
शादी का झांसा देकर 90 हजार की ठगी
हरियाणा के करनाल जिले के घरौंडा क्षेत्र से विवाह के नाम पर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां गांव कलहेड़ी की एक महिला ने आरोप लगाया है कि उसके बेटे की शादी करवाने का भरोसा देकर कुछ लोगों ने उससे करीब 90 हजार रुपये ऐंठ लिए और शादी के महज एक दिन बाद ही कथित बहू को अपने साथ ले गए। पीड़िता ने पूरे घटनाक्रम की शिकायत घरौंडा थाने में दी है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

शिकायत के अनुसार, घटना की शुरुआत 13 नवंबर 2025 को हुई, जब करनाल निवासी मांगा राम, मोदीपुर ढाकला के गुरनाम सिंह, गांधी नगर करनाल की सीमा, आरती और गौरव नाम के लोगों ने महिला से संपर्क किया। आरोप है कि इन लोगों ने खुद को रिश्ते करवाने वाला बताकर उसके बेटे की शादी कराने का भरोसा दिलाया। परिवार शादी के लिए पहले से चिंतित था, ऐसे में आरोपियों की बातों में आ गया।
महिला का कहना है कि शुरुआत में आरोपियों ने मामूली रकम लेकर भरोसा जीतने की कोशिश की। पहले बिचौलिये के तौर पर 500 और 600 रुपये लिए गए। इसके बाद मामला धीरे-धीरे आगे बढ़ाया गया और कथित लड़की पूजा पुत्री रमेश निवासी संगरोली, यमुनानगर का रिश्ता दिखाया गया। मांग भराई की रस्म के नाम पर 4,500 रुपये वसूल लिए गए।
पीड़िता के मुताबिक, आरोपियों ने लगातार अलग-अलग बहाने बनाकर पैसे मांगने का सिलसिला जारी रखा। कभी शादी की तैयारी तो कभी रस्मों का हवाला देकर रकम ली जाती रही। इसी दौरान 16 हजार रुपये और फिर 10 हजार रुपये भी ले लिए गए। महिला ने बताया कि परिवार को यह भरोसा दिलाया गया कि सारी प्रक्रिया सही तरीके से हो रही है और जल्द ही शादी संपन्न करवा दी जाएगी।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि करीब तीन महीने पहले आरोपियों ने फिर से 13 हजार रुपये की मांग की। इसके बाद श्रृंगार के सामान के नाम पर 12 हजार रुपये, मेहंदी के लिए 1,200 रुपये और सूट के लिए 1,400 रुपये भी लिए गए। परिवार शादी की तैयारियों में जुटा रहा और आरोपियों की बातों पर विश्वास करता रहा।
महिला ने बताया कि 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन आरोपियों ने एक बार फिर पैसे की मांग की। इस बार 20 हजार रुपये लिए गए। इसके अलावा पंडित की फीस के नाम पर 3,500 रुपये, गाड़ी किराये के लिए 2,100 रुपये और फोटोग्राफर के नाम पर 500 रुपये भी वसूले गए। अगले दिन भी आरोपियों ने 1,000 रुपये नकद और 1,500 रुपये श्रृंगार के नाम पर ले लिए।
इस तरह अलग-अलग किस्तों में परिवार से कुल 90,300 रुपये ऐंठ लिए गए। पीड़िता का कहना है कि उन्होंने बेटे की शादी की खुशी में बिना ज्यादा शक किए पैसे देते रहे, क्योंकि उन्हें भरोसा दिलाया जा रहा था कि सब कुछ वैध और पारंपरिक तरीके से हो रहा है।
महिला के अनुसार, आखिरकार शादी की रस्में पूरी करवा दी गईं और कथित बहू को घर लाया गया। लेकिन परिवार की खुशी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी। आरोप है कि बहू केवल एक दिन ही ससुराल में रही। अगले ही दिन वही लोग उसे अपने साथ ले गए और फिर संपर्क करना बंद कर दिया। जब परिवार ने आरोपियों से संपर्क करने की कोशिश की तो वे टालमटोल करने लगे।
पीड़िता को जब ठगी का अहसास हुआ तो उसने तुरंत घरौंडा थाने में शिकायत दर्ज करवाई। महिला ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और उसकी रकम वापस दिलाने की मांग की है। परिवार का कहना है कि उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई बेटे की शादी के लिए खर्च की थी, लेकिन उनके साथ धोखा हो गया।
मामले की जांच कर रहे जांच अधिकारी उमेश त्यागी ने बताया कि शिकायत प्राप्त होते ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि आरोपियों की भूमिका और पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है। शुरुआती जांच में यह मामला सुनियोजित ठगी का प्रतीत हो रहा है, हालांकि सभी पहलुओं की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या आरोपियों ने इसी तरह अन्य परिवारों को भी निशाना बनाया है। यदि ऐसा पाया जाता है तो मामला और गंभीर हो सकता है। अधिकारियों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर संबंधित जिलों की पुलिस से भी संपर्क किया जाएगा।
यह घटना एक बार फिर तथाकथित शादी कराने वाले गिरोहों की सक्रियता पर सवाल खड़े करती है। ग्रामीण और अर्धशहरी इलाकों में ऐसे मामलों में अक्सर परिवार जल्दबाजी और भरोसे में आकर ठगी का शिकार हो जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी बिचौलिए के जरिए रिश्ता तय करते समय पूरी जांच-पड़ताल, पहचान सत्यापन और कानूनी दस्तावेजों की पुष्टि करना बेहद जरूरी है।
फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है और पीड़ित परिवार को उम्मीद है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर उनके साथ हुई ठगी का पर्दाफाश होगा।

