
हरियाणा
Nuh News: नूंह जिले की 29 जनवरी की बड़ी खबरें, पढ़िए एक क्लिक में
Nuh News: मनीष आहूजा, ब्यूरो चीफ, नूंह। नूंह थाना बिछोर के अंतर्गत हाजीपुर गोहता गांव में मंगलवार/बुधवार की रात को महिला सुन्नति से छेड़छाड़ और गोली मारकर हत्या करने के पूरे मामले का नूंह पुलिस की सीआईए टीम ने कुछ घंटों में ही पर्दाफाश कर दिया है। हत्याकांड का मुख्य आरोपी मृतक महिला का पति इनायत ही है। जिसने पत्नी के चरित्र पर शक होने के चलते वारदात को अंजाम दिया था। आरोपी इनायत से सीआईए पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त एक अवैध देसी कट्टा, एक खाली खोल व एक मोबाइल बरामद किया है । वहीं हत्याकांड के दूसरे आरोपी को भी सीआईए पुन्हाना पुलिस ने मुठभेड़ में दबोचा है। इस मुठभेड़ में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी सीधे पैर में गोली लगने से घायल हुआ है। जिसकी पहचान शाकिर पुत्र शेर मोहम्मद उर्फ शेरा निवासी तिरवाडा थाना बिछोर जिला नूंह के रूप में हुई है। मुख्य आरोपी इनायत ने वारदात को अंजाम देने के लिए शाकिर से अवैध हथियार लिया था । इस मुठभेड़ में सीआईए पुन्हाना प्रभारी निरीक्षक संदीप मोर को भी अंगूठे में गोली लगी है। मुठभेड़ के मामले में भी पुन्हाना थाना पुलिस ने दूसरे आरोपी शाकिर पर अलग से थाना सदर पुन्हाना में केस दर्ज किया है।
प्रदीप खत्री उप-पुलिस अधीक्षक पुन्हाना ने प्रेस वार्ता कर जानकारी देते हुए बताया कि हाजीपुर गोहता गांव में हुए हत्याकांड के बाद पुलिस अधीक्षक नूंह विजय प्रताप के निर्देश पर पुलिस तेजी से जांच में जुटी थी। हत्याकांड के बाद सीआईए टीम ने शक जताते हुए पूछताछ के लिए मृतका के पति इनायत को ही हिरासत में लिया। जिससे पूछताछ में पुलिस का शक सही साबित हुआ। सीआईए टीम के मुताबिक इनायत को अपनी पत्नी सुन्नति पर किसी से अवैध संबंध को लेकर शक था। जिसके लिए उन्होंने रात में सिंचाई के दौरान हत्या का षड्यंत्र रचा । आरोपी शाकिर से इनायत ने हत्या के लिए अवैध हथियार लिया था। आरोपी पति इनायत से पूछताछ के मुताबिक पुन्हाना सीआईए प्रभारी संदीप मोर के नेतृत्व में गठित टीम ने आरोपी शाकिर को पकड़ने के लिए जाल बिछाया । जो एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर खेड़ला बिजली बोर्ड के रास्ते से तिरवाड़ा की ओर जाने वाला था । सूचना के मुताबिक पुन्हाना जुरहेड़ा सड़क नाले पर नाकाबंदी की गई । थोड़ी देर बाद मोटरसाइकिल पर सवार एक युवक आया । जिसने नाकेबंदी को देख भागते हुए पुलिस पर फायरिंग कर दी । पुलिस द्वारा पीछा करने से तेज गति में मोटरसाइकिल असंतुलित होकर पलट गई । वहीं नीचे गिरे युवक ने सीआईए टीम पर दोबारा फायरिंग की। पुलिस की ओर से भी अपना बचाव करते हुए जवाबी फायरिंग की गई तो आरोपी के दाहिने पैर में एक गोली लगने से आरोपी घायल हो गया। इस दौरान सीआईए प्रभारी संदीप मोर सीधे हाथ के अंगूठे में गोली के छर्रे लगने से घायल हो गया। आरोपी युवक को काबू कर लिया गया। पूछताछ में युवक ने अपनी पहचान उपरोक्त शाकिर के रूप कराई। आरोपी से एक अवैध देसी कट्टा व मोटरसाइकिल बरामद की गई । घायल को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आगे बताया कि आरोपी शाकिर पर जिले के तावडू, नगीना, पुन्हाना व फिरोजपुर सहित अलग-अलग थानों में लूट ,चोरी, अवैध हथियार व सरकारी कार्य में बाधा डालने आदि आरोपों के तहत करीब 12 मुकदमे दर्ज हैं ।
बता दें कि मंगलवार बुधवार की रात बीछोर थाना के अंतर्गत हाजीपुर गोहता गांव में पति पत्नी खेत में सिंचाई कर रहे थे। उसी दौरान महिला की कर दी गई थी। बिछोर थाना पुलिस ने पति इनायत की शिकायत पर चार अज्ञात नकाबपोश बदमाश के विरूद्ध केस दर्ज किया था। जिन्होंने अपनी रची गई झुठी कहानी में बताया कि दंपति से पहले लूटपाट की और पत्नी सुन्नति से छेड़छाड़ करने लगे। विरोध करने पर पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी।
