
पार्टियों में नशे की सप्लाई पर पुलिस का शिकंजा, दो आरोपी गिरफ्तार
गुरुग्राम में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। सिकंदरपुर क्राइम ब्रांच ने पार्टियों में ड्रग्स की सप्लाई करने वाले दो युवकों को गिरफ्तार कर एमडीएमए (एक्स्टेसी ड्रग) की खेप बरामद की है। पुलिस की इस कार्रवाई से न सिर्फ ड्रग नेटवर्क का खुलासा हुआ है, बल्कि यह भी सामने आया है कि कैसे हाई-प्रोफाइल इलाकों और पार्टियों को निशाना बनाकर नशे का कारोबार फैलाया जा रहा था।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, क्राइम ब्रांच सिकंदरपुर को गुप्त सूचना मिली थी कि गलेरिया मार्केट और आसपास के इलाकों में एक युवक पार्टियों में नशीले पदार्थों की सप्लाई करने के लिए आने वाला है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने इलाके में सादी वर्दी में निगरानी शुरू की और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी। इसी दौरान पुलिस ने एक युवक को रोका और तलाशी ली, जिसमें उसके पास से 21.64 ग्राम एमडीएमए बरामद हुई।
पकड़े गए आरोपी की पहचान केरल के जिला एर्नाकुलम निवासी हिरोश साबू के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के पास से नशीले पदार्थ के अलावा एक मोबाइल फोन और 5900 रुपये नकद भी बरामद किए हैं। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि हिरोश पार्टियों में युवाओं को एमडीएमए सप्लाई करता था और गुरुग्राम के कई इलाकों में उसकी पहुंच थी।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ डीएलएफ सेक्टर-29 थाना में एनडीपीएस एक्ट (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे आठ दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। रिमांड के दौरान पुलिस ने आरोपी से सख्ती से पूछताछ की, जिसमें कई अहम जानकारियां सामने आईं।
पूछताछ के दौरान हिरोश ने खुलासा किया कि उसे एमडीएमए की सप्लाई एक अन्य युवक द्वारा की जाती थी, जो केरल का ही रहने वाला है। इस जानकारी के आधार पर सिकंदरपुर क्राइम ब्रांच ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दूसरे आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने जेनपैक्ट चौक के पास जाल बिछाया और बताए गए हुलिए के आधार पर एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया।
दूसरे आरोपी की पहचान अनंतकृष्णन निवासी तिरुवनंतपुरम (केरल) के रूप में हुई है। पुलिस ने जब उससे पूछताछ की तो उसने एमडीएमए की सप्लाई में अपनी भूमिका स्वीकार की। जांच में सामने आया कि अनंतकृष्णन केरल से ड्रग्स मंगवाकर गुरुग्राम और दिल्ली-एनसीआर के इलाकों में सप्लाई करता था। वह खासतौर पर उन पार्टियों और क्लबों को निशाना बनाता था, जहां युवा बड़ी संख्या में मौजूद रहते हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपी मिलकर एक संगठित तरीके से नशे का कारोबार चला रहे थे। इनमें से एक आरोपी सप्लाई का काम संभालता था, जबकि दूसरा पार्टियों और संपर्कों के जरिए ग्राहकों तक ड्रग्स पहुंचाता था। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं और क्या इसके तार किसी बड़े ड्रग सिंडिकेट से जुड़े हैं।
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के मुताबिक, एमडीएमए जैसे सिंथेटिक ड्रग्स युवाओं के लिए बेहद खतरनाक हैं। यह न सिर्फ मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि कई बार जानलेवा भी साबित होते हैं। पुलिस का कहना है कि गुरुग्राम जैसे शहरी इलाकों में पार्टियों के नाम पर इस तरह के नशे का बढ़ता चलन चिंता का विषय है, और इसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है और उनके मोबाइल फोन व अन्य डिजिटल सबूतों की जांच की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान ड्रग सप्लाई से जुड़े अन्य ठिकानों और लोगों का भी खुलासा हो सकता है। इसके अलावा, यह भी पता लगाया जा रहा है कि नशीले पदार्थ कहां से लाए जाते थे और किन-किन शहरों में इसकी सप्लाई की जाती थी।
पुलिस अधिकारियों ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास नशे से जुड़ी किसी भी तरह की गतिविधि की जानकारी मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। उनका कहना है कि नशे के खिलाफ इस लड़ाई में जनता का सहयोग बेहद जरूरी है।
इस कार्रवाई को गुरुग्राम पुलिस की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। पुलिस का दावा है कि आने वाले दिनों में नशे के कारोबार से जुड़े अन्य लोगों पर भी शिकंजा कसा जाएगा और शहर को ड्रग्स मुक्त बनाने के लिए अभियान और तेज किया जाएगा।

