उत्तर प्रदेश

17-18 फरवरी से बोर्ड परीक्षाएं शुरू, प्रशासन पूरी तरह अलर्ट

महाशिवरात्रि के बाद जिले में बोर्ड परीक्षाओं का दौर शुरू होने जा रहा है। 17 फरवरी से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की परीक्षाएं आरंभ होंगी, जबकि 18 फरवरी से उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी। दोनों बोर्डों की परीक्षाओं को लेकर प्रशासन और शिक्षा विभाग ने तैयारियां अंतिम चरण में पूरी कर ली हैं। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, पारदर्शिता और नकलविहीन वातावरण सुनिश्चित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

यूपी बोर्ड: 136 केंद्रों पर परीक्षा

Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Parishad की परीक्षाएं 18 फरवरी से प्रारंभ होंगी। अलीगढ़ जिले में इस बार कुल 136 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन सभी केंद्रों पर उत्तर पुस्तिकाएं पहुंचा दी गई हैं। प्रश्नपत्रों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 16 फरवरी तक केंद्रों पर पहुंचाने की तैयारी की गई है। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि प्रश्नपत्रों की गोपनीयता और सुरक्षा में किसी प्रकार की चूक न हो।

जिले में करीब 4800 परीक्षकों की तैनाती की गई है। इसके अलावा प्रत्येक केंद्र पर केंद्र व्यवस्थापक, स्टेटिक मजिस्ट्रेट और पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं, ताकि परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी सख्ती से की जा सके। संवेदनशील और अति संवेदनशील केंद्रों की विशेष पहचान कर वहां अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

सख्त सुरक्षा और निगरानी

जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) डॉ. पूरन सिंह ने जानकारी दी कि परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए हर स्तर पर व्यवस्था की गई है। परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। इसके साथ ही केंद्रों के आसपास धारा 144 जैसे एहतियाती कदम भी लागू किए जा सकते हैं, ताकि बाहरी हस्तक्षेप या अव्यवस्था की कोई संभावना न रहे।

परीक्षा के दौरान नकल रोकने के लिए उड़नदस्ता दल सक्रिय रहेंगे। सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी की व्यवस्था कई केंद्रों पर की गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित केंद्र के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विद्यार्थियों के लिए हेल्पलाइन

छात्र-छात्राओं की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर 18001805311 जारी किया गया है। यदि किसी परीक्षार्थी को प्रवेश पत्र, परीक्षा केंद्र, विषय या अन्य किसी प्रकार की समस्या का सामना करना पड़े, तो वह इस नंबर पर संपर्क कर सकता है। शिक्षा विभाग ने अपील की है कि विद्यार्थी अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें।

सीबीएसई: 22 केंद्रों पर परीक्षा

17 फरवरी से Central Board of Secondary Education की परीक्षाएं भी शुरू हो रही हैं। जिले में सीबीएसई के लिए कुल 22 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इस वर्ष कक्षा 10वीं में 9445 और 12वीं में 7667 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे।

सीबीएसई की सिटी कोऑर्डिनेटर नंदिनी सिंह ने बताया कि परीक्षा सुबह 10:30 बजे से प्रारंभ होगी। सभी परीक्षार्थियों को सुबह 10 बजे या उससे पहले केंद्र पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। समय सीमा के बाद किसी भी छात्र को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसलिए विद्यार्थियों से समय का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है।

इन स्कूलों में बनाए गए केंद्र

सीबीएसई परीक्षा के लिए जिले के कई प्रमुख स्कूलों को केंद्र बनाया गया है। इनमें ओएलएफ, अलीगढ़ पब्लिक स्कूल, पावना स्कूल, संत फिदेलिस स्कूल, जीडी पब्लिक स्कूल खैर रोड, महर्षि विद्या मंदिर, अल-बरकात स्कूल, रेडियंट स्टार्स इंग्लिश स्कूल, विजडम पब्लिक स्कूल, सेंट जोंस स्कूल अतरौली, ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल, कृष्णा इंटरनेशनल, सिटी कॉन्वेंट स्कूल अतरौली, हेम विद्या निकेतन खैर, संतसार पब्लिक स्कूल, सीबीजी सरस्वती विद्यापीठ सिंघारपुर, शांतिनिकेतन वर्ल्ड स्कूल, दिल्ली पब्लिक स्कूल, अंकुर पब्लिक स्कूल, डीपीएस वर्ल्ड स्कूल गोमत, पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय और जवाहर नवोदय विद्यालय खैर शामिल हैं।

इन केंद्रों पर भी सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। सीबीएसई के दिशा-निर्देशों के अनुसार परीक्षा कक्षों में अनुशासन बनाए रखना, निषिद्ध वस्तुओं पर रोक और उचित दूरी का पालन अनिवार्य रहेगा।

अभिभावकों और छात्रों के लिए अपील

प्रशासन ने अभिभावकों से भी सहयोग की अपील की है। परीक्षा के दौरान केंद्रों के बाहर भीड़ न लगाने और यातायात व्यवस्था को बाधित न करने का अनुरोध किया गया है। छात्रों से कहा गया है कि वे एडमिट कार्ड, आवश्यक स्टेशनरी और पहचान पत्र साथ लाना न भूलें। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण परीक्षा कक्ष में ले जाना प्रतिबंधित रहेगा।

निष्पक्ष परीक्षा का लक्ष्य

इस बार प्रशासन का मुख्य लक्ष्य परीक्षा को पूरी तरह नकलविहीन और पारदर्शी बनाना है। पिछले वर्षों में सामने आए मामलों को देखते हुए इस बार निगरानी व्यवस्था और भी सख्त की गई है। अधिकारियों का कहना है कि ईमानदार और मेहनती विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा।

जिले में बोर्ड परीक्षाओं को लेकर माहौल पूरी तरह तैयार है। छात्र-छात्राएं अंतिम तैयारी में जुटे हैं और स्कूलों में भी पुनरावृत्ति कक्षाएं चल रही हैं। शिक्षा विभाग को उम्मीद है कि इस बार परीक्षा शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और पारदर्शी ढंग से संपन्न होगी।

बोर्ड परीक्षाएं विद्यार्थियों के भविष्य की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाती हैं। ऐसे में प्रशासन, शिक्षक, अभिभावक और छात्र—सभी की जिम्मेदारी है कि इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को सफल बनाया जाए।

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