
बेटियों की आंखों के सामने मां की मौत! बाग में फंदे से लटका मिला शव, ससुराल पर हत्या का आरोप, गांव में दहशत
लखनऊ के ग्रामीण इलाके में मंगलवार सुबह घटी एक दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया। एक महिला ने अपनी ही बेटियों के सामने कथित तौर पर फंदा लगाकर जान दे दी, लेकिन मामले ने उस समय और सनसनीखेज मोड़ ले लिया जब मायके पक्ष ने इसे आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या बताया। अब यह मामला रहस्य, आरोप और जांच के बीच उलझ गया है।

माल क्षेत्र के जलौली गांव की रहने वाली 40 वर्षीय सीमा की मौत ने गांव में शोक और दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। घटना की सबसे मार्मिक बात यह रही कि उसकी 10 साल की बेटी दिव्यांशी और तीन साल की छोटी बेटी रुचि इस पूरी घटना की गवाह बन गईं। दोनों बच्चियां अपनी मां को बचा नहीं सकीं और रोती-चिल्लाती रह गईं।
परिवार के अनुसार, मंगलवार सुबह सीमा ने घर से निकलते समय अपनी बेटी से कहा था कि वह अब जीना नहीं चाहती। बच्ची के मुताबिक, वह बाग की ओर चली गई थी। सूचना मिलने पर गांव में रहने वाली उसकी मौसी उसे समझाकर वापस घर ले आई। उस समय सभी को लगा कि मामला टल गया है, लेकिन शायद सीमा के मन में कुछ और ही चल रहा था।
करीब एक घंटे बाद सीमा ने शौच जाने का बहाना बनाया और घर से फिर निकल गई। इस बार दोनों बेटियां उसके पीछे-पीछे चल पड़ीं। जब वे बाग में पहुंचीं तो उन्होंने जो दृश्य देखा, उसने उनकी जिंदगी बदल दी। बच्चियों के मुताबिक, सीमा पेड़ पर चढ़कर प्लास्टिक की रस्सी से फंदा लगाने की कोशिश कर रही थी।
दिव्यांशी ने मां को रोकने के लिए पेड़ पर चढ़ने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि सीमा ने उसे पैर से धक्का देकर नीचे गिरा दिया। घायल बच्ची किसी तरह उठी और रोते-चिल्लाते गांव की ओर भागी। जब तक ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। सीमा का शव पेड़ से लटका मिला।
घटना की सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस को खबर दी गई, जिसके बाद मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया गया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
मामला उस समय और पेचीदा हो गया जब सीमा की मां कलावती ने दामाद जितेंद्र पर हत्या का आरोप लगा दिया। उनका कहना है कि उनकी बेटी को ससुराल में प्रताड़ित किया जाता था और दामाद उसे अक्सर मारता-पीटता था। उनका आरोप है कि सीमा की हत्या कर शव को पेड़ से लटका दिया गया है ताकि इसे आत्महत्या दिखाया जा सके।
दूसरी ओर, पति जितेंद्र ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि सीमा लंबे समय से बीमारी से परेशान थी। उसे पथरी और कमर दर्द की समस्या थी और तीन साल से इलाज चल रहा था। उनके अनुसार, मानसिक तनाव और बीमारी से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया।
पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर लिए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल किसी भी पक्ष की तहरीर दर्ज नहीं हुई है, लेकिन पुलिस का कहना है कि अगर शिकायत मिलती है तो केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
गांव में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोग इसे पारिवारिक विवाद से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि महिला बीमारी और मानसिक तनाव से टूट चुकी थी। वहीं कई ग्रामीणों का कहना है कि बच्चियों के सामने हुई यह घटना बेहद दर्दनाक है और उनका भविष्य अब अनिश्चित हो गया है।
इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा सहानुभूति उन मासूम बच्चियों के लिए जताई जा रही है, जिन्होंने अपनी मां को खो दिया और उस भयावह दृश्य को अपनी आंखों से देखा। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को अब इन बच्चों के पुनर्वास और मानसिक सहारे पर भी ध्यान देना चाहिए।
फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय होगा कि यह आत्महत्या थी, दुर्घटना थी या फिर किसी साजिश का हिस्सा। लेकिन इतना तय है कि इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है और एक बार फिर पारिवारिक तनाव, बीमारी और मानसिक स्वास्थ्य जैसे मुद्दों को सामने ला दिया है।



