय भूमि सुधार के लिए उठाए जा रहे क़दमों की समीक्षा की। बैठक में विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजा शेखर वुंडरू , निदेशक श्री राजनारायण कौशिक के अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
कृषि मंत्री ने विभाग के फ़ील्ड से आए वरिष्ठ अधिकारियों की ओर मुख़ातिब होते हुए कहा कि आप लोग किसानों के सीधे सम्पर्क में रहते हैं , किसानों से राय -मशविरा करके सेमग्रस्त और लवणीय भूमि को जल्दी से जल्दी ठीक करने के वर्तमान उपायों के अलावा अन्य उपायों पर भी विचार करें और सुझाव दें। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि जिन गांवों में पंचायती-भूमि सेम ग्रस्त है तो वहां पर पोंड बनाकर झींगा मछली के पालन के लिए किसानों को प्रोत्साहित करें। इससे जहां लवणीय पानी का प्रयोग हो सकेगा वहीं पंचायतों को अतिरिक्त आमदनी भी हो सकेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सेमग्रस्त भूमि को ठीक करने के लिए अगर जिलावाइज योजना बनानी पड़े तो वह भी बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में सेम की समस्या ज्यादा है वहां पर ड्रेन से पानी की निकासी करके भूमि सुधार के प्रयास करें।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा को इस अवसर पर अधिकारियों ने जानकारी दी कि प्रदेश के 13 जिलों के 686 गांव सेमग्रस्त हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश की कृषि भूमि का 8 प्रतिशत यानि 9,82,731 एकड़ भूमि सेम से प्रभावित है। फिलहाल सिरसा और गुरुग्राम जिला को सेम मुक्त कर दिया गया है जबकि फतेहाबाद जिला को इस साल के अंत तक सेम मुक्त कर दिया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में भूमि को सेम और लवण से मुक्त करने के लिए “सब सर्फेस ड्रैनेज तकनीक” , “वर्टिकल ड्रैनेज तकनीक” अपनाई जाती है। इनके अलावा , जैविक जल निकासी योजना के तहत ज्यादा पानी पीने वाले पेड़ सफेदा आदि लगाकर उक्त दोनों तकनीकों को प्रभावी बनाया जाता है तथा भूमि का सुधार जल्दी किया जाता है।
हरियाणा के लिए 2025-26 हेतु नाबार्ड ने घोषित किया 3.14 लाख करोड़ रुपये का क्रेडिट प्लान
मुख्य सचिव ने किया स्टेट फोकस पेपर का विमोचन
कृषि, एमएसएमई और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों से मिलेगी आर्थिक विकास को गति
चंडीगढ़, 30 जनवरी- राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने हरियाणा में प्राथमिकता क्षेत्र ऋण के तहत वर्ष 2025-26 के लिए 3.14 लाख करोड़ रुपये की ऋण संभाव्यता का आकलन किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 37.64 प्रतिशत अधिक है। कृषि, एम.एस.एम.ई., शिक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा आदि प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के अंतर्गत ऋण संभाव्यता की क्रमशः 35.60 प्रतिशत, 57.12 प्रतिशत और 7.28 प्रतिशत हिस्सेदारी का आकलन किया गया है।
हरियाणा के मुख्य सचिव डाॅ. विवेक जोशी ने आज यहां राज्य क्रेडिट सेमिनार के दौरान नाबार्ड के स्टेट फोकस पेपर (एस.एफ.पी.) का विमोचन किया। कृषि, एम.एस.एम.ई., शिक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा आदि प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए ऋण संभाव्यता का आकलन करने के लिए नाबार्ड के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह किसान कल्याण और ग्रामीण विकास के लिए सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप है। सरकार राज्य में फसल विविधिकरण, जलवायु-अनुकूल कृषि, झींगा पालन और सब्जी कलस्टरों को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने बैंकों, सरकारी विभागों, नाबार्ड, एस.एल.बी.सी., शैक्षणिक संस्थानों समेत सभी हितधारकों से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए समन्वित प्रयास करने का भी आग्रह किया।
