
रफ्तार बनी मौत का कारण: अंबाला में पैदल जा रहे युवक को कार ने कुचला, चालक फरार
हरियाणा के अंबाला शहर में एक बार फिर तेज रफ्तार का खतरनाक रूप देखने को मिला, जहां एक बेकाबू कार ने सड़क किनारे पैदल जा रहे युवक को अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आरोपी चालक घटनास्थल से फरार हो गया। इस घटना ने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि शहर में सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं।

यह हादसा अंबाला सिटी के मंजी साहिब गुरुद्वारे के पास शुक्रवार शाम को हुआ, जब नया गांव निवासी किशन उर्फ बुंदू अपने साथी के साथ काम खत्म करके घर लौट रहा था। दिनभर की मेहनत के बाद वह रोज की तरह पैदल ही अपने घर की ओर जा रहा था, लेकिन उसे क्या पता था कि यह उसका आखिरी सफर साबित होगा।
रोज की तरह काम खत्म कर लौट रहा था युवक
मृतक किशन उर्फ बुंदू महावीर नगर इलाके में स्थित एक लकड़ी की दुकान पर काम करता था। दुकान मालिक शुभम मल्होत्रा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि शुक्रवार को भी दोनों ने दिनभर काम किया और शाम करीब 7 बजे दुकान बंद कर पैदल घर के लिए निकल पड़े।
दोनों मंजी साहिब गुरुद्वारे के पास पहुंचे ही थे कि अचानक पीछे से तेज रफ्तार में आ रही एक कार ने किशन को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि किशन कई फीट दूर जाकर गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया।
हादसा इतना भयानक कि मौके पर ही मौत
टक्कर के बाद सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और घायल युवक को संभालने की कोशिश की, लेकिन उसकी हालत बेहद गंभीर थी। कुछ ही मिनटों में उसने दम तोड़ दिया। इस हादसे को देखकर वहां मौजूद लोग सन्न रह गए।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कार की रफ्तार बहुत ज्यादा थी और चालक ने न तो हॉर्न बजाया और न ही ब्रेक लगाने की कोशिश की। यह साफ तौर पर लापरवाही का मामला नजर आता है।
आरोपी चालक फरार, नहीं दिखाई इंसानियत
हादसे के बाद सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि कार चालक मौके पर रुका तक नहीं। उसने घायल युवक की मदद करना तो दूर, अपनी गाड़ी लेकर तुरंत वहां से फरार हो गया। इस व्यवहार ने लोगों के गुस्से को और बढ़ा दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर चालक थोड़ी इंसानियत दिखाता और घायल को अस्पताल पहुंचाता, तो शायद उसकी जान बच सकती थी। लेकिन उसने कानून और मानवता दोनों की अनदेखी की।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। साथ ही, अज्ञात कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि आरोपी वाहन की पहचान की जा सके। इसके अलावा, प्रत्यक्षदर्शियों से भी पूछताछ की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
किशन उर्फ बुंदू की मौत की खबर जैसे ही उसके परिवार तक पहुंची, वहां मातम छा गया। वह अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। उसकी अचानक हुई मौत ने परिवार को आर्थिक और मानसिक रूप से तोड़ दिया है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उसे कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा की पोल खोलता है। शहर में आए दिन तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग के कारण दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन इन पर लगाम लगाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि सड़कों पर स्पीड लिमिट का सख्ती से पालन कराया जाना चाहिए। साथ ही, ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
स्थानीय लोगों में नाराजगी
घटना के बाद इलाके के लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। उनका कहना है कि इस सड़क पर अक्सर वाहन तेज रफ्तार से गुजरते हैं, जिससे पैदल चलने वालों के लिए खतरा बना रहता है।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि यहां स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं और ट्रैफिक पुलिस की नियमित निगरानी हो, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
इंसानियत की कमी बनी बड़ी वजह
इस हादसे ने यह भी दिखाया कि आज के समय में इंसानियत कितनी कम होती जा रही है। एक घायल व्यक्ति सड़क पर तड़पता रहा और आरोपी उसे छोड़कर भाग गया।
जरूरत है कि लोग ऐसे समय में आगे आएं और घायलों की मदद करें। समय पर मिली सहायता किसी की जान बचा सकती है।
पुलिस की कार्रवाई पर नजर
फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपी की तलाश जारी है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही इस मामले का खुलासा होने की उम्मीद है।
यह घटना सभी वाहन चालकों के लिए एक चेतावनी है कि सड़क पर लापरवाही न बरतें। क्योंकि एक छोटी सी गलती किसी की जिंदगी छीन सकती है।
अंबाला का यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक सबक है—सावधानी और जिम्मेदारी ही सड़क पर सुरक्षा की सबसे बड़ी कुंजी है।