पुलिस अधीक्षक नूंह विजय प्रताप के निर्देश पर सीआईए पुन्हाना इस हत्याकांड की जांच में जुटी थी । जो कुछ घंटे के अंतर्गत ही टीम ने दो आरोपियों को दबोचकर हत्याकांड का खुलासा कर दिया है।
पुलिस अधीक्षक नूंह ने सीआईए प्रभारी संदीप मोर व उनकी टीम की इस हत्या मामलें को जल्द सुलझाने को लेकर प्रशंसा की है।
सभी सड़क मार्गों से अतिक्रमण हटाया जाए व अवैध कट बंद हों- उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा
-उपायुक्त ने जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में संबंधित विभागों को दिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश
– सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यातायात नियमों की अनुपालना जरूरी
नूंह, 29 जनवरी- उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने बुधवार को लघु सचिवालय के कांफ्रेंस हाल में जिला सड़क सुरक्षा समिति की मासिक बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि जिला की सीमा से गुजर रहे राज्य व नेशनल हाइवे व अन्य सड़क मार्गों पर अतिक्रमण, सामान, अवैध पार्किंग आदि को तुरंत हटवाया जाए व अवैध कट भी तुरंत बंद करवाए जाएं, ताकि सड़क दुर्घटनाओं जैसे मामलों में रोक लगनी संभव हो। उन्होंने कहा कि दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर अब तक ओवर स्पीड के 2053 चालान किए गए हैं और 4 चालान अवैध पार्किंग के किए गए हैं तथा 40 अवैध कट बंद किए गए हैं।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने सड़क सुरक्षा समिति से संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी अधिकारी है सुनिश्चित करें कि प्रत्येक वाहन निशुल पार्किंग में ही खड़ा हो और अवैध पार्किंग वाहनों पर सख्ती के साथ कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के तहत योजनाबद्ध तरीके से कार्य करते हुए आमजन को जागरूक करने की दिशा में अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। सभी मुख्य सड़कों पर प्रवेश व निकास प्वाइंट पर रोड मार्किंग, सेफ्टी डिवाइस जैसे रोड स्टैंड्स, कैट्स आई बनाए जाएं। सभी मुख्य सड़कों, राष्टï्रीय व राज्य राजमार्गों पर बने अवैध कटों को तुरंत बंद कराया जाए। अगर कोई व्यक्ति इन कटों को पुन: खोलता है, तो ऐसे व्यक्ति या वाहन चालक के खिलाफ कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाए। इसके साथ ही सभी सड़कों के पैचवर्क का कार्य जरूर करवाया जाए तथा सर्दी व धुंध के मौसम के मद्देनजर सभी सड़क मार्गों व किनारों पर सफेद पट्ïटी जरूर लगाई जाए।
उपायुक्त ने कहा कि जिला सड़क सुरक्षा समिति जनमानस को सड़क सुरक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करने और सड़कों पर सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। सड़कों पर सुरक्षित यातायात के लिए संबंधित विभाग जरूरी कार्यवाही करे। उन्होंने सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के तहत सड़क के साथ लगते स्कूलों के सामने स्पीड ब्रेकर बनाने के निर्देश भी दिए ताकि विद्यार्थियों को स्कूल प्रवेश या बाहर आते समय यातायात संबंधी कोई भी समस्या ना हो। राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित एंबुलेंस मौजूद हो और उसकी लोकेशन नजदीकी थानों व अस्पतालों से भी होनी चाहिए। सड़कों व चौराहों पर स्थित सभी ट्रैफिक लाइटें चालू रहनी चाहिएं। जहां पर रोड खराब है, उसे ठीक करवाया जाए तथा इस पर लाइटें भी चालू रखी जाएं। उपायुक्त ने क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण व पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि वाहनों पर ट्राई एंगल में रिफलेक्टर टेप लगाई जाएं, ताकि रात्रि समय में वाहनों को दूर से देखना संभव हो सके। इसके लिए पूरा जिला में अभियान चलाया जाए तथा रिक्शा, रेहड़ी, ट्रैक्टर-ट्राली, बड़े वाहन सहित अधिक से अधिक वाहनों को कवर किया जाए। यह सुरक्षा की दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य है।