मुख्य सचिव ने कहा कि यह स्टेट फोकस पेपर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए इस वर्ष चलाई जाने वाली गतिविधियों के लिए एक बेंचमार्क और मार्गदर्शक के रूप में कार्य करेगा। उन्होंने कहा हरियाणा कृषि में हमेशा आगे रहा है और देश की खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। हमारे किसानों ने अपने अथक प्रयासों से प्रदेश को ‘देश की ब्रैड बास्केट’ बना दिया है। हालांकि, हमें घटते भूजल, कम होती भूमि जोत, एम.एस.एम.ई. क्षेत्र की वृद्धि और जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों को स्वीकार करते हुए, इनके लिए तत्काल और अभिनव समाधान खोजने की आवश्यकता है। राज्य सरकार द्वारा इन चुनौतियों से निपटने कई योजनाएं चलाई जा रही हैं और किसानों को प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है।
डाॅ. जोशी ने कहा कि फसल ऋण की वृद्धि को बनाए रखने के लिए, कृषि उत्पादकता बढ़ाकर, फसल विविधीकरण, सभी पात्र किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड देकर, विस्तारित केसीसी योजना का सही ढंग से कार्यान्वयन करके, किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत शामिल करके और जैविक खेती आदि के माध्यम से कम भूमि से अधिक उत्पादन और प्रति बूंद अधिक फसल के लिए ठोस प्रयासों की आवश्यकता है। सामूहिक प्रयासों और उपज के एकत्रीकरण के लिए किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। अधिक विविधीकरण पर जोर देने के साथ ही एकीकृत कृषि प्रणाली (आईएफएस) को लोकप्रिय बनाया जाना चाहिए। उन्होंने मध्य प्रदेश और तमिलनाडु जैसे राज्यों की तरह ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से केसीसी प्रक्रिया को डिजिटल बनाने का भी आह्वान किया।
मुख्य सचिव ने कहा कि पैक्स के संचालन में पारदर्शिता और दक्षता लाने के लिए, केंद्र सरकार ने पैक्स कम्प्यूटरीकरण परियोजना शुरू की है, जिसमें नाबार्ड राष्ट्रीय कार्यान्वयन इकाई है। हरियाणा में, 710 पैक्स को इस योजना के तहत कवर किया जा रहा है। इसी तरह, नाबार्ड द्वारा एच.एस.सी.ए.आर.डी.बी. और 19 डी.पी.सी.ए.आर.डी.बी. सहित कृषि ग्रामीण विकास बैंकों के लिए डिजिटलीकरण परियोजना भी लागू की जा रही है। केन्द्र सरकार की एम-पैक्स योजना को आगे बढ़ाने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार नाबार्ड के विजन के साथ पूरी तरह से जुड़ी हुई है। राज्य सरकार ऋण और बाजारों तक पहुंच बढ़ाने के लिए सूक्ष्म सिंचाई योजनाओं, वित्तीय साक्षरता अभियानों और डिजिटल पहल जैसे कार्यक्रमों को तत्परता रूप से लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए निर्धारित ऋण लक्ष्यों को प्राप्त करने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वंचित क्षेत्र और समुदाय पीछे न छूट पाएं।
नाबार्ड की मुख्य महाप्रबंधक श्रीमती निवेदिता तिवारी ने बताया कि नाबार्ड सभी हितधारकों से व्यापक विचार-विमर्श कर हरियाणा के प्रत्येक जिले के लिए ऋण संभाव्यतायुक्त योजना (पी.एल.पी.) तैयार करता है। सभी 22 जिलों की इन योजनाओं में अनुमानित ऋण संभाव्यता का समेकन कर पूरे राज्य के प्राथमिकता क्षेत्र के लिए कुल 3.14 लाख करोड़ रुपये की ऋण संभाव्यता का आकलन किया गया है। उन्होंने नाबार्ड द्वारा प्रदेश के सभी जिलों के लिए तैयार की गई ऋण संभाव्यता को अग्रणी बैंकों द्वारा तैयार जिला ऋण योजना के साथ जोड़ने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
