
वाराणसी में रिश्तों का कत्ल: शराब के लिए पैसे न मिलने पर बेटे ने मां को ईंट और लोहे की रॉड से मार डाला
उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत और रिश्तों दोनों को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक युवक ने शराब के लिए पैसे न मिलने पर अपनी ही मां की बेरहमी से हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि गुस्से में आकर बेटे ने अपनी मां पर ईंट और लोहे की रॉड से कई वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही हालत गंभीर हो गई। बाद में अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मृत महिला की पहचान 62 वर्षीय शिला देवी के रूप में हुई है। वह दुखराम की पत्नी थीं और अपने परिवार के साथ वाराणसी के एक मोहल्ले में रहती थीं। बताया जा रहा है कि उनका सबसे छोटा बेटा घनश्याम लंबे समय से नशे की लत से जूझ रहा था। वह अक्सर शराब पीने के लिए घर में पैसे मांगता था और पैसे न मिलने पर झगड़ा करता था।
परिवार के लोगों और पड़ोसियों के अनुसार घनश्याम का व्यवहार पिछले कुछ समय से काफी आक्रामक हो गया था। वह छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा हो जाता था और घर में विवाद करता रहता था। कई बार परिवार के लोगों ने उसे समझाने की कोशिश भी की, लेकिन उसकी आदतों में कोई सुधार नहीं आया।
घटना रविवार की दोपहर करीब साढ़े तीन बजे की बताई जा रही है। उस समय घर में शिला देवी मौजूद थीं। इसी दौरान घनश्याम वहां पहुंचा और अपनी मां से शराब पीने के लिए पैसे मांगने लगा। मां ने पैसे देने से साफ मना कर दिया। मां का कहना था कि वह उसे शराब पीने के लिए पैसे नहीं देंगी, क्योंकि उसकी यह आदत घर के माहौल को खराब कर रही थी।
मां के इनकार से घनश्याम गुस्से से आगबबूला हो गया। पहले तो दोनों के बीच तीखी बहस हुई, लेकिन कुछ ही देर में मामला हाथापाई तक पहुंच गया। गुस्से में आकर घनश्याम ने घर में पड़ी एक ईंट और लोहे की रॉड उठा ली और अपनी मां पर हमला कर दिया।
बताया जा रहा है कि उसने शिला देवी पर लगातार कई वार किए। सिर और शरीर पर लगे गंभीर चोटों के कारण शिला देवी खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ीं। हमले के दौरान घर से जोर-जोर से चीखने की आवाजें आने लगीं, जिसे सुनकर आसपास के लोग तुरंत वहां पहुंच गए।
जब पड़ोसियों ने शिला देवी को घायल हालत में देखा तो तुरंत उन्हें अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की गई। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें पास के अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों का कहना था कि सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौत हो गई।
इस बीच घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी बेटा घनश्याम मौके से फरार हो गया। इलाके में जैसे ही इस घटना की खबर फैली, लोगों में दहशत और गुस्सा फैल गया। स्थानीय लोग इस बात से हैरान थे कि एक बेटा अपनी ही मां के साथ इतनी क्रूरता कैसे कर सकता है।
पड़ोसियों का कहना है कि शिला देवी बेहद सरल और शांत स्वभाव की महिला थीं। वह अपने परिवार का ख्याल रखने वाली महिला के रूप में जानी जाती थीं। किसी ने भी यह नहीं सोचा था कि उनके साथ इस तरह की दर्दनाक घटना हो सकती है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की। मौके से ईंट और लोहे की रॉड भी बरामद की गई है, जिनका इस्तेमाल हमले में किया गया था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में यह साफ हुआ है कि विवाद की वजह शराब के लिए पैसे मांगना था। जब मां ने पैसे देने से इनकार किया तो आरोपी ने गुस्से में आकर यह खौफनाक कदम उठा लिया।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई टीमों को लगाया गया है। संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है ताकि आरोपी को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके।
इस घटना ने समाज में बढ़ती नशे की समस्या को एक बार फिर उजागर कर दिया है। नशे की लत के कारण कई परिवारों में कलह और हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई मामलों में नशे की वजह से लोग अपने ही रिश्तों की मर्यादा भूल जाते हैं और अपराध की राह पर चल पड़ते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते नशे की समस्या पर सख्ती से रोक नहीं लगाई गई तो इस तरह की घटनाएं आगे भी सामने आती रहेंगी। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि नशे के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जाए।
फिलहाल वाराणसी पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मां और बेटे के रिश्ते को दुनिया में सबसे पवित्र माना जाता है, लेकिन वाराणसी की इस घटना ने इस रिश्ते को भी शर्मसार कर दिया है। एक मां, जिसने अपने बेटे को जन्म दिया और उसे बड़ा किया, उसी बेटे के हाथों उसकी जान चली गई। यह घटना न सिर्फ एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि समाज के लिए भी एक बड़ा सवाल खड़ा करती है।