उपायुक्त ने कहा कि अगर कोई वाहन चालक यातायात नियमों की अनुपालना नहीं करता है, तो उसका चालान अवश्य किया जाए। टै्रफिक में जो नया स्टाफ आया है, उनकी वर्कशॉप आयोजित कर सभी नियमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाए। स्कूलों में बच्चों की क्विज प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएं। जो बच्चे क्विज में बेहतरीन प्रदर्शन करते हैं, उन्हें विभिन्न मंचों पर सम्मानित करवाया जाए।
इस अवसर पर एसडीएम फिरोजपुर झिरका डा. चिनार चहल, एसडीएम नूंह प्रदीप सिंह अहलावत, एसडीएम पुन्हाना संजय सिंह, एसडीएम तावड़ू संजीव कुमार, प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण के सचिव मुनीष सहगल लोक निर्माण विभाग व संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
प्रदेश सरकार ने शुरू की सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए नकद रहित उपचार पायलट योजना
सड़क दुर्घटना में घायल को इलाज के लिए मिलेगी डेढ़ लाख रुपए तक की सहायता : उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा
-इलाज संबंधी कोई भी परेशानी आने पर हेल्प लाइन नंबर-14555 पर की जा सकती है कॉल
नूंह, 29 जनवरी – प्रदेश सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं के कारण होने वाली मौतों को कम करने की प्रतिबद्धता व मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 162 के तहत कानूनी अनिवार्यता के अनुरूप, मोटर वाहनों के उपयोग से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों को नकद रहित उपचार प्रदान करने के लिए एक पायलट योजना शुरू की है। इसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों को समय पर चिकित्सा देखभाल प्रदान करने के लिए एक पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित करना है, जिसमें गोल्डन ऑवर भी शामिल हैं, ताकि सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों के आंकड़ों को कम किया जा सके।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने सड़क सुरक्षा समिति की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए नकद रहित उपचार हेतु पायलट योजना के अंतर्गत घायलों के उपचार के लिए डेढ़ लाख रुपए तक की सहायता राशि उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) पुलिस व स्वास्थ्य विभाग आदि के साथ समन्वय से इस योजना का क्रियान्वयन करना सुनिश्चित किया जाए। इस योजना के तहत दुर्घटना की तिथि से अधिकतम सात दिनों की अवधि के लिए प्रत्येक दुर्घटना के लिए पीड़ितों को अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक के कैशलेस उपचार का अधिकार मिलेगा। यह योजना किसी भी श्रेणी की सड़क पर मोटर वाहन के उपयोग के कारण होने वाली सभी सड़क दुर्घटनाओं पर लागू रहेगी। उपचार प्रदान करने के लिए अस्पतालों द्वारा उठाए गए दावों की प्रतिपूर्ति मोटर वाहन दुर्घटना निधि से की जाएगी। इस योजना को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के ई-डीएआर एप्लीकेशन और एनएचए के ट्रांजेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम (टीएमएस) की कार्यक्षमताओं को मिलाकर एक आईटी प्लेटफॉर्म के माध्यम से लागू किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जिन पीड़ितों को दुर्घटना के समय से 24 घंटे बीतने के बाद पहली बार अस्पताल में भर्ती कराए जाने पर उसे इस योजना के तहत पात्र नहीं माना जाएगा। पीड़ित अपनी संबंधित पात्रता मानदंडों के अनुसार अन्य लागू योजनाओं, कार्यक्रमों आदि के तहत उपचार का लाभ उठाने के लिए स्वतंत्र होगा। इस योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध अस्पतालों के माध्यम से उपचार प्रदान किया जाएगा। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) अस्पतालों को इस योजना के लिए सूचीबद्ध माना जाएगा। अस्पतालों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) के मौजूदा दिशा-निर्देशों के अनुसार सूचीबद्ध किया जाएगा। सभी अस्पतालों को ट्रांजेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम (टीएमएस) पर अपनी विशिष्ट स्वास्थ्य सुविधा रजिस्ट्री (एचएफआर) आईडी दर्ज करके इस योजना के लिए सूचीबद्ध होने की सुविधा प्रदान की जाएगी, जिसके माध्यम से उनके विवरण सूचीबद्ध करने के उद्देश्य से स्वत: प्राप्त हो जाएंगे। सूचीबद्ध अस्पतालों को इस योजना के अंतर्गत उपचार प्रदान करने के लिए अस्पताल सूचीबद्ध करने, रोगी भर्ती करने, पूर्व प्राधिकरण, दावा निपटान आदि के संबंध में राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की अनुपालना करनी होगी।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को योजना उचित क्रियान्वयन के संबंध में जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ लेने में अगर किसी व्यक्ति को कोई परेशानी आती है तो वह हेल्प लाइन नंबर-14555 पर कॉल कर सकता है। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त प्रदीप सिंह मलिक, एसडीएम फिरोजपुर झिरका डा. चिनार चहल, एसडीएम नूंह प्रदीप सिंह अहलावत, एसडीएम पुन्हाना संजय सिंह, एसडीएम तावड़ू संजीव कुमार,
आरटीए सचिव मुनीष सहगल, डीएसपी अजायब सिंह सहित अन्य विभागों से अधिकारी उपस्थित थे।
सभी सड़क मार्गों से अतिक्रमण हटाया जाए व अवैध कट बंद हों- उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा
-उपायुक्त ने जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में संबंधित विभागों को दिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश
– सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यातायात नियमों की अनुपालना जरूरी
नूंह, 29 जनवरी- उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने बुधवार को लघु सचिवालय के कांफ्रेंस हाल में जिला सड़क सुरक्षा समिति की मासिक बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि जिला की सीमा से गुजर रहे राज्य व नेशनल हाइवे व अन्य सड़क मार्गों पर अतिक्रमण, सामान, अवैध पार्किंग आदि को तुरंत हटवाया जाए व अवैध कट भी तुरंत बंद करवाए जाएं, ताकि सड़क दुर्घटनाओं जैसे मामलों में रोक लगनी संभव हो। उन्होंने कहा कि दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर अब तक ओवर स्पीड के 2053 चालान किए गए हैं और 4 चालान अवैध पार्किंग के किए गए हैं तथा 40 अवैध कट बंद किए गए हैं।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने सड़क सुरक्षा समिति से संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी अधिकारी है सुनिश्चित करें कि प्रत्येक वाहन निशुल पार्किंग में ही खड़ा हो और अवैध पार्किंग वाहनों पर सख्ती के साथ कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के तहत योजनाबद्ध तरीके से कार्य करते हुए आमजन को जागरूक करने की दिशा में अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। सभी मुख्य सड़कों पर प्रवेश व निकास प्वाइंट पर रोड मार्किंग, सेफ्टी डिवाइस जैसे रोड स्टैंड्स, कैट्स आई बनाए जाएं। सभी मुख्य सड़कों, राष्टï्रीय व राज्य राजमार्गों पर बने अवैध कटों को तुरंत बंद कराया जाए। अगर कोई व्यक्ति इन कटों को पुन: खोलता है, तो ऐसे व्यक्ति या वाहन चालक के खिलाफ कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाए। इसके साथ ही सभी सड़कों के पैचवर्क का कार्य जरूर करवाया जाए तथा सर्दी व धुंध के मौसम के मद्देनजर सभी सड़क मार्गों व किनारों पर सफेद पट्ïटी जरूर लगाई जाए।
