पश्चिम एशिया संकट का असर बागपत पर: कमर्शियल गैस सिलिंडर की रिफिलिंग रुकी, फैक्टरियों और होटलों में काम ठप
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों का असर अब भारत के कई हिस्सों में दिखाई देने लगा है। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में एलपीजी गैस की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ गई है। व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की रिफिलिंग बंद होने से जिले की कई फैक्टरियों और होटल-ढाबों में कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो गया है। उद्योग और होटल कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

जानकारी के अनुसार जिले में कमर्शियल गैस सिलिंडरों की सप्लाई रुकने से करीब 35 फैक्टरियों और 100 से अधिक होटल-ढाबों में काम बंद हो गया है। इससे न केवल कारोबार प्रभावित हुआ है बल्कि कई मजदूरों की रोजी-रोटी पर भी असर पड़ने लगा है।
गैस की आपूर्ति पर लगा असर
स्थानीय कारोबारियों के अनुसार पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईंधन आपूर्ति को लेकर बने अनिश्चित हालात के बाद एलपीजी गैस की उपलब्धता को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। इसी वजह से व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की रिफिलिंग अस्थायी रूप से रोक दी गई है।
सरकार की ओर से घरेलू गैस सिलिंडरों की रिफिलिंग के लिए भी नई व्यवस्था लागू की गई है। अब घरेलू सिलिंडरों की बुकिंग और रिफिलिंग के बीच 25 दिन का अंतराल तय किया गया है। इसका उद्देश्य गैस की उपलब्धता को संतुलित बनाए रखना बताया जा रहा है।
उद्योगों पर पड़ा सीधा असर
बागपत जिले में कई छोटी और मध्यम स्तर की फैक्टरियां संचालित हैं, जहां लोहे और अन्य धातु से जुड़े उत्पाद तैयार किए जाते हैं। इन फैक्टरियों में गैस सिलिंडरों का उपयोग कटिंग और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं में किया जाता है।
व्यावसायिक सिलिंडरों की रिफिलिंग बंद होने से इन इकाइयों का काम पूरी तरह रुक गया है। बताया जा रहा है कि जिले में लगभग 35 फैक्टरियां ऐसी हैं जो रोजाना एक से दो कमर्शियल सिलिंडरों का इस्तेमाल करती हैं।
उद्यमियों का कहना है कि गैस की कमी के कारण उत्पादन रुक गया है। यदि जल्द ही सिलिंडरों की आपूर्ति शुरू नहीं हुई तो फैक्टरी संचालकों को लंबे समय तक काम बंद रखना पड़ सकता है।
होटल और ढाबों में भी संकट
कमर्शियल गैस सिलिंडरों की कमी का असर होटल और ढाबों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। जिले में करीब 100 से अधिक होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट ऐसे हैं जहां बड़े व्यावसायिक गैस सिलिंडरों से खाना बनाया जाता है।
सप्लाई बंद होने के कारण कई होटलों को अपना किचन बंद करना पड़ा है। कुछ होटल संचालक फिलहाल बचे हुए सिलिंडरों के सहारे सीमित काम चला रहे हैं।
होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि अगर गैस की समस्या लंबे समय तक बनी रही तो उन्हें कोयले या लकड़ी जैसे विकल्पों का इस्तेमाल करना पड़ेगा, जिससे लागत काफी बढ़ जाएगी।
घरेलू गैस की मांग में बढ़ोतरी
गैस संकट की खबर फैलने के बाद घरेलू गैस सिलिंडरों की मांग भी तेजी से बढ़ी है। गैस एजेंसियों के मुताबिक सामान्य दिनों में जिले में रोजाना करीब 10 हजार घरेलू सिलिंडरों की खपत होती है, लेकिन हाल के दिनों में यह मांग लगभग 20 प्रतिशत तक बढ़ गई थी।
हालांकि अब एजेंसियों को डिपो से कम सिलिंडर मिलने लगे हैं। पहले जहां बड़ी एजेंसियों को रोजाना दो ट्रक सिलिंडर मिलते थे, अब केवल एक ट्रक ही भेजा जा रहा है। छोटी एजेंसियों को तो दो दिन में एक ट्रक मिल पा रहा है।
शादी समारोहों पर भी असर
इस समय शादी का सीजन चल रहा है और ऐसे में गैस सिलिंडरों की कमी ने कैटरिंग और हलवाई कारोबार को भी प्रभावित किया है। बड़े समारोहों में खाना बनाने के लिए कमर्शियल गैस सिलिंडरों का इस्तेमाल किया जाता है।
सप्लाई बंद होने के कारण अब कई हलवाई वैकल्पिक इंतजाम करने में जुट गए हैं। कुछ लोग कोयले की भट्ठी या लकड़ी के चूल्हे का उपयोग करने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि इन तरीकों से खाना बनाना अधिक महंगा और समय लेने वाला होता है।
गैस पाइपलाइन की ओर बढ़ते लोग
बागपत शहर में एक निजी कंपनी की गैस पाइपलाइन पहले से मौजूद है, जिससे कई घरों में गैस की सप्लाई की जा रही है। फिलहाल पाइपलाइन के जरिए मिलने वाली गैस की आपूर्ति सामान्य बताई जा रही है।
गैस सिलिंडरों की कमी को देखते हुए अब कई होटल संचालक और घरों में रहने वाले लोग पाइपलाइन से गैस कनेक्शन लेने के लिए आवेदन कर रहे हैं। हालांकि नए कनेक्शन मिलने और सप्लाई शुरू होने में करीब एक महीने का समय लग सकता है।
उद्यमियों की मांग
स्थानीय उद्यमियों का कहना है कि गैस सिलिंडरों के बिना फैक्टरी चलाना संभव नहीं है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की रिफिलिंग शुरू कराने की मांग की है।
उद्यमियों के अनुसार यदि स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो उद्योगों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा और कई मजदूरों की नौकरी भी प्रभावित हो सकती है।
गैस एजेंसियों का बयान
गैस एजेंसियों से जुड़े लोगों का कहना है कि फिलहाल गोदामों में घरेलू गैस सिलिंडरों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। हालांकि आपूर्ति में कुछ कमी जरूर आई है, जिसे जल्द सामान्य करने की कोशिश की जा रही है।
एजेंसियों का कहना है कि जैसे ही हालात सामान्य होंगे, व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की रिफिलिंग भी फिर से शुरू कर दी जाएगी।
बढ़ती चिंता
कुल मिलाकर पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव का असर अब स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। गैस सिलिंडरों की कमी ने उद्योग, होटल कारोबार और आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है।
फिलहाल कारोबारी और आम लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही गैस की आपूर्ति सामान्य हो जाएगी और उन्हें इस संकट से राहत मिलेगी। तब तक सभी लोग सीमित संसाधनों के साथ काम चलाने की कोशिश कर रहे हैं।



