
लुधियाना डबल मर्डर केस: NRI ने बहन के सास-ससुर की चाकू से हत्या की, अदालत ने सुनाई उम्रकैद
लुधियाना: पंजाब के लुधियाना में बहन के सास-ससुर की निर्मम हत्या के चार साल बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया है। यूके निवासी 39 वर्षीय चरणजीत सिंह को अदालत ने डबल मर्डर का दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने उसे किसी भी छूट या रिहाई के विकल्प के बिना सजा दी।

वारदात का सनसनीखेज दृश्य
यह नृशंस वारदात 4 मई 2022 को सामने आई थी। आरोपी चरणजीत सिंह ने अपनी बहन सनप्रीत कौर के ससुर सुखदेव सिंह और सास गुरमीत कौर की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। दोनों की बेटी रूपिंदर कौर ने पुलिस को बताया कि घटना के समय वह अपने पिता से फोन पर बात कर रही थी। बातचीत के दौरान दरवाजा खटखटाने और चीख-पुकार सुनाई दी। तुरंत घटनास्थल पर पहुंची रूपिंदर ने देखा कि माता-पिता खून से लथपथ पड़े थे और उनके शरीर पर कई चाकू के वार थे।
अभियुक्त की गिरफ्तारी
पुलिस ने आरोपी को 7 मई 2022 को गिरफ्तार किया था। ट्रायल के दौरान चरणजीत सिंह ने खुद को निर्दोष बताया और दावा किया कि वह लंदन में जन्मा और पढ़ा-लिखा है। हालांकि अदालत ने सबूत और गवाहों की गवाही के आधार पर उसे दोषी पाया।
13 गवाहों की निर्णायक भूमिका
शिकायतकर्ता पक्ष के वकील रमन कौशल और परउपकार घुम्मन ने बताया कि अदालत में कुल 13 गवाहों की गवाही से आरोपी की आपराधिक भूमिका साबित हुई। एफआईआर मृतक दंपती की बेटी रूपिंदर कौर के बयान पर दर्ज हुई थी।
हत्या का कथित कारण
अभियोजन के अनुसार, आरोपी ने दावा किया कि बहन सनप्रीत कौर को उसके ससुराल वाले प्रताड़ित करते थे। पुलिस ने बताया कि मृतक दंपती एक सप्ताह के भीतर स्कॉटलैंड जाने वाले थे। आरोपी को डर था कि वहां जाकर वे अपनी बहन को फिर परेशान करेंगे। इसी आशंका और गुस्से के चलते उसने हत्या की साजिश रची।
दो बार रेकी करने के बाद किया वारदात को अंजाम
जानकारी के मुताबिक, जनवरी 2022 में चरणजीत लंदन से लुधियाना आया और गिल गांव के जसदेव सिंह नगर में रिश्तेदारों के घर ठहरा। घटना वाले दिन उसने दो बार घर की रेकी की। देर शाम को वह तीसरी बार आया, कार थोड़ी दूरी पर खड़ी की और डोरबेल बजाई। घर के अंदर बहस हुई और फिर उसने ताबड़तोड़ वार कर माता-पिता की हत्या कर दी। आरोपी का फरार होना और सीसीटीवी में कैद होना पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सबूत साबित हुआ।
अदालत का फैसला
लुधियाना की अदालत ने सभी सबूतों, गवाहों की गवाही और पुलिस रिपोर्ट के आधार पर चरणजीत सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने कहा कि उसकी क्रूर योजना और दंपती के साथ बेरहमी इस हत्याकांड को गंभीर और बर्बर बनाती है।
परिवार की प्रतिक्रिया
दोषी पाए जाने के बाद मृतक परिवार में न्याय की भावना जागी है। रूपिंदर कौर ने कहा कि अदालत ने सही फैसला दिया और दोषी को सख्त सजा मिली। वहीं, साजिश और हत्या की हकीकत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी।
स्थानीय समाज में शॉक और सावधानी
इस घटना ने लुधियाना के लोगों को झकझोर कर रख दिया। समाज में बहन और परिवार की सुरक्षा, रिश्तेदारों के बीच तनाव और संपत्ति या पारिवारिक विवादों के खतरों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
पुलिस और कानूनी प्रक्रिया
अभियोजन पक्ष और पुलिस का कहना है कि इस केस में साक्ष्यों, गवाहों और तकनीकी सबूतों की निर्णायक भूमिका रही। पुलिस ने बताया कि अदालत के फैसले के बाद मामले को बंद करने और बाकी कानूनी कार्रवाई पूरी करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।