उपायुक्त ने कहा कि जिला सड़क सुरक्षा समिति जनमानस को सड़क सुरक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करने और सड़कों पर सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। सड़कों पर सुरक्षित यातायात के लिए संबंधित विभाग जरूरी कार्यवाही करे। उन्होंने सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के तहत सड़क के साथ लगते स्कूलों के सामने स्पीड ब्रेकर बनाने के निर्देश भी दिए ताकि विद्यार्थियों को स्कूल प्रवेश या बाहर आते समय यातायात संबंधी कोई भी समस्या ना हो। राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित एंबुलेंस मौजूद हो और उसकी लोकेशन नजदीकी थानों व अस्पतालों से भी होनी चाहिए। सड़कों व चौराहों पर स्थित सभी ट्रैफिक लाइटें चालू रहनी चाहिएं। जहां पर रोड खराब है, उसे ठीक करवाया जाए तथा इस पर लाइटें भी चालू रखी जाएं। उपायुक्त ने क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण व पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि वाहनों पर ट्राई एंगल में रिफलेक्टर टेप लगाई जाएं, ताकि रात्रि समय में वाहनों को दूर से देखना संभव हो सके। इसके लिए पूरा जिला में अभियान चलाया जाए तथा रिक्शा, रेहड़ी, ट्रैक्टर-ट्राली, बड़े वाहन सहित अधिक से अधिक वाहनों को कवर किया जाए। यह सुरक्षा की दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य है।
उपायुक्त ने कहा कि अगर कोई वाहन चालक यातायात नियमों की अनुपालना नहीं करता है, तो उसका चालान अवश्य किया जाए। टै्रफिक में जो नया स्टाफ आया है, उनकी वर्कशॉप आयोजित कर सभी नियमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाए। स्कूलों में बच्चों की क्विज प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएं। जो बच्चे क्विज में बेहतरीन प्रदर्शन करते हैं, उन्हें विभिन्न मंचों पर सम्मानित करवाया जाए।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपाय प्रदीप सिंह मलिक, एसडीएम फिरोजपुर झिरका डा. चिनार चहल, एसडीएम नूंह प्रदीप सिंह अहलावत, एसडीएम पुन्हाना संजय सिंह, एसडीएम तावड़ू संजीव कुमार, प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण के सचिव मुनीष सहगल लोक निर्माण विभाग व संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
अवैध खनन करने वालों के विरुद्ध होगी सख्त कार्रवाई : उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा
– अधिकारियों को ओवर लोडिंग गाड़ियों पर लगाम लगाने के निर्देश
नूंह , 29 : उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि किसी को भी जिला में अवैध खनन करने की इजाजत नहीं दी जाएगी और अवैध खनन करने वालों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त बुधवार को लघु सचिवालय स्थित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हाल में जिला में अवैध माइनिंग को लेकर समीक्षात्मक बैठक को संबोधित कर रहे थे। उपायुक्त ने कहा कि जिला में अवैध माइनिंग करने वाले लोगों पर 25 दिसंबर 2024 से 17 जनवरी 2025 तक कुल एक लाख 60 हजार 611 रूपए का जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने कहा कि जिला में इस दौरान अवैध माइनिंग करते हुए 8 वाहन सीज किए गए हैं और अवैध माइनिंग की पांच प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।
उन्होंने कहा कि जिला में ओवरलोडिंग गाड़ियों पर लगाम लगाने के लिए अधिकारियों को कहा गया है कि सभी अधिकारी ई – रवाना रसीद की कॉपी जरूर रखें , ताकि जब भी कोई ओवरलोडिंग की गाड़ी पकड़ी जाए तो उसके लोड से मिलान हो सके और अतिरिक्त लोड होने पर उस पर कानूनी कार्रवाई की जा सके ।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपाय प्रदीप सिंह मलिक, एसडीएम नूंह प्रदीप अहलावत, एसडीएम फिरोजपुर झिरका डॉ चिनार चहल, एसडीएम तावडू संजीव कुमार , डीएसपी अजायब सिंह व जिला माईनिंग अधिकारी सहित जिला के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
समस्याओं का एक ही छत के नीचे मौके पर ही निवारण होने से खुश हैं आमजन : उपायुक्त
– आमजन से जुड़ी हर समस्या का समाधान शिविर में किया जा रहा समाधान
– बुधवार को आयोजित समाधान शिविर में आई 03 शिकायतों में से 01 का मौके पर किया निवारण
