
बिन ब्याही मां बनी बेटी की ‘ऑनर किलिंग’, प्रेमी ने नवजात को पुल के नीचे फेंका
बिहार के मधेपुरा जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने समाज को झकझोर कर रख दिया है। उदाकिशुनगंज थाना क्षेत्र के पीपरा करौती गांव में 20 वर्षीय युवती की मौत की गुत्थी आखिरकार पुलिस ने सुलझा ली है। शुरुआती तौर पर यह मामला सामान्य मौत जैसा दिखाने की कोशिश की गई थी, लेकिन जांच में जो सच्चाई सामने आई, वह बेहद भयावह है। पुलिस के मुताबिक यह सीधा-सीधा ‘ऑनर किलिंग’ का मामला है, जिसमें युवती के अपने पिता और चाचा ने ही उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। इतना ही नहीं, युवती के प्रेमी ने भी अमानवीय हरकत करते हुए नवजात बच्ची को पुल के नीचे फेंक दिया।

प्रसव के बाद शुरू हुई साजिश
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 13 फरवरी की रात करीब 3 बजे युवती को उदाकिशुनगंज अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां उसने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। प्रसव के बाद युवती को अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा, जिसे देखते हुए डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर बताकर बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया।
यहीं से पूरी कहानी ने खतरनाक मोड़ ले लिया। अस्पताल से रेफर होने के बाद जहां उसे तुरंत बेहतर चिकित्सा सुविधा वाले अस्पताल ले जाना चाहिए था, वहीं उसके पिता और चाचा ने एंबुलेंस लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वे अपनी निजी गाड़ी से उसे मधेपुरा ले जाएंगे। लेकिन सच्चाई यह थी कि उनकी मंशा इलाज कराने की नहीं, बल्कि ‘लोक-लाज’ के नाम पर बेटी को रास्ते से हटाने की थी।
घर ले जाकर की गला घोंटकर हत्या
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि पिता और चाचा युवती को मधेपुरा ले जाने के बजाय सीधे घर ले गए। वहां उन्होंने बिना शादी के मां बनने से नाराज होकर युवती की गला घोंटकर हत्या कर दी। परिवार को डर था कि समाज में बदनामी होगी, इसलिए उन्होंने इस जघन्य कदम को अंजाम दिया।
हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की भी पूरी कोशिश की। उन्होंने युवती के शव को अंतिम संस्कार के लिए भागलपुर के महादेवपुर गंगा घाट ले जाने की योजना बनाई, ताकि मामला हमेशा के लिए दब जाए। लेकिन उनकी यह चाल ज्यादा देर तक नहीं चल सकी।
पुलिस को मिली सूचना, रास्ते में पकड़ा गया शव
जब आरोपी शव लेकर जा रहे थे, तभी स्थानीय लोगों को शक हुआ और उन्होंने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नवगछिया के पास वाहन को रोक लिया और शव बरामद कर लिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और शुरुआती जांच में हत्या की आशंका मजबूत हुई, जिसके बाद पुलिस ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष टीम गठित की।
पिता ने रची झूठी कहानी
जांच के दौरान युवती के पिता ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। खुद को बचाने के लिए उसने युवती के प्रेमी रिशु कुमार के खिलाफ यौन शोषण और धोखा देने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करा दी। उसने दावा किया कि उसे बेटी के गर्भवती होने की कोई जानकारी नहीं थी।
लेकिन पुलिस को पिता की कहानी पर शुरू से ही शक था। उदाकिशुनगंज के एसडीपीओ अविनाश कुमार के नेतृत्व में टीम ने वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जांच को आगे बढ़ाया। कॉल डिटेल, लोकेशन और अन्य सबूतों ने पिता के दावों की पोल खोलनी शुरू कर दी।
प्रेमी की गिरफ्तारी से खुला राज
जांच के क्रम में पुलिस ने सबसे पहले 20 फरवरी को युवती के प्रेमी रिशु राज उर्फ हेमराज कुमार को गिरफ्तार किया। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने चौंकाने वाला खुलासा किया।
प्रेमी ने बताया कि युवती की हत्या उसके पिता और चाचा ने ही की है। उसने यह भी कबूल किया कि उसने नवजात बच्ची को एक लाल-पीले रंग के थैले में भरकर एनएच-106 स्थित पुल के नीचे फेंक दिया था।
नवजात का थैला पुल के नीचे से बरामद
प्रेमी की निशानदेही पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। रेशना के पास पुल के नीचे तलाशी अभियान चलाया गया, जहां से लाल-पीले रंग का वह थैला बरामद कर लिया गया जिसमें नवजात को फेंका गया था। यह बरामदगी इस मामले की सबसे दर्दनाक कड़ी साबित हुई।
इसके बाद पुलिस ने युवती के पिता और चाचा को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की। आखिरकार दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
तीनों आरोपी जेल भेजे गए
पुलिस ने इस मामले में युवती के पिता, चाचा और प्रेमी—तीनों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। साथ ही घटना में इस्तेमाल चारपहिया वाहन और मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी भी जारी है और जरूरत पड़ने पर अन्य पहलुओं की भी जांच की जाएगी।
समाज के लिए बड़ा सवाल
यह घटना एक बार फिर समाज में ‘ऑनर किलिंग’ जैसी मानसिकता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। एक तरफ जहां बेटी ने एक नई जिंदगी को जन्म दिया, वहीं दूसरी तरफ उसी परिवार ने ‘इज्जत’ के नाम पर उसकी जिंदगी छीन ली। प्रेमी द्वारा नवजात को पुल के नीचे फेंकना इस पूरे मामले को और भी अमानवीय बना देता है।
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई से इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हो चुका है, लेकिन यह घटना समाज को सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर कब तक ‘मान-सम्मान’ के नाम पर बेटियों की जान ली जाती