उन्होंने हरियाणा के कृषि और ग्रामीण क्षेत्रों को पेश आने वाली चुनौतियों का समाधान करने तथा किसानों और ग्रामीणों को लाभान्वित करने वाले स्थायी समाधानों को बढ़ावा देने के लिए नाबार्ड की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि वित्तीय समावेशन प्रत्येक विकास पहल का केंद्रीय बिन्दु होता है। इसी दिशा में, विशेष रूप से प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पैक्स) के कम्प्यूटरीकरण और ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल एटीएम और बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट के विस्तार, डिजिटल साक्षरता और वित्तीय सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने के लिए नाबार्ड, बैंकों के साथ मिलकर निरंतर प्रयास कर रहा है।
स्वयं सहायता समूहों के लिए विपणन के अवसर बढ़ाने के लिए, नाबार्ड ने एन.आर.एल.एम. के साथ एक समझौता किया है। इसी कड़ी में, हरियाणा एस.आर.एल.एम. के साथ मिलकर नाबार्ड द्वारा राज्य में एस.एच.जी. उत्पादों के विपणन के लिए कई परियोजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं। इसके अलावा, नाबार्ड अपने कृषि क्षेत्र प्रोत्साहन फंड (एफ.एस.पी.एफ.) के माध्यम से सतत कृषि को बढ़ावा दे रहा है और इस इसके लिए राज्य में अनेक पायलट परियोजनाएं भी चला रहा है। उल्लेखनीय है कि करनाल और कैथल में क्षारीय मिट्टी को उपजाऊ बनाने की परियोजना, करनाल में धान के स्थान पर खरीफ प्याज की खेती, हिसार में आईओटी आधारित लवणीय झींगा खेती और हिसार में रोबोटिक्स के माध्यम से बागवानी परियोजना चलाई जा रही है।
नाबार्ड द्वारा ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि (आर.आई.डी.एफ.) के माध्यम से हरियाणा में सौर पंप, सिंचाई, ग्रामीण सड़कों और भंडारण सुविधाओं जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए ऋण सहायता प्रदान की जा रही है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए, कम कीमत पर खाद, बीज, कीटनाशकों आदि इनपुट की खरीद और ज्यादा कीमत पर कृषि उपज की बिक्री के उद्देश्य से राज्य में 129 किसान उत्पादक संगठनों का गठन किया गया है। इसके अलावा, नाबार्ड ने दो गैर-कृषि उत्पादक संगठनों-सुजनी क्राफ्ट और जयपुरी रजाई बनाने के लिए पलवल में बेलियन ओएफपीओ और पारंपरिक दरियां बनाने के लिए पंचकूला के रायपुर रानी में विरासत बैक टू रूट्स ओएफपीओ का भी गठन किया है।राज्य क्रेडिट सेमिनार में नाबार्ड, बैंकों, राज्य सरकार वरिष्ठ अधिकारियों तथा प्रदेश के उच्च शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
हरियाणा को कुष्ठरोग मुक्त प्रदेश बनाएंगे : कुमारी आरती सिंह राव
-कुष्ठ रोग जागरूकता दिवस पर कहा
– 13 फरवरी तक चलेगा जागरूकता अभियान : स्वास्थ्य मंत्री
– हरियाणा में कुष्ठ रोगियों का होता है मुफ़्त ईलाज
चंडीगढ़ , 30 जनवरी – हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री कुमारी आरती सिंह राव ने घोषणा की कि हरियाणा को कुष्ठरोग मुक्त प्रदेश बनाएंगे , इसके लिए आज से कुष्ठ रोग जागरूकता अभियान शुरू किया गया है जो कि 13 फरवरी तक चलेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्तियों का निःशुल्क ईलाज किया जाता है।
आज कुष्ठ रोग जागरूकता दिवस के अवसर पंचकूला जिला के गांव खड़ग मगोली में एक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया जिसमें इसी गांव के 3 कुष्ठ रोगियों को सम्मानित किया गया तथा लोगों से कुष्ठ रोगियों के साथ भेदभाव न करने की शपथ भी दिलवाई गई।
स्वास्थ्य मंत्री कुमारी राव ने कुष्ठ रोग जागरूकता दिवस के अवसर पर प्रदेश के लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि कुष्ठरोग न तो ईश्वर का श्राप है न ही पिछले जन्मों के पापों का फल।
उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को इस अवसर पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि महात्मा गाँधी कुष्ठ रोगियों के प्रति दयालु थे और उनका मानना था कि कुष्ठ रोगियों से भेदभाव नहीं करना चाहिए। वे कुष्ठ रोग के उन्मूलन के लिए प्रयासरत थे।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कुष्ठरोग जीवाणुओं (माइकोबैक्टेरियम ) से होने वाली एक साधारण बीमारी है, जो मुख्य रूप से चमड़ी एंव नसों को प्रभावित करती है। यह सबसे कम संक्रामक रोगों में से एक है। उन्होंने कहा कि यह सामान्य सर्दी-जुकाम से भी कम संक्रामक है। यह बीमारी किसी भी उम्र के व्यक्ति, स्त्री-पुरूष को हो सकती है। यदि समय पर इसका उपचार न किया जाए तो यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को फैल सकती है और विकलांगता भी हो सकती है। परंतु कुष्ठरोग का समय पर इलाज शुरू करने से बीमारी के संक्रमण को रोका जा सकता हे। कुष्ठरोगी पूरी तरह से सामान्य जीवन व्यतीत कर सकता है। यदि कुष्ठरोग का प्रारंभिक अवस्था में पता लगा लिया जाए तो मल्टी ड्रग थैरेपी द्वारा पूर्णतः इलाज संभव है। उन्होंने कहा कि 6 से 12 माह तक के उपचार से कुष्ठ रोग पूर्णतः ठीक हो जाता है। पिछले 10 वर्षों में कुष्ठरोग से प्रभावित 4277 व्यक्ति अपना इलाज पूर्ण कर परिवार के साथ सामान्य जीवन व्यतीत कर रहे है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि कुष्ठरोग का उपचार हरियाणा के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर मुफ्त उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने पहले भी अपने राज्य को चेचक और पोलियो मुक्त बनाया है। इसी प्रकार हमें आने वाले वर्षों में हरियाणा को कुष्ठरोग मुक्त प्रदेश बनाएंगे।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के कार्यकर्ता संदिग्ध कुष्ठरोग के व्यक्तियों का जल्द से जल्द पता लगाने और उनकी पहचान करने के लिए घर-घर जाकर सर्वेक्षण करते है। जिस व्यक्ति के त्वचा पर हल्के पीले रंग के निशान है तथा जिसकी हथेली या तलवों में सुन्नापन है ऐसे व्यक्ति को कुष्ठरोग हो सकता है। उन्होंने सलाह दी कि ऐसे व्यक्ति को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में सेवाएं लेनी चाहिए। इस रोग की देखभाल करने में देरी से विकलांगता (दिव्यांगता) हो सकती है। यदि आपके आसपास किसी व्यक्ति में कुष्ठरोग का कोई भी लक्षण नज़र आए तो तुरंत उसे नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जांए। यदि संदिग्ध व्यक्ति में कुष्ठरोग पाया जाता है तो सरकार द्वारा सूचित करने वाले व्यक्ति को 250 रूपए इनाम भी दिया जाता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में किसी भी व्यक्ति को कुष्ठरोग होने पर कुष्ठ कॉलोनियों में नहीं भेजा जाता बल्कि वे अपने परिवार के साथ सामान्य जीवन व्यतीत करते हैं।
हरियाणा स्वास्थ्य सेवाएं विभाग के महानिदेशक डॉ मनीष बंसल ने बताया कि हरियाणा में वर्तमान में केवल 382 कुष्ठरोगियों का इलाज चल रहा है जिसमें से अधिकतर कुष्ठरोगी निकटतम राज्यों से है। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा कुष्ठ रोग निरोधी ड्रग्स, सभी जिलों के सरकारी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंन्द्र/प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में निशुल्क उपलब्ध करवाई जाती हैं।
इसके अतिरिक्त, “माइक्रो सेलुलर रबर फुटवियर” , सायक दवाएं ,कमठी और बैसाखी, सेल्फ केयर किट आदि भी आवश्यकता के अनुसार कुष्ठ रोगियों को मुफ़्त उपलब्ध करवाए जाते हैं। डॉ बंसल ने यह भी बताया कि हरियाणा के विभिन्न जिलों में 19 कुष्ठ कॉलोनियां हैं। इन कॉलोनियों में पुराने कुष्ठरोग का इलाज पूरा कर चुके 567 कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्ति व उनका परिवार रहते हैं। इनमें से चार कॉलोनीयां हिंद कुष्ठ निवारण संघ द्वारा और एक रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा संचालित की जा रही हैं, जिन्हें सरकार से सहायता मिलती है। अन्य 14 कॉलोनीयां कुष्ठ रोगियों द्वारा स्वंय बसायी गई हैं।
