
14 वर्षीय छात्र का रहस्यमयी ढंग से घर से जाना, 10 साल बाद लौटने की बात लिख छोड़ा नोट
हरियाणा के यमुनानगर जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां 14 वर्षीय एक छात्र अचानक घर से लापता हो गया। घर से जाते समय उसने एक नोट छोड़ दिया, जिसमें लिखा था—“मम्मी, मैं घर छोड़कर जा रहा हूं, 10 साल बाद लौटूंगा, मुझे ढूंढना मत।” इस नोट को पढ़ते ही परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई और पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

जानकारी के अनुसार, यह परिवार मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले के नारायणपुर गांव का रहने वाला है। करीब दस साल पहले बेहतर रोज़गार की तलाश में परिवार यमुनानगर आकर बस गया था। पिता ग्रहण सिंह यहां प्लाईबोर्ड का काम करते हैं और मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। परिवार में उनकी पत्नी अमृता देवी और तीन बच्चे हैं—दो बेटियां और एक बेटा। बेटा आदित्य (परिवर्तित नाम) नौवीं कक्षा का छात्र है और पास के एक स्कूल में पढ़ाई करता है।
मंगलवार का दिन परिवार के लिए सामान्य ही था। घर में सभी सदस्य मौजूद थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही घंटों में सब कुछ बदल जाएगा। मां अमृता देवी के अनुसार, आदित्य ने दोपहर के समय कहा कि वह किसी काम से बाहर जा रहा है। परिवार को लगा कि वह आसपास ही कहीं गया होगा और थोड़ी देर में लौट आएगा। लेकिन जब शाम तक वह वापस नहीं आया तो परिजनों की चिंता बढ़ने लगी।
मां ने बताया कि उन्होंने कई बार बेटे के मोबाइल नंबर पर फोन मिलाया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ। पहले तो लगा कि शायद फोन साइलेंट पर हो या बैटरी खत्म हो गई हो, लेकिन समय बीतने के साथ चिंता बेचैनी में बदल गई। जब काफी देर तक कोई खबर नहीं मिली तो परिजन उसके कमरे में गए। वहां सामान देखने पर उन्हें एक कागज मिला, जिस पर आदित्य की लिखावट में एक संदेश लिखा था—“मम्मी, मैं घर छोड़कर जा रहा हूं, 10 साल बाद लौटूंगा, मुझे ढूंढना मत।”
यह संदेश पढ़ते ही परिवार के होश उड़ गए। मां फूट-फूटकर रोने लगीं। पिता को जब इस बारे में बताया गया तो वे भी स्तब्ध रह गए। किसी को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर एक 14 साल का बच्चा ऐसा कदम क्यों उठाएगा। परिजनों का कहना है कि घर में किसी तरह का झगड़ा या विवाद नहीं हुआ था। आदित्य सामान्य व्यवहार कर रहा था और उसने कभी किसी बात की शिकायत भी नहीं की थी।
घबराए परिजन तुरंत यमुनानगर के सदर थाने पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर ली। साथ ही, लड़के के मोबाइल नंबर को ट्रैक करने की प्रक्रिया शुरू की गई। जांच के दौरान पता चला कि आदित्य के फोन की आखिरी लोकेशन दिल्ली में मिली है। इससे मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि वह अकेले दिल्ली गया या किसी के साथ। यह भी देखा जा रहा है कि कहीं वह किसी के संपर्क में तो नहीं था या किसी ने उसे बहला-फुसलाकर तो नहीं ले गया। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है, ताकि उसके घर से निकलने और आगे की गतिविधियों का पता लगाया जा सके।
परिवार का कहना है कि आदित्य पढ़ाई में ठीक था और घर में भी शांत स्वभाव का था। हालांकि, किशोरावस्था में बच्चों के मन में कई तरह के भाव और दबाव होते हैं, जिन्हें वे हमेशा खुलकर व्यक्त नहीं कर पाते। पुलिस इस पहलू को भी ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है कि कहीं वह किसी मानसिक तनाव या भावनात्मक उलझन में तो नहीं था।
मां अमृता देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। वे बार-बार यही कह रही हैं कि उन्हें अपने बेटे की एक झलक मिल जाए, बस वही काफी है। पिता ग्रहण सिंह ने भी लोगों से अपील की है कि अगर किसी को उनके बेटे के बारे में कोई जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस या परिवार को सूचित करें।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे हर संभव प्रयास कर रहे हैं। दिल्ली में संबंधित थानों से भी संपर्क किया गया है। रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही, साइबर टीम मोबाइल की लोकेशन और कॉल डिटेल्स के आधार पर उसकी गतिविधियों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि किशोर उम्र के बच्चों के मन में चल रहे विचारों और भावनाओं को समझना कितना जरूरी है। अक्सर बच्चे अपनी परेशानियां साझा नहीं कर पाते और अचानक कोई बड़ा कदम उठा लेते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि माता-पिता को बच्चों के साथ खुला संवाद बनाए रखना चाहिए, ताकि वे अपनी बात बेझिझक कह सकें।
फिलहाल, परिवार की निगाहें पुलिस की जांच और बेटे की सुरक्षित वापसी पर टिकी हैं। हर बीतता दिन उनके लिए भारी पड़ रहा है। पूरे इलाके में भी इस घटना को लेकर चर्चा है और लोग परिवार के प्रति संवेदना जता रहे हैं। सभी को उम्मीद है कि आदित्य जल्द ही सुरक्षित मिल जाएगा और यह रहस्य सुलझ सकेगा कि आखिर उसने घर छोड़ने जैसा फैसला क्यों लिया।

