
नजफगढ़ मेट्रो स्टेशन पर दर्दनाक घटना: मेट्रो के सामने कूदकर युवती ने की जान देने की कोशिश, हालत गंभीर
नई दिल्ली।
दिल्ली के नजफगढ़ मेट्रो स्टेशन पर मंगलवार दोपहर एक दर्दनाक घटना सामने आई, जिसने यात्रियों और मेट्रो स्टाफ को झकझोर कर रख दिया। करीब 20 वर्षीय एक युवती ने अचानक चलती मेट्रो ट्रेन के सामने छलांग लगा दी। घटना के बाद स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई। गंभीर रूप से घायल युवती को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

दोपहर 1:15 बजे हुआ हादसा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह घटना दोपहर लगभग 1:15 बजे की है। जैसे ही मेट्रो स्टेशन पर मौजूद लोगों ने युवती को ट्रेन के सामने कूदते देखा, वहां हड़कंप मच गया। कुछ यात्रियों ने तुरंत सीआईएसएफ और मेट्रो कर्मचारियों को सूचना दी। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू किया।
सीआईएसएफ और मेट्रो कर्मियों की तत्परता
घटना के तुरंत बाद सीआईएसएफ के जवानों और मेट्रो स्टाफ ने घायल युवती को प्लेटफॉर्म से बाहर निकाला और एंबुलेंस की मदद से नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया। बाद में परिजन उसे एक निजी अस्पताल ले गए, जहां उसका इलाज जारी है।
परिवार को दी गई सूचना
सूचना मिलते ही युवती के माता-पिता और अन्य परिजन नजफगढ़ मेट्रो स्टेशन पहुंच गए। पुलिस के मुताबिक युवती नजफगढ़ इलाके की ही रहने वाली है। परिजन इस घटना से पूरी तरह सदमे में हैं और फिलहाल किसी भी तरह की स्पष्ट जानकारी देने की स्थिति में नहीं हैं।
सुसाइड नोट नहीं मिला, कारण रहस्य बना
पुलिस की शुरुआती जांच में युवती के पास से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। उसकी हालत गंभीर होने के कारण फिलहाल उसका बयान भी दर्ज नहीं किया जा सका है। इसी वजह से यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि युवती ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया।
पुलिस कर रही हर पहलू से जांच
मेट्रो पुलिस उपायुक्त का प्रभार संभाल रहे आईजीआई एयरपोर्ट के पुलिस उपायुक्त विचित्र वीर ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। पुलिस ने संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है।
मानसिक स्वास्थ्य पर फिर उठा सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में समय रहते काउंसलिंग और सहायता बेहद जरूरी होती है। मेट्रो जैसे सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी और संवेदनशील लोगों की पहचान के लिए और ठोस कदम उठाने की जरूरत बताई जा रही है।
जांच जारी, स्थिति पर नजर
फिलहाल पुलिस युवती की सेहत पर नजर बनाए हुए है और उसके बयान का इंतजार कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह कदम किसी मानसिक तनाव, पारिवारिक कारण या किसी अन्य वजह से उठाया गया।