मुख्यमंत्री ने पानीपत में कपड़ा उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ की पूर्व बजट परामर्श बैठक
उद्यमियों द्वारा दिए गए सुझावों को ज्यादा से ज्यादा आगामी बजट में किया जाएगा शामिल – मुख्यमंत्री
उद्यमी पोर्टल पर भी दे सकते हैं सुझाव, अब तक बजट के लिए 9 हजार से ज्यादा सुझाव हुए प्राप्त
देश और प्रदेश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाए उद्योग जगत
चंडीगढ़, 30 जनवरी : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार को बजट 2025–26 के लिए पानीपत में कपड़ा उद्योग के प्रतिनिधियों के साथ बजट पूर्व परामर्श बैठक की। इस मौके पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कपड़ा उद्योग जगत के साथ जो विचार विमर्श हुआ है और सुझाव लिए गए हैं, उन्हें आगामी बजट में ज्यादा से ज्यादा शामिल करने पर पूर्ण रूप से विचार किया जाएगा ताकि उद्योग जगत प्रदेश सरकार द्वारा बनाई गई योजनाओं का पूर्ण रूप से लाभ उठा सके और रोजगार के ज्यादा से ज्यादा अवसर पैदा किए जा सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्यमी अपने सुझाव सरकार द्वारा बनाए गए पोर्टल पर या लिखित रूप से भी दे सकते हैं। उन सुझावों के आधार पर प्रदेश को सामाजिक आधारभूत ढांचे और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए बजट में नई योजनाएं बनाई जा सकें।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा टेक्सटाइल को आत्मनिर्भर बनाने के लिए नीति बनाई है। लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार लगातार काम कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और वर्तमान हरियाणा सरकार स्वरोजगार को प्रेरित करने के लिए कार्य कर रही है। सरकार का प्रयास है कि देश के विकास में उद्योग जगत की अहम भागीदारी होनी चाहिए।
अब तक बजट के लिए 9 हजार से ज्यादा सुझाव हुए प्राप्त
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि एक समावेशी बजट की परिकल्पना को साकार करने के लिए राज्य सरकार द्वारा समाज के विभिन्न वर्गों से सुझाव आमंत्रित किए जा रहे हैं ताकि प्राप्त बेहतरीन सुझावों को राज्य सरकार के बजट में शामिल किया जा सके। उन्होंने कहा कि पहली बार राज्य सरकार ने एक व्यवस्था आरंभ की है, जिसमें प्रदेश का कोई भी व्यक्ति घर बैठकर भी ऑनलाइन माध्यम से बजट संबंधी सुझाव दे सकता है। इसके लिए एक समर्पित पोर्टल तैयार किया गया। अब तक प्रदेशभर में विभिन्न वर्गो के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बजट पूर्व परामर्श में 9 हजार सुझाव प्राप्त हुए हैं।
उन्होंने कहा कि बजट पूर्व परामर्श बैठकें करने का उद्देश्य है कि समाज के हर वर्ग के कल्याण व आर्थिक उन्नति के लिए योजनाएं बनाई जा सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि पानीपत में विभिन्न उद्यमियों द्वारा आज दिए गए सुझाव आगामी बजट में प्रदेश को सशक्त और मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। इस चर्चा में विभिन्न उद्योग संगठनों के करीब 15 प्रतिनिधियों ने भाग लिया और मुख्यमंत्री को अपने सुझाव दिए।
प्रस्तुत किए जाने वाले बजट अभिभाषण को अवश्य सुनें सभी उद्यमी– राजेश खुल्लर
मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर ने इस चर्चा में भाग लेने वाले सभी उद्यमियों से अपील की कि जिस दिन मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी वित मंत्री के रूप में फरवरी माह में बजट प्रस्तुत करेंगे उस दिन वे उनका अभिभाषण अवश्य सुनें।इस अवसर पर विधायक श्री प्रमोद विज, नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री एके सिंह, स्वर्ण जयंती हरियाणा वित्तीय प्रबंधन संस्थान के महानिदेशक श्री अंसज सिंह, उपायुक्त डॉ वीरेंद्र कुमार दहिया और पूर्व सांसद श्री संजय भाटिया सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
