
पानीपत में मामूली विवाद बना जानलेवा, क्रिकेट की गेंद लगने पर पूर्व CRPF जवान की हत्या
हरियाणा के पानीपत जिले में एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां बच्चों के क्रिकेट खेलने के दौरान हुए मामूली विवाद ने एक पूर्व सीआरपीएफ जवान की जान ले ली। पुराना औद्योगिक थाना क्षेत्र की भारती कॉलोनी में रहने वाले 41 वर्षीय अमित की पड़ोसियों ने कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी। इस घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है और लोगों के बीच भय और आक्रोश का माहौल है।

मिली जानकारी के अनुसार, अमित पहले केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में तैनात थे। सेवा से रिटायर होने के बाद वह लकवे की बीमारी से पीड़ित हो गए थे, जिसके कारण उनकी शारीरिक स्थिति काफी कमजोर थी। वह अपने भाई के साथ भारती कॉलोनी में रह रहे थे और सामान्य जीवन जीने की कोशिश कर रहे थे।
घटना शुक्रवार शाम की है, जब कॉलोनी में कुछ बच्चे गली में क्रिकेट खेल रहे थे। खेल के दौरान गेंद जाकर अमित को लग गई। इस पर उन्होंने बच्चों को डांट दिया और गली में सावधानी से खेलने की बात कही। हालांकि, यह छोटी सी बात पड़ोसियों को नागवार गुजरी और मामला धीरे-धीरे विवाद में बदल गया।
बताया जा रहा है कि बच्चों की शिकायत सुनकर उनके परिजन गुस्से में अमित के घर पहुंचे और बहस शुरू हो गई। कुछ ही देर में बहस ने हिंसक रूप ले लिया और आरोपियों ने अमित पर हमला कर दिया। परिजनों का आरोप है कि पड़ोसियों ने घर में घुसकर अमित को बुरी तरह पीटा, जिससे उनके सिर पर गंभीर चोट आई।
हंगामा बढ़ता देख आसपास के लोग भी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक अमित बुरी तरह घायल हो चुके थे। उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर बताई। इलाज के दौरान देर रात उनकी मौत हो गई।
इस घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का कहना है कि अमित पहले से ही बीमारी के कारण कमजोर थे और इस तरह की मारपीट उनके लिए जानलेवा साबित हुई। उन्होंने पड़ोस में रहने वाले एक परिवार के खिलाफ हत्या का आरोप लगाया है और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस घटना ने कॉलोनी के माहौल को पूरी तरह बदल दिया है। जहां पहले लोग आपसी मेलजोल से रहते थे, वहीं अब छोटी-छोटी बातों पर बढ़ता तनाव चिंता का विषय बन गया है।
यह घटना समाज में बढ़ती असहिष्णुता और गुस्से की प्रवृत्ति को भी उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में संयम और समझदारी से काम लेना बेहद जरूरी है, अन्यथा छोटी-सी बात भी बड़े अपराध में बदल सकती है।

