
पश्चिमी विक्षोभ का असर: दिल्ली-एनसीआर में बारिश से ठंड तेज, हवाओं ने बढ़ाई कंपकंपी
दिल्ली-एनसीआर में मौसम ने एक बार फिर सर्द तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण राजधानी और आसपास के इलाकों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। बादलों की मौजूदगी, नमी और हल्की ठंडी हवाओं ने तापमान को नीचे ला दिया है, जिससे लोगों को दिनभर ठिठुरन का अहसास हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव अचानक नहीं है, बल्कि पहले से जताए गए पूर्वानुमान का ही असर है।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पहले ही संकेत दिए थे कि फरवरी के पहले सप्ताह में उत्तर भारत के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। 1 से 7 फरवरी के बीच तीन पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना जताई गई थी। इनमें से पहले दो विक्षोभ 31 जनवरी से 3 फरवरी तक प्रभाव डालेंगे, जबकि तीसरा विक्षोभ 5 फरवरी के आसपास सक्रिय होगा। इन्हीं सिस्टम्स के चलते दिल्ली-एनसीआर में बारिश और ठंडी हवाएं चल रही हैं।
शनिवार को राजधानी में सुबह की शुरुआत कोहरे और धुंध के साथ हुई। कई इलाकों में दृश्यता कम रही, जिससे सुबह के समय सड़कों पर चलने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ठंडी बर्फीली हवाओं ने ठंड को और बढ़ा दिया। हालांकि दोपहर के समय कुछ देर के लिए धूप निकली, जिससे लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन शाम होते-होते एक बार फिर सर्द हवाओं ने गलन बढ़ा दी।
मौसम विभाग ने शनिवार के लिए बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया था। बारिश के बाद वातावरण में नमी काफी बढ़ गई है, जिससे ठंड सामान्य से ज्यादा महसूस हो रही है। यही वजह है कि तापमान में बहुत ज्यादा गिरावट न होने के बावजूद लोग ठंड से परेशान नजर आए। सड़कों, बाजारों और खुले इलाकों में लोग गर्म कपड़ों में लिपटे दिखाई दिए, वहीं कई जगहों पर अलाव जलाते हुए भी लोग नजर आए।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 21.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 6.7 डिग्री सेल्सियस रहा। आर्द्रता का स्तर काफी ऊंचा रहा—अधिकतम आर्द्रता 100 प्रतिशत और न्यूनतम 68 प्रतिशत दर्ज की गई। ज्यादा नमी और ठंडी हवा के कारण ठंड का असर ज्यादा महसूस हुआ।
दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में न्यूनतम तापमान में भी अंतर देखने को मिला। रिज क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 7.7 डिग्री, आया नगर में 6.6 डिग्री, लोधी रोड में 7.1 डिग्री और पालम इलाके में 8.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इन आंकड़ों से साफ है कि कुछ इलाकों में ठंड का असर ज्यादा रहा।
मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में हाल ही में बदलाव भी किया है। पहले जहां तीन दिन तक बारिश की संभावना जताई गई थी, वहीं अब कहा गया है कि रविवार तक ही बारिश हो सकती है। इसके बाद बारिश में कमी आ सकती है, लेकिन ठंड का असर बना रहेगा। बादलों की आवाजाही और ठंडी हवाओं के कारण सुबह और शाम के समय गलन बनी रह सकती है।
इस बार जनवरी का महीना भी पिछले साल की तुलना में ज्यादा ठंडा रहा। जनवरी 2026 में औसतन अधिकतम तापमान 20.1 डिग्री और न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि जनवरी 2025 में औसतन अधिकतम तापमान 21.1 डिग्री और न्यूनतम तापमान 8.5 डिग्री सेल्सियस था। इससे साफ है कि इस साल सर्दी का असर ज्यादा देखने को मिला।
आने वाले दिनों के मौसम को लेकर भी अनुमान जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, 1 फरवरी को दिल्ली में न्यूनतम तापमान 10 से 12 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। 2 फरवरी को यह 11 से 13 डिग्री, 3 फरवरी को 10 से 12 डिग्री और 4 फरवरी को 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। वहीं 5 और 6 फरवरी को न्यूनतम तापमान 7 से 9 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।
इसके अलावा 4 से 6 फरवरी के बीच दिल्ली-एनसीआर में 5 से 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सर्द हवाएं चलने का अनुमान है। इन हवाओं के कारण ठंड और ज्यादा चुभने वाली हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को खासतौर पर सुबह और रात के समय सावधानी बरतने की सलाह दी है।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के चलते इस तरह के उतार-चढ़ाव सामान्य हैं। बारिश से जहां एक ओर प्रदूषण में कुछ हद तक राहत मिल सकती है, वहीं दूसरी ओर ठंड और नमी से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
कुल मिलाकर दिल्ली-एनसीआर में अगले कुछ दिन मौसम ठंडा और बदला-बदला रहेगा। बारिश, बादल और ठंडी हवाएं सर्दी का असर और बढ़ा रही हैं। ऐसे में लोगों को गर्म कपड़े पहनने, ठंडी हवा से बचने और मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने की सलाह दी जा रही है।



