
मंगोलपुरी में बेखौफ बदमाशों का तांडव, सरेआम युवक की चाकू से हत्या; CCTV में कैद हुई दरिंदगी
दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में बुधवार शाम जो कुछ हुआ, उसने राजधानी की कानून-व्यवस्था और समाज की संवेदनशीलता—दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। एन ब्लॉक की एक संकरी गली में चार से पांच बदमाशों ने एक युवक को सरेआम चाकुओं से गोदकर मौत के घाट उतार दिया। यह पूरी वारदात इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, लेकिन सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि घटना के दौरान आसपास मौजूद लोग मूकदर्शक बने रहे।

मृतक की पहचान 25 वर्षीय आकाश उर्फ अक्कू के रूप में हुई है। आकाश मंगोलपुरी के आई ब्लॉक में अपने पिता रामेश्वर और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ रहता था। वह अपने पिता के साथ इलाके में कचौड़ी की रेहड़ी लगाकर परिवार का गुजारा करता था। रोजमर्रा की तरह बुधवार को भी आकाश शाम के समय घर से निकला था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह उसकी जिंदगी की आखिरी शाम साबित होगी।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आकाश अपने घर से करीब 300 मीटर दूर एन ब्लॉक स्थित एक पार्क में कुछ दोस्तों के साथ मौजूद था। इसी दौरान चार से पांच युवक वहां पहुंचे और अचानक उसके पीछे पड़ गए। शुरुआत में किसी को समझ नहीं आया कि मामला इतना गंभीर है, लेकिन कुछ ही पलों में हालात बेकाबू हो गए। आकाश को अपनी जान का खतरा महसूस हुआ और वह वहां से भागने लगा।
बदमाशों से बचने के लिए आकाश गली की ओर दौड़ा। उसके पीछे-पीछे आरोपी भी दौड़ते रहे। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही करीब 1 मिनट 11 सेकंड की सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि शाम 6 बजकर 48 मिनट पर आकाश जान बचाने के लिए एक घर में घुसने की कोशिश करता है। लेकिन इससे पहले कि वह खुद को सुरक्षित कर पाता, हमलावर उसे गेट पर ही पकड़ लेते हैं।
इसके बाद जो हुआ, वह इंसानियत को शर्मसार करने वाला है। आरोपियों ने आकाश पर एक के बाद एक चाकू से ताबड़तोड़ वार शुरू कर दिए। बताया जा रहा है कि करीब दर्जन भर बार उस पर चाकू से हमला किया गया। गेट पर हमला करने के बाद बदमाश आकाश को गली में घसीट ले गए और वहां भी बेरहमी से वार करते रहे। कुछ ही मिनटों में आकाश खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ा।
इस पूरी घटना के दौरान गली में कई लोग मौजूद थे। आकाश की चीखें सुनकर कुछ लोग अपने घरों से बाहर भी आए, लेकिन किसी ने भी बदमाशों का विरोध करने की हिम्मत नहीं दिखाई। उल्टा, कई लोगों ने डर के मारे अपने-अपने घरों के गेट बंद कर लिए। यह दृश्य न केवल अपराधियों की बेखौफ मानसिकता को दिखाता है, बल्कि समाज में बढ़ते डर और उदासीनता की तस्वीर भी पेश करता है।
हालांकि, बदमाशों के भागते समय एक बुजुर्ग व्यक्ति जरूर अपने घर से डंडा लेकर बाहर निकले। उन्होंने एक आरोपी को रोकने और मारने की कोशिश भी की, लेकिन तब तक सभी हमलावर मौके से फरार हो चुके थे। बुजुर्ग की यह कोशिश सीसीटीवी फुटेज में भी कैद हो गई है, जिसे लोग साहस की एक दुर्लभ झलक मान रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही मंगोलपुरी थाना पुलिस हरकत में आई। शाम करीब सात बजे पुलिस को एन ब्लॉक में एक युवक को चाकू मारे जाने की सूचना मिली। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची, जहां आकाश खून से लथपथ हालत में पड़ा था। पुलिस ने बिना देरी किए उसे पास के संजय गांधी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अस्पताल के शवगृह में सुरक्षित रखवा दिया और परिजनों को सूचना दी। बेटे की मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। मां-बाप और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार का कहना है कि आकाश का किसी से कोई बड़ा विवाद नहीं था और वह मेहनत-मजदूरी कर शांतिपूर्वक जिंदगी जी रहा था।
बाहरी जिला पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा ने बताया कि मंगोलपुरी थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान कर ली गई है। उनके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल हत्या के पीछे की सटीक वजह सामने नहीं आई है। शुरुआती जांच में मामला आपसी रंजिश का प्रतीत हो रहा है। आशंका जताई जा रही है कि इलाके में सक्रिय गिरोहों के बीच पुरानी दुश्मनी या वर्चस्व की लड़ाई इस वारदात की वजह हो सकती है। पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है, जिसमें मृतक और आरोपियों की पुरानी गतिविधियों, कॉल डिटेल्स और आपसी संबंधों की भी पड़ताल की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मंगोलपुरी इलाके में कई छोटे-बड़े गिरोह सक्रिय हैं, जिनमें कई नाबालिग भी शामिल बताए जाते हैं। ये गिरोह इलाके में अपना दबदबा कायम रखने के लिए आए दिन झगड़े, मारपीट और चाकूबाजी जैसी घटनाओं को अंजाम देते रहते हैं। लोगों का आरोप है कि पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन समय रहते सख्त कार्रवाई न होने से अपराधियों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं।
इस सनसनीखेज हत्या ने एक बार फिर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरेआम हुई इस वारदात और लोगों के तमाशबीन बने रहने ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या डर के आगे इंसानियत हारती जा रही है। अब सभी की निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं कि वह कब तक आरोपियों को पकड़कर इस जघन्य अपराध का हिसाब लेती है।



