
मासूम खेल बना जानलेवा, साड़ी के झूले में फंसकर 13 वर्षीय बच्ची की दर्दनाक मौत
गुरुग्राम के सेक्टर-9 थाना क्षेत्र स्थित देवीलाल कॉलोनी से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। यहां एक 13 वर्षीय किशोरी की उस समय मौत हो गई, जब वह खेल-खेल में अपनी मां की साड़ी से झूला बनाकर झूल रही थी। झूलते समय साड़ी उसकी गर्दन में फंस गई और दम घुटने से उसकी जान चली गई। इस घटना के बाद परिवार में मातम छा गया है और पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

मृतक बच्ची की पहचान रानी कुमारी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के सीतामढ़ी जिले की रहने वाली थी। रानी अपने माता-पिता और दो छोटी बहनों के साथ गुरुग्राम के देवीलाल कॉलोनी में रहती थी। उसके पिता सुरेश कुमार यहां सिलाई का काम करते हैं और परिवार की आजीविका चलाते हैं। रानी अपने परिवार की सबसे बड़ी संतान थी और पढ़ाई के साथ-साथ घर के कामों में भी हाथ बंटाती थी।
घटना रविवार शाम की बताई जा रही है। उस समय रानी अपनी दोनों छोटी बहनों के साथ घर में खेल रही थी। माता-पिता पास के ही कमरे में मौजूद थे और उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि बच्चों का खेल एक बड़े हादसे में बदल जाएगा।
खेलते-खेलते रानी के मन में झूला बनाने का विचार आया। उसने अपनी मां की साड़ी ली और उसे कमरे की दीवार पर लगी लोहे की ग्रिल में बांध दिया। इस तरह उसने एक अस्थायी झूला तैयार कर लिया और उस पर बैठकर झूलने लगी। उसकी छोटी बहनें पास में खड़ी होकर उसे देख रही थीं और खुशी से ताली बजा रही थीं।
शुरुआत में सब कुछ सामान्य लग रहा था। रानी झूले पर बैठकर गोल-गोल घूम रही थी और खेल का आनंद ले रही थी। लेकिन इसी दौरान साड़ी का एक सिरा उसकी गर्दन के चारों ओर लिपट गया। जैसे-जैसे वह झूलती रही, साड़ी उसकी गर्दन में कसती चली गई।
फंदा कसने के कारण रानी का दम घुटने लगा, लेकिन वह मदद के लिए आवाज भी नहीं लगा सकी। उसकी छोटी बहनों को भी यह समझ नहीं आया कि क्या हो रहा है। उन्हें लगा कि वह अभी भी खेल रही है। कुछ देर बाद जब झूला रुक गया और रानी ने कोई हरकत नहीं की, तो बहनों को शक हुआ कि कुछ गड़बड़ है।
डरी हुई बहनों ने तुरंत अपने माता-पिता को आवाज लगाई। जब सुरेश कुमार और उनकी पत्नी कमरे में पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि रानी साड़ी के फंदे में फंसी हुई ग्रिल से लटकी हुई है। यह दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत रानी को नीचे उतारा और साड़ी को उसकी गर्दन से हटाया।
परिजन बिना समय गंवाए उसे नजदीकी सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, बच्ची की मौत दम घुटने के कारण हुई थी।
घटना की सूचना मिलते ही सेक्टर-9 थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा, जिसमें भी मौत का कारण दम घुटना ही बताया गया। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यह एक हादसा प्रतीत हो रहा है, हालांकि मामले की पूरी जांच की जा रही है।
इस दर्दनाक घटना के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया है। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस घर में कुछ समय पहले बच्चों की किलकारियां गूंज रही थीं, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। रानी की छोटी बहनें भी सदमे में हैं और उन्हें अभी तक यह समझ नहीं आ रहा कि उनकी बड़ी बहन अब उनके बीच नहीं रही।
पड़ोसियों और स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर गहरा दुख जताया है। सभी का कहना है कि रानी एक हंसमुख और चंचल बच्ची थी, जिसकी असमय मौत ने सभी को स्तब्ध कर दिया है।
यह घटना एक बड़ा सबक भी देती है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर घर के अंदर भी सतर्क रहना कितना जरूरी है। अक्सर हम मान लेते हैं कि घर के भीतर बच्चे पूरी तरह सुरक्षित हैं, लेकिन कई बार छोटी-छोटी लापरवाहियां बड़े हादसों का कारण बन जाती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों को ऐसे खेलों से दूर रखना चाहिए, जिनमें फंदा बनने की संभावना हो। साड़ी, दुपट्टा या रस्सी जैसी चीजें बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं, अगर उनका इस्तेमाल बिना निगरानी के किया जाए।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन प्रारंभिक तौर पर इसे एक दुखद दुर्घटना माना जा रहा है। यह घटना हर माता-पिता के लिए एक चेतावनी है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर हमेशा सतर्क रहना जरूरी है, क्योंकि एक छोटी-सी चूक भी जिंदगी भर का दुख दे सकती है।

