
सिटी ब्यूटीफुल में बढ़ा क्राइम, झपटमार बेखौफ**
चंडीगढ़ में इन दिनों झपटमारी और लूट की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिससे आम लोगों के बीच डर का माहौल बन गया है। पुलिस की ओर से गश्त और नाकेबंदी के दावे तो किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है। अपराधी अब इतने बेखौफ हो चुके हैं कि भीड़भाड़ और पॉश इलाकों में भी वारदातों को अंजाम देने से नहीं हिचक रहे।

हाल ही में सामने आई तीन अलग-अलग घटनाओं ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन घटनाओं में एक बुजुर्ग महिला, एक स्कूल टीचर और एक रिक्शा चालक को निशाना बनाया गया। तीनों मामलों में बदमाशों ने बेहद तेजी और चालाकी से वारदात को अंजाम दिया और फरार हो गए।
पहली घटना सेक्टर-33 के पॉश इलाके में शनिवार रात करीब 8 बजे हुई। एक बुजुर्ग महिला अपने घर के बाहर टहल रही थीं। इसी दौरान एक्टिवा पर सवार दो युवक वहां पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपियों ने पहले अपनी रफ्तार धीमी की और फिर अचानक पीछे बैठे युवक ने महिला के कानों से सोने के कुंडल झपट लिए। महिला कुछ समझ पाती, उससे पहले ही आरोपी मौके से फरार हो गए।
इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें पूरी वारदात कैद हो गई है। फुटेज के मुताबिक, यह घटना रात करीब 8 बजे के आसपास की है। पुलिस ने फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है, लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। घटना के बाद इलाके में रहने वाले लोग दहशत में हैं और सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।
दूसरी घटना सेक्टर-27 में हुई, जहां एक स्कूल टीचर झपटमारी का शिकार बनीं। जानकारी के अनुसार, टीचर कोमल धोबी से कपड़े लेकर अपने घर लौट रही थीं। तभी स्कूटी पर सवार दो युवक उनके पास आए और झपट्टा मारकर उनकी सोने की चेन और पर्स छीन लिया। वारदात इतनी तेजी से हुई कि पीड़िता को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि अपराधी अब दिनदहाड़े भी वारदात करने से नहीं डर रहे हैं। पीड़िता ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
तीसरी घटना रामदरबार इलाके में सामने आई, जहां एक रिक्शा चालक को चाकू की नोक पर लूट लिया गया। पीड़ित सोनू, जो मौली जागरां का रहने वाला है, ने बताया कि वह दोपहर करीब 2 बजे सवारी छोड़ने के बाद अपने पैसे गिन रहा था। तभी दो युवक उसके पास आए और चाकू दिखाकर उससे 1760 रुपए छीन लिए।
पीड़ित के मुताबिक, आरोपियों ने उसे धमकाया और विरोध करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। इसके बाद दोनों मौके से फरार हो गए। सोनू का कहना है कि वह आरोपियों को पहचान सकता है, अगर वे उसके सामने आएं।
लगातार हो रही इन घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि शहर में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। खासतौर पर यह चिंता की बात है कि अब महिलाएं और बुजुर्ग भी सुरक्षित नहीं हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब पुलिस की मौजूदगी के बावजूद ऐसी घटनाएं हो रही हैं, तो सुरक्षा व्यवस्था कितनी प्रभावी है।
पुलिस का कहना है कि सभी मामलों में शिकायत दर्ज कर ली गई है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। साथ ही, शहर में गश्त बढ़ाने और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने की बात भी कही गई है।
हालांकि, आम नागरिकों का मानना है कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। उन्हें जमीन पर सख्त कार्रवाई की जरूरत है, ताकि अपराधियों में डर पैदा हो और ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि पुलिस को आधुनिक तकनीक का ज्यादा उपयोग करना चाहिए, जैसे बेहतर सीसीटीवी कवरेज, रियल टाइम मॉनिटरिंग और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत प्रतिक्रिया। इसके साथ ही लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है, खासकर सुनसान जगहों और रात के समय।
कुल मिलाकर, चंडीगढ़ में बढ़ती झपटमारी की घटनाएं कानून-व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं। यदि समय रहते इस पर काबू नहीं पाया गया, तो यह समस्या और गंभीर हो सकती है। ऐसे में प्रशासन और जनता दोनों को मिलकर सतर्कता बरतने की जरूरत है, ताकि शहर में सुरक्षा और विश्वास का माहौल दोबारा कायम हो सके।


