
थाने से चंद कदम दूर सनसनी: 20 राउंड फायरिंग में असलम की हत्या, बदले की आग में सुलगी रंजिश
मेरठ के नौचंदी थाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम गोलियों की तड़तड़ाहट ने शहर को दहला दिया। थाने से महज 50 मीटर की दूरी पर स्क्रैप कारोबारी असलम की सरेआम हत्या कर दी गई। हमलावरों ने करीब 20 राउंड फायरिंग की और वारदात के बाद स्कूटी से फरार हो गए। पुलिस जांच में सामने आया है कि हिस्ट्रीशीटर असद पिछले दो दिनों से असलम की हत्या की फिराक में था और अपने भाई अरशद की मौत का बदला लेना चाहता था।

जैदी फार्म निवासी इमरान के चार बेटे—शाहनवाज, असलम, दाऊद और बिलाल—में असलम स्क्रैप का कारोबार संभालता था। कुछ महीने पहले वह अरशद हत्याकांड में जेल गया था और हाल ही में जमानत पर छूटकर जयपुर में काम कर रहा था। दो दिन पहले ही वह मेरठ लौटा था। शुक्रवार को वह अपने दोस्त शोएब के साथ हत्या के मामले में जेल में बंद भाई बिलाल से मिलने गया। मुलाकात के बाद दोनों जैसे ही घर की ओर लौटे, घात लगाए हमलावरों ने उन्हें निशाना बना लिया।
पुलिस के मुताबिक, असद, उसका साला आहद और दो अन्य साथी दो स्कूटी पर सवार थे। मौका मिलते ही उन्होंने असलम और शोएब को घेरकर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। असलम को पांच गोलियां लगीं—दो सिर में, एक सीने में और दो कमर में। शोएब के कंधे में गोली लगी और वह घायल हो गया। गोलियों की आवाज से इलाके में अफरातफरी मच गई।
गंभीर हालत में असलम को पहले स्थानीय अस्पताल और फिर दिल्ली रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। वारदात के बाद असद ने दहशत फैलाने के लिए हवाई फायरिंग भी की, जिससे लोग घरों में दुबक गए। करीब एक घंटे तक कॉलोनी में सन्नाटा पसरा रहा।

जांच में सामने आया है कि असद अपने भाई अरशद की हत्या का बदला लेना चाहता था। जैसे ही उसे असलम के मेरठ लौटने की खबर मिली, वह दिल्ली से यहां आ गया। बताया जाता है कि वह दिल्ली में फेरी लगाकर कपड़े बेचता था, लेकिन पिछले दो दिनों से मेरठ में रहकर असलम की गतिविधियों पर नजर रखे हुए था। पुलिस का दावा है कि असद और उसके साथियों ने जेल से निकलते ही असलम का पीछा शुरू कर दिया था, पर रास्ते में मौका न मिलने पर घर के पास हमला किया।
घटना के बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज में दो स्कूटी पर सवार संदिग्धों की तस्वीरें दिखी हैं। पुलिस ने असद, आहद और अन्य आरोपियों के घरों पर दबिश दी, लेकिन सभी ताला लगाकर फरार मिले। एसओजी सहित तीन टीमें दिल्ली और आसपास के जिलों में छापेमारी कर रही हैं।
शनिवार को जब असलम का शव घर पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी रहमत का रो-रोकर बुरा हाल था। छह साल की इशाद और पांच साल की सिबरा को अभी यह समझ भी नहीं कि उनके पिता अब लौटकर नहीं आएंगे। दोनों मासूम बेटियां पिता को उठने के लिए पुकारती रहीं। यह दृश्य देखकर मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।
थाने के इतने करीब हुई इस वारदात ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह पुरानी रंजिश का मामला है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी है। तकनीकी साक्ष्य और फुटेज के आधार पर जल्द गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।
शहर में एहतियातन पुलिस बल बढ़ा दिया गया है। मृतक परिवार को सुरक्षा का आश्वासन दिया गया है। इस बीच, इलाके में डर का माहौल है और लोग सरेआम हुई इस वारदात को लेकर हैरान हैं। अब सबकी निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं कि कब तक आरोपी सलाखों के पीछे पहुंचते हैं।



