
बागपत में किराए के कमरे में फैक्टरी कर्मी की संदिग्ध मौत, आग लगने की वजह पर उठे सवाल
बागपत जिले के खुब्बीपुरा निवाड़ा गांव में एक फैक्टरी कर्मी की रहस्यमय हालात में मौत से इलाके में सनसनी फैल गई। किराए के कमरे में रह रहे युवक की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि पुलिस इसे मोबाइल बैटरी फटने से लगी आग का मामला मान रही है। वहीं, मृतक के परिजनों ने इस घटना को साजिश बताते हुए हत्या की आशंका जताई है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

मृतक की पहचान सिरसली गांव निवासी अनिल कुमार (35) के रूप में हुई है। अनिल औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक ब्रेड फैक्टरी में काम करता था। वह पिछले करीब तीन महीनों से खुब्बीपुरा निवाड़ा गांव में मुस्तकीम के मकान में किराए पर रह रहा था। अनिल अविवाहित था और रोजाना फैक्टरी में काम करने के बाद अपने कमरे पर लौट आता था।
बंद कमरे में मिला जला हुआ शव
रविवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब मकान मालिक ने देखा कि अनिल के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद है और काफी देर तक आवाज देने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। शक होने पर पड़ोसियों की मदद से दूसरे रास्ते से कमरे में झांका गया, जहां अनिल का पूरी तरह झुलसा हुआ शव पड़ा मिला। कमरे के अंदर जले हुए सामान और आग के निशान देखकर सभी हैरान रह गए।
घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और कमरे को सील कर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कमरे में आग लगी थी, जिससे अनिल की मौके पर ही मौत हो गई।
मोबाइल बैटरी ब्लास्ट की आशंका
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रथम दृष्टया आशंका जताई जा रही है कि अनिल के सिर के नीचे रखा मोबाइल फोन आग लगने का कारण बना। माना जा रहा है कि मोबाइल की बैटरी अचानक फट गई, जिससे आग भड़क उठी और अनिल उसकी चपेट में आ गया। कमरे से जला हुआ मोबाइल फोन, चार्जर, तार और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद किया गया है।
पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है और अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। आग कैसे लगी और इतनी तेजी से कैसे फैली, इसका पता लगाने के लिए तकनीकी जांच कराई जा रही है।
दो दिन से लापता था फैक्टरी से
मामले को और भी संदिग्ध बनाता है यह तथ्य कि अनिल बीते दो दिनों से फैक्टरी ड्यूटी पर नहीं गया था। फैक्टरी प्रबंधन के अनुसार, वह बिना किसी सूचना के गैरहाजिर था। इसके अलावा, परिजनों ने बताया कि अनिल का मोबाइल फोन भी पिछले दो दिनों से बंद आ रहा था, जिससे वे लगातार परेशान थे।
परिजनों का कहना है कि अनिल रोजाना फोन पर बातचीत करता था और अचानक उसका संपर्क टूट जाना सामान्य बात नहीं थी। ऐसे में उसकी मौत को सिर्फ हादसा मानना उनके लिए मुश्किल है।
फोरेंसिक और फायर ब्रिगेड की जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फोरेंसिक टीम और फायर ब्रिगेड को भी मौके पर बुलाया। फोरेंसिक टीम ने कमरे से साक्ष्य एकत्र किए, जबकि फायर ब्रिगेड ने आग लगने के संभावित कारणों की जांच की। मोबाइल, चार्जर, बिजली के तार और अन्य जले हुए सामान को कब्जे में लेकर परीक्षण के लिए भेजा गया है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आग किसी तकनीकी खराबी से लगी या इसके पीछे कोई और कारण है।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक के भाई प्रमोद ने पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके भाई की हत्या की गई है। उन्होंने तर्क दिया कि अगर मोबाइल बैटरी फटती तो सबसे पहले चार्जर की लीड या आसपास का हिस्सा जलता, लेकिन घटनास्थल पर जो हालात मिले हैं, वे कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं।
परिजनों ने यह भी मांग की है कि अनिल के कॉल डिटेल्स, फैक्टरी से जुड़ी गतिविधियों और उसके संपर्क में रहने वाले लोगों की भी जांच की जाए। उनका कहना है कि जब तक हर पहलू की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक सच्चाई सामने नहीं आ सकती।
गांव में फैली चर्चाएं
घटना के बाद से गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोग इसे दुर्भाग्यपूर्ण हादसा मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे साजिश से जोड़कर देख रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अनिल शांत स्वभाव का था और किसी से उसका खुला विवाद सामने नहीं आया, लेकिन उसकी अचानक हुई मौत कई सवाल खड़े करती है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। पोस्टमार्टम से यह भी स्पष्ट होगा कि अनिल की मौत आग से हुई या आग लगने से पहले उसके साथ कोई और घटना घटी थी।
फिलहाल यह मामला हादसा या हत्या, दोनों ही आशंकाओं के बीच उलझा हुआ है। पुलिस का दावा है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और सच्चाई सामने आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।



