
शादी के चार दिन बाद टूटा रिश्ता: हाथरस में नवविवाहिता पर पति से विवाद, हमले और जेवर लेकर प्रेमी संग जाने के आरोप
उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले से सामने आया एक ताजा मामला शादी और रिश्तों की जटिलताओं को उजागर करता है। यहां विवाह के महज कुछ दिनों बाद ही एक नवविवाहिता के ससुराल से अचानक गायब होने और अपने कथित प्रेमी के साथ जाने की घटना ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया। पति और उसके परिवार ने महिला पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि महिला ने अपनी सफाई में जबरन शादी और मानसिक दबाव की बात कही है। फिलहाल मामला पुलिस जांच में है और दोनों पक्षों के बयान लिए जा रहे हैं

नई शुरुआत की उम्मीद, लेकिन पहले ही दिन तनाव
बताया जा रहा है कि नाई का नगला मोहल्ले के रहने वाले सुनील कुमार की शादी 21 फरवरी 2026 को चंदपा क्षेत्र के गांव परसारा निवासी मोनिका के साथ हुई थी। शादी पूरे रीति-रिवाज से संपन्न हुई और 23 फरवरी को दुल्हन की विदाई कराकर उसे ससुराल लाया गया।
परिवार के मुताबिक, शादी के बाद सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन पहली ही रात पति-पत्नी के बीच तनाव पैदा हो गया। सुनील का आरोप है कि जब उन्होंने पत्नी के करीब जाने की कोशिश की, तो उसने नाराजगी जताई और दूरी बनाए रखने को कहा। सुनील का कहना है कि जब उन्होंने बात समझने के लिए आगे कदम बढ़ाया, तो पत्नी ने अचानक अपने बैग से चाकू निकालकर उन पर हमला कर दिया।
इस हमले में सुनील के हाथ में चोट आई। परिवार के अन्य लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया और अगले दिन दोनों पक्षों को समझाकर रिश्ते को संभालने की कोशिश की गई।
रिश्ते सुधारने की कोशिश
सुनील के अनुसार, स्थिति सामान्य करने के उद्देश्य से वह 25 फरवरी को पत्नी को उसके मायके लेकर गए। वहां कुछ समय बिताने के बाद दोनों वापस ससुराल लौट आए। परिवार को उम्मीद थी कि अब सब ठीक हो जाएगा।
उसी रात मोनिका ने खुद खाना बनाने की इच्छा जताई। उसने रसोई में जाकर आलू-बैंगन की सब्जी बनाई और बड़े स्नेह से पूरे परिवार को खाना परोसा। खुद उसने पेट दर्द का हवाला देकर खाना नहीं खाया। परिवार ने इसे सामान्य बात मानकर नजरअंदाज कर दिया।
सुबह हुई तो सब बदल चुका था
परिवार के मुताबिक, खाना खाने के बाद सभी लोग असामान्य रूप से गहरी नींद में सो गए। अगले दिन 26 फरवरी की सुबह जब सुनील की नींद खुली, तो पत्नी घर में नहीं थी। पहले सोचा कि वह कहीं आस-पास होगी, लेकिन काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला।
इसके बाद घर की अलमारी और सामान की जांच की गई। परिवार का दावा है कि घर से सोने-चांदी के कई कीमती आभूषण और कुछ नकदी गायब मिली। बताया गया कि इनमें पुस्तैनी गहने भी शामिल थे, जिनमें सोने की हसलिया, पेंडल, अंगूठी, नथ और चांदी की पायलें थीं। साथ ही करीब 18 हजार रुपये नकद भी नहीं मिले।
प्रेमी के साथ भागने का आरोप
सुनील का आरोप है कि यह सब पहले से रची गई योजना थी और इसमें मोनिका के कथित प्रेमी सुग्रीव की भूमिका है। सुग्रीव उसी गांव परसारा का रहने वाला बताया जा रहा है और रिश्ते में महिला का चाचा लगता है। परिवार का कहना है कि सुग्रीव भी अपने घर से गायब है, जिससे संदेह और गहरा गया है।
पुलिस में शिकायत
घटना के बाद सुनील और उनके परिजन कोतवाली सदर पहुंचे और पत्नी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में हमला करने, नशीला पदार्थ देने, जेवरात ले जाने और प्रेमी के साथ भागने के आरोप लगाए गए।
मामले की जांच उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा शुरू कर दी गई है। पुलिस ने दोनों परिवारों से जानकारी जुटानी शुरू कर दी है और महिला से संपर्क साधने की कोशिश की।
महिला की सफाई
पुलिस के अनुसार, फोन के जरिए महिला से संपर्क हो गया है। महिला ने बताया कि उसने शादी के दूसरे ही दिन पति को अपने प्रेम संबंध के बारे में बता दिया था और साथ रहने से साफ इनकार कर दिया था। उसने दावा किया कि उस पर शादी के लिए दबाव डाला गया था।
महिला ने यह भी कहा कि 25 फरवरी की रात इसी मुद्दे पर फिर विवाद हुआ था। उसने स्वीकार किया कि वह फिलहाल अपने प्रेमी के साथ है, लेकिन उसने नशीला पदार्थ देने और जेवरात ले जाने के आरोपों को गलत बताया है।
पुलिस का रुख
इस मामले पर जानकारी देते हुए एएसपी रामानंद कुशवाहा ने बताया कि महिला फिलहाल शहर से बाहर है और उसे पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बयान, कॉल रिकॉर्ड और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि मामले में कई पहलू हैं — पति पर हमले का आरोप, कथित चोरी, और महिला का जबरन शादी का दावा — इसलिए जांच सावधानी से की जा रही है।
सामाजिक और कानूनी पहलू
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालना ठीक नहीं होता। यदि महिला का जबरन शादी का आरोप सही पाया जाता है, तो यह मामला अलग दिशा ले सकता है। वहीं यदि चोरी और हमले के आरोप साबित होते हैं, तो महिला के खिलाफ सख्त कार्रवाई संभव है।
कानूनी जानकार बताते हैं कि ऐसे मामलों में दोनों पक्षों के अधिकार और सुरक्षा महत्वपूर्ण होते हैं। पुलिस को निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लानी होती है।
आगे की कार्रवाई
फिलहाल पुलिस महिला और उसके कथित प्रेमी को सामने लाने की कोशिश कर रही है। दोनों से पूछताछ के बाद ही यह तय होगा कि मामला प्रेम प्रसंग, पारिवारिक विवाद या आपराधिक साजिश में से किस श्रेणी में आता है।
यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि विवाह केवल सामाजिक रस्म नहीं बल्कि भावनात्मक और कानूनी जिम्मेदारी भी है। यदि रिश्तों में पारदर्शिता और सहमति न हो, तो परिणाम गंभीर हो सकते हैं।



