
डंपर की टक्कर से बैंककर्मी की मौत
हिसार जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं। नारनौंद–उचाना मार्ग पर गांव राखी शाहपुर के नजदीक तेज रफ्तार डंपर की टक्कर से मोटरसाइकिल सवार युवक की मौके पर ही हालत गंभीर हो गई, बाद में अस्पताल में उसकी मौत हो गई। इस हादसे में जान गंवाने वाला युवक 29 वर्षीय अमित था, जो हिसार स्थित कोटक महिंद्रा बैंक में कार्यरत था। अमित की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई है।

मिली जानकारी के अनुसार, मृतक अमित मूल रूप से मदन हेड़ी गांव का रहने वाला था। वह अपने परिवार का इकलौता बेटा था और अभी अविवाहित था। घर में उसकी एक छोटी बहन है, जिसके सिर से भाई का साया हमेशा के लिए उठ गया। बताया जा रहा है कि अमित रोजाना की तरह अपने काम और निजी कार्यों से निपटकर घर लौट रहा था, लेकिन रास्ते में यह भयानक हादसा हो गया।
अमित के चचेरे भाई वीरेंद्र, जो हांसी में मार्बल हाउस का कारोबार करते हैं, ने हादसे की पूरी घटना बताई। वीरेंद्र के अनुसार, वह और अमित खेड़ी चोपटा से अपने घर मदन हेड़ी लौट रहे थे। दोनों अलग-अलग वाहनों में सवार थे। अमित अपनी मोटरसाइकिल पर आगे चल रहा था, जबकि वीरेंद्र कार में उसके पीछे-पीछे आ रहे थे। जब वे गांव राखी शाहपुर के पास पहुंचे, तभी नारनौंद की ओर से तेज गति में आ रहे एक डंपर ने अचानक अमित की बाइक को टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि अमित सड़क पर दूर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा अपनी आंखों के सामने होता देख वीरेंद्र के पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने तुरंत गाड़ी रोककर अपने भाई के पास पहुंचे और आसपास के लोगों की मदद से एंबुलेंस को सूचना दी। कुछ ही देर में एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायल अमित को नारनौंद के सरकारी अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने अमित की जांच की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया। जिस घर में कुछ घंटे पहले तक खुशियों की रौनक थी, वहां मातम छा गया। परिवार के लोग अस्पताल पहुंचते ही फूट-फूटकर रो पड़े।
हादसे के बाद डंपर चालक वाहन को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। बताया जा रहा है कि टक्कर के बाद चालक घबरा गया और डंपर सड़क किनारे छोड़कर भाग निकला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और डंपर को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए हांसी के सामान्य अस्पताल भिजवाया, जहां कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वीरेंद्र के बयान के आधार पर फरार डंपर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। चालक की तलाश के लिए पुलिस टीम गठित की गई है और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि आरोपी को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में डंपर की रफ्तार काफी तेज बताई जा रही है, जो हादसे का मुख्य कारण हो सकती है।
अमित की मौत ने उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। वह परिवार की आर्थिक रीढ़ माना जाता था और अपनी नौकरी के जरिए घर की जिम्मेदारियां संभाल रहा था। कोटक महिंद्रा बैंक में कार्यरत होने के कारण उसका भविष्य उज्ज्वल माना जा रहा था। रिश्तेदारों और गांव के लोगों का कहना है कि अमित स्वभाव से शांत, मेहनती और मिलनसार युवक था। उसकी असमय मौत से न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे गांव में शोक का माहौल है।
स्थानीय लोगों ने इस हादसे के बाद नारनौंद–उचाना मार्ग पर बढ़ती दुर्घटनाओं को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि इस सड़क पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार आए दिन हादसों का कारण बन रही है। कई बार प्रशासन से स्पीड कंट्रोल और सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्ती बरती जाती तो शायद अमित की जान बच सकती थी।
परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी डंपर चालक को जल्द गिरफ्तार कर सख्त सजा दी जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही से होने वाले हादसों पर अंकुश लगाया जा सके। साथ ही उन्होंने सरकार से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की भी अपील की है, ताकि घर की आर्थिक स्थिति को कुछ सहारा मिल सके।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और फरार चालक की तलाश जारी है। वहीं, अमित की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और नम आंखों से उसे अंतिम विदाई दी। एक होनहार बैंककर्मी की सड़क हादसे में मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक तेज रफ्तार और लापरवाही लोगों की जिंदगियां छीनती रहेगी।