नूंह, 29 जनवरी – उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने बुधवार को लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित समाधान शिविर में नागरिकों की समस्याओं पर सुनवाई की। इस अवसर पर नागरिकों ने अपनी समस्याएं रखी, जिनमें से अधिकतर समस्याएं परिवार पहचान पत्र, राशन कार्ड, पेंशन, नगर परिषद, पुलिस विभाग, सिंचाई विभाग व जनस्वास्थ्य विभाग से संबंधित थी। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने बताया कि आयोजित समाधान शिविर में कुल 3 शिकायत प्राप्त हुई जिनमें से 01 शिकायत का मौके पर निपटान कर दिया गया है तथा शेष शिकायतों के समाधान हेतु संबधित अधिकारियों को भेज दिया गया है। इस मौके पर उन्होंने सभी संंबधित अधिकारियों को निर्देश दिए है कि समाधान शिविर में आने वाली शिकायत का निपटान समय पर कर दे जिससे की आम आदमी को परेशानी न हो। उन्होंने पुरानी शिकायतों पर चर्चा करते हुए सख्त निर्देश दिए है कि ज्यादा तक कोई भी शिकायत लंबित नही रहनी चाहिए उसका समाधान कर उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि सभी अधिकारी जनसमस्याओं के समाधान को लेकर संवेदनशीलता से कार्य करें और नागरिकों को सरकारी कार्यालयों में ज्यादा चक्कर न लगवाएं व उनकी समस्याओं का यथाशीघ्र समाधान करें। उन्होंने कहा कि समाधान शिविर नागरिकों व प्रशासन के बीच बेहतर संबंध बनाने में कारगर साबित हो रहे हैं। नागरिक बेझिझक अपनी समस्याओं को लेकर शिविर में पहुंच रहे हैं जिससे प्रशासन को नागरिकों की समस्याओं का पता लग रहा है और उनका समाधान किया जा रहा है। उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा एक स्थान पर ही समाधान शिविर में प्राथमिकता के आधार पर लोगों की शिकायतों का यथासंभव निपटारा किया जा रहा है ताकि लोगों को इधर-उधर न भटकना पड़े। उन्होंने कहा कि सरकार के निर्देशानुसार प्रति कार्य दिवस सुबह 10 बजे से 12 बजे तक जिला तथा उपमंडल मुख्यालय पर स्थित लघु सचिवालय में समाधान शिविर आयोजित कर लोगों की शिकायतों की सुनवाई की जा रही है। इस अवसर पर सभी विभागों के अधिकारी मौके पर मौजूद रहते हैं ताकि शिकायतों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार निर्देशानुसार समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे है।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा की अध्यक्षता में आयोजित हुई जिला स्तरीय नारकोटिक्स समन्वय समिति की बैठक
– सभी अधिकारियों को नशे के विरुद्ध जागरूकता लाने के लिए मिलकर काम करने के दिए निर्देश
– सभी स्कूलों में चलाया जाए नशे के विरुद्ध जागरूकता अभियान
– मुख्यमंत्री नायब सिंह द्वारा चलाए गए नशे के विरुद्ध बकेट चैलेंज का करें प्रचार
नूंह, 29 जनवरी। जिला उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय नारकोटिक्स समन्वय समिति (NCORD) की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में अधिकारियों को मादक पदार्थों के अवैध व्यापार पर नियंत्रण, ड्रग्स के संबंध में सूचना का आदान प्रदान करने, पहचान व विनष्टीकरण, एनडीपीएस एक्ट के प्रावधान के संबंध में जन-जागरुकता सम्बन्धित आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया। इस दौरान मादक द्रव्यों की बिक्री, सेवन, तस्करी, इसका दुरुपयोग और संलिप्त लोगो के विरुद्ध कार्रवाई के बिन्दु पर उपस्थित सभी सदस्यों को आपसी तालमेल और समन्वय के साथ कार्य करने हेतु निर्देश दिया गया । उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी मादक पदार्थ की बिक्री व उपयोग पर सजगता के साथ लोगो के ऐसे कार्यों में संलिप्तता पर नजर रखें। मादक पदार्थों के निर्माण, बिक्री एवं उपभोग इत्यादि पर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने तथा आने वाले समय में प्रतिबंधित नारकोटिक्स/ड्रग्स के सेवन से प्रभावित इलाकों को चिह्नित करते हुए जन जागरण की रूप रेखा तैयार कर अभियान के तहत अधिक से अधिक लोगो को जागरूक करने का निर्देश दिया गया। सभी स्कूलों में धाकड़ कार्यक्रम के तहत नशे से बचाव के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा चलाए गए नशा जागरूकता अभियान बकेट चैलेंज के तहत भी विभिन्न कार्यक्रम करवाए जाएं।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपाय प्रदीप सिंह मलिक, जेल अधीक्षक बिमला देवी, एसडीएम नूंह प्रदीप अहलावत, एसडीएम फिरोजपुर झिरका डॉ चिनार चहल, एसडीएम तावडू संजीव कुमार , डीएसपी अजायब सिंह अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
