
त्रिवार्षिक जिला सम्मेलन आज, विज्ञान आंदोलन को मिलेगी नई दिशा
रोहतक में आज एक महत्वपूर्ण आयोजन होने जा रहा है, जहां हरियाणा जन विज्ञान समिति द्वारा त्रिवार्षिक जिला सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। यह सम्मेलन किशनपुरा गांव की चौपाल में आयोजित होगा, जिसमें जिलेभर से बड़ी संख्या में प्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और विज्ञान के क्षेत्र से जुड़े लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य विज्ञान आधारित सोच को बढ़ावा देना, समाज में जागरूकता फैलाना और आगामी तीन वर्षों के लिए संगठन की रणनीति तय करना है।

सम्मेलन की शुरुआत प्रख्यात वक्ता डॉ. रणधीर सिंह दहिया के संबोधन से होगी। वे अपने विचारों के माध्यम से विज्ञान और समाज के बीच संबंधों को स्पष्ट करेंगे और वर्तमान समय में वैज्ञानिक सोच की आवश्यकता पर प्रकाश डालेंगे। उनके वक्तव्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और सामाजिक मुद्दों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखने पर जोर दिया जाएगा।
इसके बाद समिति के राज्य अध्यक्ष प्रो. प्रमोद गौरी मंच पर आएंगे। वे वर्तमान परिस्थितियों में ज्ञान-विज्ञान आंदोलन की भूमिका को विस्तार से समझाएंगे। उनका संबोधन इस बात पर केंद्रित होगा कि किस प्रकार आज के दौर में अंधविश्वास, अफवाहों और गैर-वैज्ञानिक सोच से समाज को नुकसान हो रहा है, और इसे रोकने के लिए विज्ञान आधारित सोच को मजबूत करना कितना जरूरी है। वे यह भी बताएंगे कि संगठन किस तरह से गांव-गांव तक अपनी पहुंच बढ़ाकर लोगों को जागरूक कर सकता है।
सम्मेलन के दौरान एक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें शहीद भगत सिंह के जेल जीवन पर आधारित एक नाटक का मंचन किया जाएगा। यह नाटक न केवल दर्शकों को प्रेरित करेगा, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम के उस महान क्रांतिकारी के संघर्षों और विचारों से भी परिचित कराएगा। इस प्रस्तुति के माध्यम से युवाओं में देशभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
सम्मेलन का अंतिम सत्र सबसे अहम माना जा रहा है, जिसमें आगामी तीन वर्षों के लिए जिला कार्यकारिणी का चुनाव किया जाएगा। इसमें मौजूद प्रतिनिधि अपनी भागीदारी निभाते हुए नए पदाधिकारियों का चयन करेंगे। यह चुनाव संगठन के भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस आयोजन के माध्यम से हरियाणा जन विज्ञान समिति न केवल अपने संगठन को मजबूत करेगी, बल्कि समाज में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के अपने उद्देश्य को भी आगे बढ़ाएगी। सम्मेलन में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा, विचार-विमर्श और सुझावों के आदान-प्रदान के जरिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
कुल मिलाकर यह सम्मेलन ज्ञान, विज्ञान और सामाजिक जागरूकता का एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा, जहां से समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक नई ऊर्जा का संचार होगा।