गुणवत्तापरक कार्य नहीं करने वाले ठेकेदारों को करें ब्लैकलिस्ट : विपुल गोयल
शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों की ली बैठक: मंत्री विपुल गोयल
कैबिनेट मंत्री राव नरबीर भी रहे बैठक में मौजूद
चंडीगढ़, 30 जनवरी- हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री श्री विपुल गोयल ने कहा है कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखने वाले ठेकेदारों को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिए ।
यह निर्देश शहरी स्थानीय निकाय मंत्री श्री विपुल गोयल ने हरियाणा निवास में प्रदेशभर के नगर निकायों के अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। बैठक में उद्योग और पर्यावरण मंत्री श्री राव नरबीर भी उपस्थित रहे।
बैठक में उपस्थित अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सभी वरिष्ठ अधिकारी सप्ताह में एक बार फील्ड में जाकर रिपोर्ट लेना सुनिश्चित करें। इससे अधीनस्थ अधिकारी हमें भ्रमित नहीं कर सकेंगे और हर विषय की अपडेट जानकारी हमारे पास होगी।
उन्होंने कहा कि हम ऐसे विभाग से जुड़े हैं जिनके काम की लोग प्रतिदिन समीक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि जब सुबह लोग सैर के लिए निकलते हैं तो रास्तों में सड़कों पर गलियों में सफाई व्यवस्था देखकर हमारे विभाग की कार्यशैली की समीक्षा करते हैं।
शहर और कस्बों में सफाई व्यवस्था पर दें विशेष ध्यान
उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। इसके लिए हमारे पास संसाधनों और बजट की कोई कमी नहीं है। श्री विपुल गोयल ने अधिकारियों को कहा कि विभाग से जुड़े कार्यों की निरंतर जिलों में भी समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि जल्दी ही वे स्वयं भी प्रत्येक जिले में जाकर कामों की समीक्षा करेंगे।
बेसहारा गोवंश गौशालाओं में पहुंचाएं
मंत्री श्री विपुल गोयल ने कहा कि शहर और कस्बों में बेसहारा घूमने वाले गोवंश को पकड़कर नजदीक की गौशालाओं में भेजें। उन्होंने कहा कि प्रदेश की गौशालाओं का पूरा रिकॉर्ड गौ सेवा आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन उपलब्ध है। किस गौशाला में कितने गोवंश को भेजा जा सकता है, यह जानकारी हमें गौ सेवा आयोग की साइट से मिल जाएगी।उन्होंने कहा कि इस विषय में सौ प्रतिशत काम होना चाहिए। इस विषय को सभी अधिकारी गंभीरता से लें।
अधिकारियों की जवाबदेही तय हो
मंत्री श्री विपुल गोयल ने कहा कि बड़े शहरों और कस्बों में बेसहारा गोवंश को पकड़ने के लिए अच्छा काम करने वाले अधिकारियों को पुरस्कृत किया जाना चाहिए। इसके साथ ही जो अधिकारी काम करने में लापरवाही बरते उनकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
सीवर ओवरफ्लो की समस्या का करें समाधान
मंत्री श्री विपुल गोयल ने कहा कि प्रदेश के कई बड़े शहरों में कुछ स्थानों पर सीवर ओवरफ्लो की शिकायतें मिल रही हैं। इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों को बेहतर सुविधाएं देने का कार्य करें। सीवरेज और पेयजल से सम्बंधित समस्या कहीं पर भी नहीं रहनी चाहिए।
विभाग की जमीन से कब्जे हटवाएं
मंत्री श्री विपुल गोयल ने कहा कि कहीं पर भी विभाग की जमीन पर कब्जे नहीं होने चाहिए। यदि किसी जगह पर किसी ने कब्जा किया हुआ है तो उसे हटवाएं। साथ ही विभाग की जमीन का लैंड रिकॉर्ड अपडेट करें।इस अवसर पर विभाग के कमिश्नर एवं सचिव श्री विकास गुप्ता के अलावा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