लोगों की समस्याओं का समाधान करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता – उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा
– गांव मरोड़ा में आयोजित रात्रि ठहराव कार्यक्रम में सुनी ग्रामीणों की शिकायतें
– नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन ने जारी किया व्हाट्सअप नंबर-9050317480
– प्रत्येक बीपीएल परिवार लगवा सकता है 2 किलो वाट तक सोलर पैनल- अतिरिक्त उपायुक्त प्रदीप सिंह मलिक
– सबसे अधिक सोलर पैनल लगवाने वाली ग्राम पंचायत को दी जाएगी एक करोड़ रुपए की विकास राशि की ग्रांट
– जिला में आयोजित किया जाएगा खेल महाकुंभ
– जिला की 325 ग्राम पंचायतें लेंगी खेल महाकुंभ में हिस्सा
नूंह, 29 जनवरी- उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने खंड नगीना के गांव मरोड़ा में रात्रि ठहराव के दौरान ग्रामीणों से संवाद करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और जिला प्रशासन की यह प्राथमिकता है कि जिला वासियों की समस्याओं का समाधान तत्परता के साथ हो और उन्हें प्रशासन संबंधित कार्यों में किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। जिलावासियों की सुविधा के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक व्हाट्सअप नंबर-90503-17480 जारी किया गया है, जिस पर कोई भी व्यक्ति अपनी समस्या के समाधान के लिए इस व्हाट्सअप नंबर का प्रयोग कर सकता है।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने रात्रि ठहराव कार्यक्रम में ग्रामीणों की 25 से अधिक शिकायतें मौके पर ही सुनी और उनके समाधान करने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों को कहा कि जिला मुख्यालय व उपमंडल स्तर पर प्रतिदिन सुबह 10 बजे से 12 बजे तक समाधान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। कोई भी व्यक्ति अपनी समस्या को लेकर समाधान शिविर में आ सकता है। जिला प्रशासन का यह प्रयास है कि प्रत्येक नागरिक की समस्या का तत्परता के साथ समाधान किया जा सके। उपायुक्त ने गांव मरोड़ा में ग्रामीणों से कहा कि वे आंगनबाड़ियों के माध्यम से पोषण अभियान के तहत अपने बच्चों को पोषित खाना जरूर खिलवाएं और सभी बच्चों का टीकाकरण जरूर करवाएं ताकि बच्चे भविष्य में होने वाली बीमारियों से बच सकें। ग्रामीण सरकार की जनहित योजनाओं का लाभ भी जरूर लें। उन्होंने ग्रामवासियों से कहा कि वे अपने बच्चों को शिक्षित जरूर करें और प्रत्येक बच्चे को स्कूल में अवश्य भेजें ताकि पढ़-लिखकर बच्चे अपना भविष्य संवार सकें। उन्होंने कहा कि गांव मरोड़ा के 10वीं व 12वीं कक्षा के बच्चों का परीक्षा परिणाम अच्छा आना चाहिए, इसके लिए बच्चों को समय रहते परीक्षा की तैयारी करनी चाहिए, ताकि परीक्षा परिणाम 100 प्रतिशत आ सके।
जिला पुलिस अधीक्षक विजय प्रताप सिंह ने रात्रि ठहराव कार्यक्रम के दौरान उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों को नशे से दूर रखना बहुत ही जरूरी है। जब भी कोई नशे का शिकार होता है तो अपना जीवन और घर वालों का जीवन नरक बना देता है। इस अवसर पर उन्होंने गांवों के युवाओं से मुख्यमंत्री द्वारा नशा मुक्ति अभियान के लिए चलाए गए बकैट चैलेंज का प्रदर्शन भी करवाया और नशे से दूर रहने के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया। उन्होंने ग्रामवासियों का आह्वïान किया कि सभी लोगों का यह कर्तव्य बनता है कि वह अपने बच्चों को नशे से दूर रखें और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा चलाए गए बकेट चैलेंज के द्वारा नशा मुक्ति का उदाहरण देकर अपने बच्चों को नशे से बचाएं क्योंकि नशा मुक्त जीवन ही नायाब जीवन है।
