
पुरानी रंजिश ने लिया खूनी मोड़: जमीन विवाद में घर में घुसकर गोलीबारी, युवक की मौत, भाई जिंदगी–मौत से जूझ रहा
झंगहा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत बड़की दुबौली में शुक्रवार की सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब जमीन विवाद को लेकर बदमाशों ने एक घर में घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। अचानक हुई इस वारदात में एक युवक की जान चली गई, जबकि उसका भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद से पूरे गांव में दहशत और तनाव का माहौल व्याप्त है।

इस हमले में जान गंवाने वाले युवक की पहचान 35 वर्षीय पंकज निषाद के रूप में हुई है। बताया गया कि हमलावरों ने घर में घुसते ही गोलियां चलानी शुरू कर दीं। पंकज के पेट में गोली लगने से वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा। परिजन और ग्रामीण उसे तत्काल बीआरडी मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं, पंकज का भाई रामनाथ भी इस हमले में गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके सिर में गहरी चोट आई है और डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
घटना शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे की बताई जा रही है। उस समय घर में केवल पंकज और रामनाथ ही मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जमीन विवाद को लेकर पहले से रंजिश रखने वाले आरोपियों ने मौका देखकर घर में घुसकर हमला किया। अचानक हुई गोलीबारी से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग सहम गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पंकज और उसके पटीदारों के बीच पिछले दो वर्षों से जमीन को लेकर विवाद चला आ रहा था। कुछ दिन पहले घर के पास चहारदीवारी बनाने को लेकर भी दोनों पक्षों में तनाव बढ़ गया था। इसी विवाद को लेकर पहले भी कई बार कहासुनी हो चुकी थी। आशंका जताई जा रही है कि इसी रंजिश ने आखिरकार खूनी रूप ले लिया।
घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही झंगहा थाना पुलिस और चौरीचौरा के सीओ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल की जांच शुरू की। पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और गांव में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
इस सनसनीखेज घटना के बाद गांव में भय और आक्रोश का माहौल है। लोग सहमे हुए हैं और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं। जमीन से जुड़े विवादों में बढ़ती हिंसा एक बार फिर चिंता का विषय बन गई है, जहां मामूली विवाद जानलेवा संघर्ष में बदलता नजर आ रहा है।



