
11 दिन बाद नाले में मिला मासूम का शव, डूबने से मौत की पुष्टि; परिवार बोला– सच अभी अधूरा है
उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से सामने आई यह घटना न सिर्फ दिल दहला देने वाली है, बल्कि कई अनसुलझे सवाल भी छोड़ जाती है। सिकंदरा थाना क्षेत्र के नगला चुचाना इलाके में 12 वर्षीय बच्चे का शव नाले से मिलने के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। मृतक बच्चा कुनाल बीते 11 दिनों से लापता था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत की वजह डूबना बताई गई है, लेकिन परिवार इस निष्कर्ष को मानने को तैयार नहीं है और पूरे मामले को साजिश करार दे रहा है।

मूल रूप से दहतोरा गांव निवासी धर्मवीर सिंह का बेटा कुनाल 7 जनवरी को रोज़ की तरह घर से खेलने निकला था। परिवार के अनुसार, वह अक्सर पास के इलाकों में बच्चों के साथ खेलता था और समय पर लौट आता था। लेकिन उस दिन देर शाम तक जब वह घर नहीं पहुंचा, तो घरवालों की चिंता बढ़ गई। पहले आसपास खोजबीन की गई, रिश्तेदारों और परिचितों से पूछताछ हुई, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी।
काफी तलाश के बाद परिजनों ने सिकंदरा थाने में पहुंचकर बेटे के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। परिजनों को आशंका थी कि उनके बेटे का अपहरण किया गया है। इसी आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें कुनाल अकेले जाते हुए नजर आया। हालांकि, इसके बाद वह कहां गया और किन हालात में था, इसका कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया।
लगभग 11 दिन तक चले इंतजार और अनिश्चितता के बाद शनिवार को नगला चुचाना क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब स्थानीय लोगों ने नाले में एक बच्चे का शव पड़ा देखा। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को नाले से बाहर निकलवाया और पहचान की प्रक्रिया शुरू की। जब परिजनों को बुलाया गया, तो उन्होंने शव की पहचान अपने बेटे कुनाल के रूप में की। यह पल परिवार के लिए बेहद दर्दनाक था, मां-बाप बेसुध हो गए और मौके पर मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
शव मिलने के बाद पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह सामने आया कि कुनाल की मौत डूबने से हुई है। रिपोर्ट में किसी गंभीर चोट या संघर्ष के स्पष्ट निशान नहीं पाए गए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर प्रथम दृष्टया यह मामला हादसे का प्रतीत होता है।
हालांकि, कहानी यहीं खत्म नहीं होती। शव की तलाशी के दौरान एक ऐसा तथ्य सामने आया, जिसने परिजनों की शंकाओं को और मजबूत कर दिया। पुलिस को कुनाल की जेब से शराब की आधी खाली बोतल मिली। 12 साल के बच्चे की जेब में शराब की बोतल मिलना न सिर्फ चौंकाने वाला है, बल्कि कई सवाल भी खड़े करता है। परिजनों का कहना है कि उनका बेटा शराब जैसी चीजों से कोसों दूर था और कभी इस तरह की आदतों या संगत में नहीं रहा।
परिवार का आरोप है कि पुलिस सिर्फ पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले को खत्म करना चाहती है, जबकि कई अहम सवालों के जवाब अभी बाकी हैं। उनका कहना है कि अगर मौत डूबने से हुई, तो बच्चा 11 दिनों तक कहां था? वह नाले तक कैसे पहुंचा? और उसकी जेब में शराब की बोतल कैसे आई? परिजनों को आशंका है कि किसी ने जानबूझकर बच्चे को फंसाया और बाद में सबूतों को भटकाने की कोशिश की गई।
स्थानीय लोगों में भी इस घटना को लेकर गुस्सा है। उनका कहना है कि इलाके में कई नाले खुले पड़े हैं, जिन पर न तो ढक्कन हैं और न ही सुरक्षा के कोई इंतजाम। बच्चों का इन इलाकों में खेलना आम बात है, जिससे हादसों का खतरा हमेशा बना रहता है। लोगों का यह भी कहना है कि अगर प्रशासन समय रहते सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करता, तो शायद आज एक मासूम की जान बच सकती थी।
पुलिस की ओर से कहा गया है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि कुनाल आखिरी बार किसके संपर्क में था। थाना प्रभारी का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत की पुष्टि हुई है, लेकिन यदि जांच में कोई नया तथ्य सामने आता है, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, यह मामला सिर्फ एक बच्चे की मौत तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह बच्चों की सुरक्षा, शहरी अव्यवस्था और जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े करता है। एक तरफ पुलिस इसे हादसा मान रही है, तो दूसरी तरफ परिजन इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं। जब तक हर सवाल का जवाब नहीं मिल जाता, तब तक 12 साल के कुनाल की मौत का सच अधूरा ही माना जाएगा।



