
रोहतक के मंदिर से चांदी का नाग देवता चोरी
हरियाणा के रोहतक जिले के सांपला क्षेत्र में स्थित बाबा कालीदास धाम के महाकाल मंदिर में चोरी की वारदात सामने आने से इलाके में हड़कंप मच गया। मंदिर से करीब दो किलो वजनी चांदी का नाग देवता गायब होने की घटना ने श्रद्धालुओं और आश्रम प्रबंधन दोनों को चिंता में डाल दिया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट को भी बुलाकर साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बाबा कालीदास धाम के महाकाल मंदिर की देखरेख का जिम्मा लक्ष्मी घिमिरे के पास है। लक्ष्मी घिमिरे पुत्र चुनामणि घिमिरे, जो मूल रूप से नेपाल के ओखल ऊंगा जिले के भंजन गांव के निवासी हैं, पिछले लगभग आठ से नौ महीनों से आश्रम में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। उनके अनुसार, आश्रम परिसर के अंदर ही महाकाल मंदिर बना हुआ है, जहां नियमित रूप से पूजा-अर्चना होती है और श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है।
लक्ष्मी घिमिरे ने बताया कि मंदिर के अंदर स्थापित शिवलिंग पर चांदी से बना नाग देवता रखा हुआ था, जिसका वजन लगभग दो किलो बताया जा रहा है। रोजाना की तरह रात में मंदिर पूरी तरह सुरक्षित था और नाग देवता अपनी जगह पर मौजूद था। लेकिन अगले दिन सुबह जब वह करीब आठ बजे मंदिर में पूजा के लिए पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि शिवलिंग पर रखा चांदी का नाग देवता गायब है। यह देखकर उनके होश उड़ गए।
उन्होंने तुरंत आश्रम में मौजूद अन्य लोगों से इस बारे में पूछताछ की, लेकिन किसी को भी नाग देवता के गायब होने की जानकारी नहीं थी। आशंका जताई जा रही है कि चोर रात के समय मंदिर में घुसा और मौके का फायदा उठाकर कीमती नाग देवता चोरी कर ले गया। घटना के बाद आश्रम प्रबंधन में हड़कंप मच गया और तुरंत बाबा कालीदास महाराज को इस बारे में सूचित किया गया।
सूचना मिलते ही पुलिस को मामले की खबर दी गई। सांपला थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच अधिकारी अमित ने बताया कि आश्रम में चोरी की शिकायत प्राप्त होते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि साक्ष्य जुटाने के लिए फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट को भी बुलाया गया है, ताकि मंदिर परिसर से संभावित सुराग इकट्ठा किए जा सकें।
पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। साथ ही आश्रम में रहने वाले लोगों और आसपास के संदिग्ध व्यक्तियों से भी पूछताछ की जा रही है। जांच अधिकारी के मुताबिक, पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है और जल्द ही आरोपी तक पहुंचने का दावा किया जा रहा है।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी नाराजगी और चिंता का माहौल है। श्रद्धालुओं का कहना है कि धार्मिक स्थलों पर इस तरह की चोरी की घटनाएं बेहद गंभीर हैं और इससे लोगों की आस्था को ठेस पहुंचती है। लोगों ने मंदिर और आश्रम की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
जानकारों का मानना है कि चोर को मंदिर की व्यवस्था और अंदर रखी कीमती वस्तुओं की जानकारी पहले से हो सकती है। क्योंकि बिना जानकारी के सीधे शिवलिंग पर रखे नाग देवता तक पहुंचना आसान नहीं माना जा रहा। पुलिस भी इस पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है कि कहीं यह वारदात किसी जानकार व्यक्ति की मिलीभगत से तो नहीं हुई।
फिलहाल पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आगे बढ़ रही है। फिंगरप्रिंट रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज से मामले में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस चोरी का खुलासा किया जाएगा और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
उधर, आश्रम प्रबंधन ने भी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। मंदिर परिसर में अतिरिक्त निगरानी और सुरक्षा उपाय बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। श्रद्धालुओं से भी सतर्क रहने और किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देने की अपील की गई है।
यह घटना एक बार फिर धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है। अगर समय रहते सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई, तो इस तरह की घटनाएं दोहराई जा सकती हैं। फिलहाल पूरे मामले पर पुलिस की नजर बनी हुई है और सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच जारी है।

