
फरीदाबाद में लोहे के गेट की चपेट में आया पांच साल का बच्चा, खेलते-खेलते हुई दर्दनाक मौत
फरीदाबाद के सेक्टर-37 थाना क्षेत्र में रविवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को सकते में डाल दिया। कनिष्का टावर के पास स्थित एक प्लॉट में लगे ढीले लोहे के गेट के अचानक गिरने से पांच साल के मोनू की मौके पर ही मौत हो गई। घटना उस समय हुई जब मोनू अपने दोस्तों के साथ खेल रहा था।

मृतक मोनू अपने माता-पिता के साथ पास की झुग्गियों में रहता था। बताया गया कि रविवार शाम वह अपनी बुआ कल्ली के पास गया था, जो कनिष्का टावर के पास चाय का ठेला चलाती हैं। उसी दौरान दो-तीन बच्चे प्लॉट के गेट पर चढ़कर झूलने लगे। अचानक गेट असंतुलित होकर गिर पड़ा और मोनू उसके नीचे दब गया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि जिस प्लॉट में हादसा हुआ, वहाँ चहारदीवारी बनी हुई थी और मिट्टी भराई का काम चल रहा था। इसी कारण गेट ढीला था। बच्चों का गेट पर खेलना और असंतुलन के चलते यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हुआ।
घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद लोगों ने मोनू को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे की खबर फैलते ही पूरे इलाके में शोक का माहौल बन गया।
सराय ख्वाजा थाना प्रभारी राकेश ने बताया कि फिलहाल पुलिस को घटना की कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। सूचना मिलने पर मौके पर पुलिस टीम पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्लॉट और गेट की सुरक्षा में चूक इस हादसे की प्रमुख वजह रही। बच्चों के खेलने के लिए यह जगह सुरक्षित नहीं थी, लेकिन न तो चेतावनी बोर्ड लगे थे और न ही गेट की मजबूती की जांच की गई थी।
मोनू की मौत ने इलाके के लोगों को चेताया है कि निर्माणाधीन और अधूरे प्लॉटों के आसपास बच्चों की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है। परिजन और स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि ऐसे खतरनाक गेटों और जगहों पर सुरक्षा उपाय और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएँ।
यह हादसा बच्चों की सुरक्षा और निगरानी की कमी की ओर गंभीर चेतावनी देता है। ढीले गेट और असुरक्षित प्लॉट के कारण मासूम मोनू जैसी जान चली गई। अब प्रशासन और स्थानीय लोग इस घटना से सबक लेकर भविष्य में सुरक्षा के लिए सख्त नियम लागू करने पर जोर दे रहे हैं।

