
भीषण गर्मी में धधका पानीपत: खेतों से फैक्ट्रियों तक आग का कहर, शाहपुर में किसान की मेहनत राख
हरियाणा के पानीपत जिले में बढ़ती गर्मी अब सीधे तौर पर लोगों के जीवन और आजीविका पर असर डालने लगी है। तापमान में लगातार हो रही बढ़ोतरी के बीच आग लगने की घटनाएं तेजी से सामने आ रही हैं। बुधवार का दिन जिले के लिए बेहद चिंताजनक रहा, जब अलग-अलग स्थानों पर आगजनी की कई घटनाओं ने प्रशासन और स्थानीय लोगों को अलर्ट कर दिया।

दिनभर में तीन फैक्ट्रियों समेत पांच से अधिक स्थानों पर आग लगने की घटनाएं सामने आईं। खेतों में खड़ी गेहूं की फसल भी इस आग की चपेट में आ गई। दमकल विभाग की टीमों को एक के बाद एक कई जगहों पर दौड़ लगानी पड़ी। हालांकि, कड़ी मशक्कत के बाद अधिकांश स्थानों पर आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन तब तक कई जगहों पर भारी नुकसान हो चुका था।
सबसे बड़ा नुकसान इसराना क्षेत्र के गांव शाहपुर में देखने को मिला। यहां किसान मनोज कुंडू की करीब एक एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह जलकर राख हो गई। यह फसल उनकी सालभर की मेहनत और उम्मीदों का आधार थी, जो कुछ ही मिनटों में आग की भेंट चढ़ गई। पीड़ित किसान ने इस घटना के लिए बिजली विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है।
मनोज कुंडू ने बताया कि उन्होंने यह खेत ठेके पर लेकर गेहूं की खेती की थी। फसल कटाई के लिए तैयार थी और उन्हें अच्छी पैदावार की उम्मीद थी। लेकिन अचानक खेत में आग लग गई और देखते ही देखते पूरी फसल जल गई। उन्होंने बताया कि खेत के ऊपर से गुजर रही बिजली लाइन से चिंगारी गिरने की आशंका है, जिससे यह हादसा हुआ।
घटना के तुरंत बाद किसान ने डायल 112 पर कॉल कर मदद मांगी। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। स्थानीय ग्रामीणों ने भी आग बुझाने में सहयोग किया, लेकिन तेज हवा और सूखी फसल के कारण आग तेजी से फैल गई। काफी प्रयासों के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक फसल पूरी तरह नष्ट हो चुकी थी।
किसान ने प्रशासन को दी गई शिकायत में कहा है कि फसल के समय बिजली लाइनों को लेकर विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए थी। नियमों के अनुसार इस अवधि में ऐसी लाइनों की जांच और रखरखाव जरूरी होता है, लेकिन विभाग की अनदेखी के कारण यह हादसा हुआ। उन्होंने मामले की जांच कराने और उन्हें हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है।
वहीं, जिले के अन्य इलाकों में भी आग लगने की घटनाएं सामने आईं। तीन फैक्ट्रियों में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, समय पर दमकल विभाग की टीमों के पहुंचने से बड़ा हादसा टल गया। फिर भी इन घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि गर्मी के इस मौसम में जरा सी लापरवाही बड़े नुकसान का कारण बन सकती है।
इन सबके बीच दमकल विभाग खुद भी चुनौतियों से जूझ रहा है। जिले के मुख्य अग्निशमन कार्यालय में पिछले आठ दिनों से 105 अस्थायी कर्मचारी हड़ताल पर बैठे हैं। उनकी हड़ताल के चलते आग बुझाने के कार्य पर असर पड़ रहा है। कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें स्थायी किया जाए और उनकी अन्य मांगों को पूरा किया जाए।
हड़ताल के कारण विभाग को होमगार्ड के जवानों की मदद लेनी पड़ रही है। हालांकि, उन्हें आग बुझाने का पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं है, जिससे कई बार आग पर काबू पाने में ज्यादा समय लग जाता है। इससे नुकसान की संभावना और बढ़ जाती है।
हरियाणा अग्निशमन विभाग यूनियन के जिलाध्यक्ष रणवीर नादल ने बताया कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उनकी समस्याओं का समाधान नहीं करती, तब तक हड़ताल खत्म नहीं होगी। इस स्थिति का असर सीधे तौर पर आम जनता पर पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, खासकर तब जब खेतों में सूखी फसल खड़ी हो और तापमान अधिक हो। ऐसे में बिजली लाइनों, मशीनों और अन्य उपकरणों की नियमित जांच बेहद जरूरी हो जाती है। साथ ही किसानों और फैक्ट्री मालिकों को भी सतर्क रहने की आवश्यकता है।
प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे इस मौसम में विशेष सावधानी बरतें। खेतों के पास आग जलाने से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें। साथ ही बिजली विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी लाइनों की नियमित जांच करें और किसी भी तरह की लापरवाही से बचें।
पानीपत में बढ़ती आगजनी की घटनाएं यह संकेत दे रही हैं कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। जरूरत है कि प्रशासन, विभाग और आम जनता मिलकर इस चुनौती का सामना करें और ऐसे हादसों को रोकने के लिए सामूहिक प्रयास करें, ताकि किसानों और उद्योगों को होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।

