
हरियाणा में EWS आरक्षण का दायरा बढ़ा, अब 8 लाख रुपये सालाना आय वाले परिवारों को भी मिलेगा लाभ
हरियाणा सरकार ने राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के परिवारों को एक बड़ी सौगात दी है। सरकार ने आरक्षण के नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए आय सीमा (Income Limit) में बढ़ोतरी की है। इस फैसले के बाद अब मध्यम और निम्न-मध्यम वर्गीय परिवारों का एक बड़ा हिस्सा आरक्षण के दायरे में आ सकेगा।

यहाँ जानिये इस फैसले के मुख्य बिंदु और इसका सीधा असर:
1. आय सीमा में 2 लाख रुपये की बढ़ोतरी
हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी नई अधिसूचना के अनुसार, EWS आरक्षण का लाभ उठाने के लिए अब पारिवारिक वार्षिक आय सीमा 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये कर दी गई है।
इससे पहले 25 फरवरी 2019 को जारी आदेशों के तहत यह सीमा 6 लाख रुपये थी।
ताजा समीक्षा के बाद सरकार ने इसे केंद्र सरकार के मानदंडों के अनुरूप करने का निर्णय लिया है।
आय सीमा के अलावा आरक्षण प्राप्त करने की अन्य शर्तें पहले की तरह ही लागू रहेंगी।
2. कहाँ मिलेगा इस बदलाव का फायदा?
सरकार का यह फैसला केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका सीधा असर युवाओं के भविष्य और करियर पर पड़ेगा। बढ़ी हुई आय सीमा निम्नलिखित क्षेत्रों में लागू होगी:
सरकारी नौकरियां: राज्य में सिविल पदों और सेवाओं में होने वाली सभी प्रत्यक्ष भर्तियों (Direct Recruitment) में।
शिक्षा: सरकारी शिक्षण संस्थानों और सरकारी सहायता प्राप्त (Aided) स्कूलों/कॉलेजों में दाखिले के समय।
3. ‘सबको छत’ मुहिम को भी मिलेगा बल
आरक्षण के अलावा, सरकार ने EWS वर्ग के लिए अपनी आवास नीति को भी रेखांकित किया है, जो शहरी गरीबों को घर मुहैया कराने में मदद कर रही है:
लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों में 20% प्लॉट EWS के लिए आरक्षित हैं।
ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों में 15% फ्लैट आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए रखे गए हैं।
4. इस फैसले के मायने
सरकार के इस कदम का सबसे बड़ा लाभ उन परिवारों को मिलेगा जो 6 लाख की सीमा के कारण EWS श्रेणी से बाहर हो जाते थे, लेकिन आर्थिक रूप से उतने सक्षम नहीं थे। आय सीमा 8 लाख रुपये होने से अब अधिक से अधिक पात्र युवा सरकारी योजनाओं, नौकरियों और उच्च शिक्षा में आरक्षण का लाभ उठा सकेंगे, जिससे प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

