
6 दिन में उजड़ गया परिवार, कॉन्स्टेबल के बाद पत्नी ने भी दी जान
कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने पुलिस महकमे तक को झकझोर दिया है। भद्रावती तालुक के होस सिद्दापुरा गांव में पहले एक KSRP कॉन्स्टेबल ने आत्महत्या की और ठीक छह दिन बाद उसकी पत्नी ने भी फांसी लगाकर जान दे दी। आरोप है कि एक अन्य पुलिस कॉन्स्टेबल की कथित ब्लैकमेलिंग और मानसिक उत्पीड़न से परेशान होकर महिला ने यह खौफनाक कदम उठाया। इस दोहरी त्रासदी के बाद दंपति के दो छोटे बच्चे अनाथ हो गए हैं और गांव में मातम पसरा हुआ है।

पति की मौत से शुरू हुई त्रासदी
जानकारी के अनुसार, KSRP (कर्नाटक स्टेट रिजर्व पुलिस) के कॉन्स्टेबल जगदीश ने 14 फरवरी को अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। परिजनों का कहना है कि जगदीश को शराब की गंभीर लत थी और वह अक्सर नशे की हालत में घर में झगड़ा करता था। कई बार विवाद इतना बढ़ जाता था कि मामला थाने तक पहुंच जाता था, हालांकि बाद में समझौता हो जाता था।
परिवार वालों के मुताबिक, जगदीश नशे में अक्सर परिवार को डराने के लिए आत्महत्या की धमकी देता था। इसी तरह की हरकत के दौरान उसने कमरे में फंदा लगा लिया, लेकिन इस बार उसकी जान चली गई। उसकी अचानक मौत से पत्नी स्वाति और दोनों बच्चे गहरे सदमे में चले गए।
दुख के बीच शुरू हुआ कथित उत्पीड़न
पति की मौत के बाद स्वाति पहले से ही मानसिक रूप से बेहद कमजोर हो चुकी थीं। इसी बीच आरोप है कि पड़ोस में रहने वाला पुलिस कॉन्स्टेबल मोहन उन्हें लगातार परेशान करने लगा। बताया जा रहा है कि मोहन और जगदीश एक-दूसरे को पहले से जानते थे और दोनों परिवार एक ही इलाके में रहते थे।
परिजनों के अनुसार, मोहन ने स्वाति को फेसबुक और वॉट्सऐप पर अश्लील और आपत्तिजनक संदेश भेजने शुरू कर दिए। इतना ही नहीं, वह गांव में यह अफवाह भी फैलाने लगा कि जगदीश की मौत के लिए स्वाति जिम्मेदार है। इन बातों ने स्वाति को भीतर तक तोड़ दिया।
स्वाति ने अपनी मां भाग्यम्मा को फोन पर बताया था कि मोहन लगातार उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है। मां ने बेटी को समझाया कि पहले पति की तेरहवीं होने दो, फिर पुलिस में शिकायत करेंगे और कार्रवाई कराएंगे। लेकिन हालात उम्मीद से ज्यादा तेजी से बिगड़ गए।
मां को भेजा आखिरी मैसेज
20 फरवरी की सुबह स्वाति ने अपनी मां के मोबाइल पर एक भावुक वॉट्सऐप मैसेज भेजा। इस मैसेज में उन्होंने विस्तार से लिखा कि पुलिस कॉन्स्टेबल मोहन उन्हें किस तरह परेशान कर रहा है और इसी मानसिक उत्पीड़न से तंग आकर वह आत्महत्या जैसा कदम उठा रही हैं।
मैसेज में स्वाति ने मां से गुहार लगाई—“किसी भी हालत में मोहन को छोड़ना मत। मेरे दोनों बच्चों का अच्छे से ख्याल रखना।” यह संदेश भेजने के कुछ ही समय बाद स्वाति ने घर में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।
जब परिवार को इस घटना की जानकारी मिली तो घर में कोहराम मच गया। पुलिस को सूचना दी गई और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।
पुलिसकर्मी पर गंभीर आरोप
स्वाति के परिवार ने पुलिस हेड कॉन्स्टेबल मोहन के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने भद्रावती के न्यू टाउन पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराते हुए आत्महत्या के लिए उकसाने, बदनामी फैलाने, ब्लैकमेलिंग और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने मोहन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और उसकी तलाश शुरू कर दी गई है। बताया जा रहा है कि आरोपी फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
आरोपी का विवादित इतिहास
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, कॉन्स्टेबल मोहन पहले भी विवादों में रह चुका है। जानकारी सामने आई है कि उसने एक बार पुलिस ड्यूटी को लेकर आपत्तिजनक वॉट्सऐप मैसेज भेजा था, जिसके बाद उसे सस्पेंड कर दिया गया था। बाद में उसका तबादला तीर्थहल्ली तालुक के मालूर पुलिस स्टेशन में कर दिया गया था।
उस पर गांव में ब्याज पर पैसे देने और वसूली के नाम पर लोगों को परेशान करने के भी आरोप लगते रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
दो मासूमों पर टूटा पहाड़
पति-पत्नी की छह दिन के भीतर हुई मौत ने उनके दो छोटे बच्चों की जिंदगी पूरी तरह बदल दी है। दोनों बच्चे अब रिश्तेदारों के सहारे हैं। गांव के लोग भी इस दर्दनाक घटना से बेहद दुखी हैं और बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता जता रहे हैं।
परिवार और स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कथित उत्पीड़न पर रोक लगती तो शायद एक और जान बचाई जा सकती थी।
पुलिस जांच जारी
भद्रावती न्यू टाउन पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि स्वाति द्वारा भेजा गया वॉट्सऐप मैसेज, कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल सबूतों की जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्य आने के बाद मामले की तस्वीर और साफ होगी।
पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के लिए विशेष टीम बनाई गई है। यदि आरोप साबित होते हैं तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह दर्दनाक घटना कई सवाल छोड़ गई है—मानसिक उत्पीड़न, सोशल मीडिया के दुरुपयोग और पारिवारिक संकट के बीच फंसे लोगों की सुरक्षा को लेकर। फिलहाल पूरे इलाके की नजर पुलिस जांच पर टिकी है, जबकि दो मासूम अपने माता-पिता के बिना नई जिंदगी की कठिन शुरुआत करने को मजबूर हैं।
