
हरियाणा की हॉकी स्टार सविता पूनिया को पद्मश्री सम्मान, गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति करेंगे सम्मानित
भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व गोलकीपर और कप्तान सविता पूनिया को इस वर्ष गणतंत्र दिवस पर पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा। हरियाणा के गांव जोधकां की रहने वाली सविता के चयन की खबर आते ही पूरे जिले में खुशी का माहौल है। इस सम्मान के साथ ही सविता का नाम भारतीय खेलों के इतिहास में और भी गौरवमयी रूप से दर्ज हो गया है।

सविता पूनिया भारतीय महिला हॉकी टीम की स्टार गोलकीपर रही हैं और उनके शानदार प्रदर्शन के कारण उन्हें “भारत की दीवार” (Wall of India) के नाम से जाना जाता है। टोक्यो ओलंपिक 2020 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आठ पेनाल्टी कॉर्नर बचाने के बाद उन्हें यह खास पहचान मिली। सविता ने 2011 में अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की और अब तक 300 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुकी हैं।
सविता 2016 रियो और 2020 टोक्यो ओलंपिक की भारतीय टीम का हिस्सा रहीं। 2018 एशियाई खेलों में रजत पदक जीतने वाली टीम में भी उनकी अहम भूमिका रही। उन्होंने लगातार तीन बार एफआईएच गोलकीपर ऑफ द ईयर का पुरस्कार भी जीता है। इसके अलावा उन्हें 2018 में अर्जुन पुरस्कार और हरियाणा सरकार द्वारा भीम अवॉर्ड भी मिल चुका है।
खेल जीवन की शुरुआत:
सविता ने अपने खेल जीवन की शुरुआत गांव जोधकां के प्राइमरी स्कूल से की। वर्ष 2003 में छठी कक्षा में पढ़ रही सविता को उनके खेल शिक्षक दीपचंद कंबोज ने खेलते देखा और उनकी प्रतिभा की पहचान की। शिक्षक ने उनके पिता महेंद्र पूनिया, जो स्वास्थ्य विभाग में फार्मासिस्ट हैं, से चर्चा कर उन्हें खेल में आगे बढ़ाने का सुझाव दिया। सविता ने शुरुआती साल ही जूनियर स्तर की नेशनल हॉकी प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतकर अपनी क्षमता साबित कर दी और उसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा।
सविता वर्तमान में इंडियन टीम के वर्ल्ड कप क्वालीफाई मुकाबलों की तैयारी के लिए बंगलुरु में प्रशिक्षण ले रही हैं।
सविता की प्रमुख उपलब्धियां:
अंतरराष्ट्रीय मैच: 300+ मैच खेल चुकी दूसरी भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी।
अर्जुन पुरस्कार (2018)
एफआईएच गोलकीपर ऑफ द ईयर: 2020-21, 2021-22, 2022-23
एशिया कप 2017: स्वर्ण पदक, बेस्ट गोलकीपर का खिताब
एशियाई खेल 2018: रजत पदक
एशिया कप 2013: कांस्य पदक
एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी 2018: रजत पदक
एफआईएच महिला नेशंस लीग 2022: विजेता (कप्तान के रूप में)
एशिया कप 2022: तीसरा स्थान (कप्तान के रूप में)
ओलंपिक: 2016 और 2020 में भागीदारी
हरियाणा सरकार द्वारा भीम अवॉर्ड
परिवार और गांव में खुशी:
सविता के पिता महेंद्र पूनिया ने बेटी के पद्मश्री चयन पर खुशी जताई और कहा कि यह सम्मान पूरे परिवार, समाज और गांव के लिए गर्व की बात है। सविता ने 18 जनवरी को अपने पिता से मुलाकात कर योजना और ट्रेनिंग अपडेट साझा किया था।
सविता की सफलता न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश की महिला खेल प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके खेल जीवन और समर्पण ने साबित कर दिया है कि मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन से खेल में ऊँचाइयों को छुआ जा सकता है। पद्मश्री सम्मान उनके खेल करियर की नई ऊँचाई है और भारतीय हॉकी में महिला खिलाड़ियों के योगदान को मान्यता देने वाला गौरवपूर्ण पल है।
सविता पूनिया का यह अवार्ड केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि भारतीय महिला हॉकी के लिए एक प्रेरक उदाहरण है, जो युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा।