अतिरिक्त उपायुक्त प्रदीप सिंह मलिक ने रात्रि ठहराव कार्यक्रम के दौरान कहा कि जिला में आगामी दिनों में खेल महाकुंभ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें क्रिकेट, वालीबाल, एथलेटिक्स में 200 मीटर व 400 मीटर दौड़ व कुश्ती आदि खेलों का आयोजन किया जाएगा। इस खेल महाकुंभ में पूरे जिले की प्रत्येक पंचायत से एक टीम की एंट्री की जाएगी, पूरे जिले में 325 पंचायत हैं, इसलिए 325 पंचायतों की एंट्री खेल महाकुंभ में की जाएगी।
अतिरिक्त उपायुक्त ने प्रधानमंत्री मुफ्त सूर्य घर बिजली योजना के बारे में बताते हुए कहा कि प्रत्येक बीपीएल परिवार 2 किलोवाट तक सोलर पैनल लगवा सकता है, जिस पर एक लाख रुपए तक सब्सिडी सरकार द्वारा दी जा रही है। बीपीएल परिवार के अलावा भी जो व्यक्ति अपने घर पर सोलर पैनल लगवा सकता है, उसके लिए भी सरकार द्वारा सब्सिडी का प्रावधान किया गया है और जो पंचायत अपने गांव में सबसे ज्यादा सोलर पैनल लगवाएगी, उस ग्राम पंचायत को सोलर विलेज के नाम से जाना जाएगा तथा अव्वल आने वाली पंचायत को एक करोड़ रुपए की ग्रांट विकास कार्यों के लिए अलग से दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पूरे जिले में 25 वालीबॉल स्टेडियम के ग्राउंड पास किए गए हैं, जिनमें से एक वालीबाल ग्राउंड गांव मरोड़ा में भी बनाया जाएगा। यदि गांव मरोड़ा की ग्राम पंचायत जमीन उपलब्ध करवाती है तो यहां पर एक क्रिकेट ग्राउंड भी प्रशासन द्वारा तैयार करवाया जाएगा। उन्होंने लोगों से कहा कि मुख्यमंत्री आवास विस्तार योजना के तहत आने वाले समय में सरकार का पोर्टल खुलने पर जरूरतमंद गरीब लोगों को 100-100 वर्ग गज के प्लाटों के लिए आवेदन कर सकते हैं।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने रात्रि ठहराव कार्यक्रम के दौरान एक छात्र द्वारा गांव मरोड़ा स्कूल की व्यवस्था के बारे में बताने पर अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से स्कूल की व्यवस्था ठीक करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने गांव के तालाब की सफाई के निर्देश भी दिए। उन्होंने गांव में स्थित एक आंगनबाड़ी केंद्र में तुरंत प्रभाव से पेयजल सप्लाई शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने बीपीएल परिवार संबंधी शिकायत पर संज्ञान लेते हुए तुरंत प्रभाव से कमेटी गठित कर बीपीएल परिवार के घर की मौका रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। इसके अलावा गांव की माइनर में पानी न आने की शिकायत पर भी तुरंत संज्ञान लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
इससे पहले गांव में पहुंचने पर सरपंच मुश्ताक व पूर्व सरपंच इलियास ने उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक सहित सभी अधिकारियों का स्वागत किया। उपायुक्त व एसपी ने गांव में आयोजित रक्तदान का दौरा रक्तदाताओं का हौसला आफजाई की व उन्हें बैज लगाए।
विभागों द्वारा स्टाल लगाकर ग्रामीणों की दिया सरकार की योजनाओं का लाभ।
रात्रि ठहराव कार्यक्रम में उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने जिला प्रशासन के सभी विभागों द्वारा प्रात: 9 बजे से लगाई गई स्टालों का अवलोकन किया और दिनभर की गई कार्यवाही की जानकारी ली। इन स्टालों पर विभागों ने अपनी सभी महत्वपूर्ण योजनाओं से संबंधित जानकारी से संबंधित प्रचार-सामग्री ग्रामीणों को उपलब्ध करवाई और योजनाओं का लाभ लेने के संबंध में जानकारी दी। योजनाओं के लाभ के लिए जरूरी दस्तावेजों व उनका लाभ लेने के तरीके बताए गए,जिससे ग्रामीणों को इसका काफी लाभ मिला।
इस अवसर पर उपमंडल फिरोजपुर झिरका की एसडीएम डा. चिनार चहल, डीएसपी अजायब सिंह, उप निदेशक कृषि विरेंद्र सिंह आर्य, सिविल सर्जन डा. सर्वजीत सिंह, पंचायती राज के एक्सईएन योगेश शर्मा, बीईओ गीता आर्य सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

